Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 16 अगस्त 1927
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी मंगल 16 अगस्त को है: चतुर्थी किसी भी रात चंद्रोदय को नहीं छूती, और बाद का दिन लिया जाता है। मंगल 16 अगस्त क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़16 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 16 अगस्त
- 03:48–04:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:10 से
- 10:20–12:04लाभ चौघड़िया
- 11:36–12:04अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:04–13:47अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:47–14:33अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · उत्तर भाद्रपद में
- 15:30–17:14शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:57 के बाद
- 20:14–21:31लाभ चौघड़िया
- 22:47–23:03शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:44–00:04 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:04–01:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:49–04:30 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:10–06:53रोगअशुभ
- 06:53–08:37उद्वेगअशुभ
- 08:37–10:20चरसामान्य
- 10:20–12:04लाभशुभ
- 12:04–13:47अमृतगुलिक काल में
- 13:47–15:30कालअशुभ
- 15:30–17:14शुभराहु काल में
- 17:14–18:57रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:57–20:14कालअशुभ
- 20:14–21:31लाभशुभ
- 21:31–22:47उद्वेगअशुभ
- 22:47–00:04 बुधशुभ
- 00:04–01:21 बुधअमृतशुभ
- 01:21–02:37 बुधचरसामान्य
- 02:37–03:54 बुधरोगअशुभ
- 03:54–05:11 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 16 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:48–04:29, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:10–06:53
- उद्वेग, अशुभ, 06:53–08:37
- चर, सामान्य, 08:37–10:20
- लाभ, शुभ, 10:20–12:04
- अमृत, शुभ, 12:04–13:47
- काल, अशुभ, 13:47–15:30
- शुभ, 15:30–17:14
- रोग, अशुभ, 17:14–18:57
- काल, अशुभ, 18:57–20:14
- लाभ, शुभ, 20:14–21:31
- उद्वेग, अशुभ, 21:31–22:47
- शुभ, 22:47–00:04 बुध
- अमृत, शुभ, 00:04–01:21 बुध
- चर, सामान्य, 01:21–02:37 बुध
- रोग, अशुभ, 02:37–03:54 बुध
- काल, अशुभ, 03:54–05:11 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:55–08:50, अशुभ
- यमगण्ड, 08:37–10:20, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:31, शुभ
- गुलिक काल, 12:04–13:47, अशुभ
- राहु काल, 15:30–17:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:03–23:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:49–04:30 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में संकष्टी चतुर्थी मंगल 16 अगस्त को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी मंगल 16 अगस्त को है: चतुर्थी किसी भी रात चंद्रोदय को नहीं छूती, और बाद का दिन लिया जाता है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 15 अगस्त को 22:38 से मंगल 16 अगस्त को 19:33 तक है, दोनों रात के चंद्रोदय के बीच, किसी को नहीं छूती। तब धर्मसिंधु बाद का दिन लेता है: मंगल 16 अगस्त। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 16 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 219.8° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:10। तृतीया उससे पहले 22:38 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 19:33 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 13 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 16 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:48–04:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:48–04:29।
सोम 15 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:59 सोम से सूर्योदय 05:10 तक थी, 10 घं 11 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 16 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:31
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:31।
मंगल 16 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:55–08:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:55–08:50, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:03–23:44।
मंगल 16 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:03–23:44
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:55–08:50, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:03–23:44।
यहाँ दिन, 05:10 से 18:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:55–08:50 और 23:03–23:44।
मंगल 16 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:10–06:53 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:10 से 18:57, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:57 से 05:11 बुध, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 16 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:30–17:14
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:30–17:14।
मंगल 16 अगस्त को यमगंड कब है? 08:37–10:20
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:37–10:20।
मंगल 16 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:04–13:47
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:04–13:47।
यहाँ दिन 05:10 से 18:57 तक है, 13 घं 47 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 16 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:10, सूर्यास्त 18:57, 13 घं 47 मि का दिन।
मंगल 16 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:10, सूर्यास्त 18:57, 13 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 339.1° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 336°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 17:26 को निकलेगा, रेवती में।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 458.5° थे, एक चक्कर और 98.5°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 119.4° + 339.1° = 458.5°, एक पूरा चक्कर और 98.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 17:38 को समाप्त होता है, फिर शूल।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 219.8° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:04 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 19:33 तक।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:10, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:10 से 05:11 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 28 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 27 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
मंगल 16 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1984 · शक 1849
विक्रम संवत 1984 2 अप्रैल 1927 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 1927, 07:24 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 130.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1984 गिनता है; शक संवत 1849।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 16 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:14
चंद्रमा यहाँ 21:14 पर उदय होता है।
मंगल 16 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:37
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:14 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:14 पर उदय होगा।