tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 9 अक्टूबर 1925

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 08:20 तक

फिर अष्टमी · 10:51 शनि तक

त्योहार

अहोई अष्टमी

अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त
17:30⁠–⁠20:01
प्रदोष काल 17:30⁠–⁠20:01
व्रत
06:03⁠–⁠17:30
तारा दर्शन
17:30

अहोई अष्टमी शुक्र 9 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है, और किसी शाम नहीं। शुक्र 9 अक्टूबर क्यों?

अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:23 06:03 17:30अगला सूर्योदय 06:04 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:03–07:29चरसामान्य
  • 07:29–08:55लाभगुलिक काल में
  • 08:55–10:21अमृतशुभ
  • 10:21–11:47कालअशुभ
  • 11:47–13:12शुभ
  • 13:12–14:38रोगअशुभ
  • 14:38–16:04उद्वेगअशुभ
  • 16:04–17:30चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 17:30–19:04रोगअशुभ
  • 19:04–20:39कालअशुभ
  • 20:39–22:13लाभशुभ
  • 22:13–23:47उद्वेगअशुभ
  • 23:47–01:21 शनिशुभ
  • 01:21–02:56 शनिअमृतशुभ
  • 02:56–04:30 शनिचरसामान्य
  • 04:30–06:04 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 9 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:13, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:03–07:29
  • लाभ, शुभ, 07:29–08:55
  • अमृत, शुभ, 08:55–10:21
  • काल, अशुभ, 10:21–11:47
  • शुभ, 11:47–13:12
  • रोग, अशुभ, 13:12–14:38
  • उद्वेग, अशुभ, 14:38–16:04
  • चर, सामान्य, 16:04–17:30
  • रोग, अशुभ, 17:30–19:04
  • काल, अशुभ, 19:04–20:39
  • लाभ, शुभ, 20:39–22:13
  • उद्वेग, अशुभ, 22:13–23:47
  • शुभ, 23:47–01:21 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:21–02:56 शनि
  • चर, सामान्य, 02:56–04:30 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:30–06:04 शनि
  • गुलिक काल, 07:29–08:55, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:21–09:06, अशुभ
  • राहु काल, 10:21–11:47, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:24–12:09, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:09–12:55, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:38–16:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:14 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अहोई अष्टमी शुक्र 9 अक्टूबर को क्यों है?

अहोई अष्टमी शुक्र 9 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अष्टमी है, और किसी शाम नहीं।

अष्टमी 16:00 18:00 20:00 22:00 शुक्र 9 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:30–20:01
अष्टमी 16:00 18:00 20:00 22:00 शुक्र 9 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 17:30–20:01
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अहोई अष्टमी की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अष्टमी शुक्र 9 अक्टूबर को 08:20 से शनि 10 अक्टूबर को 10:51 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार का प्रदोष काल (17:30–20:01) उसके भीतर है। अहोई अष्टमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

अहोई अष्टमी: Sevan में हर तारीख़

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 263° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 263.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 263.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:03। षष्ठी उससे पहले 06:15 गुरु पर समाप्त हुई। सप्तमी 08:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 2 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 9 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:23–05:13

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:23–05:13।

सूर्यास्त 17:32 गुरु सूर्योदय 06:03 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 8 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:32 गुरु सूर्योदय 06:03 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 8 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 8 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:32 गुरु से सूर्योदय 06:03 तक थी, 12 घं 31 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 9 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:24–12:09

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:24–12:09।

शुक्र 9 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:21–09:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:21–09:06 और 12:09–12:55।

शुक्र 9 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:09–12:55

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:21–09:06 और 12:09–12:55।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:03 से 17:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:21–09:06 और 12:09–12:55।

शुक्र 9 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:03–07:29 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:03 से 17:30, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:30 से 06:04 शनि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 9 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 10:21–11:47

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:47।

शुक्र 9 अक्टूबर को यमगंड कब है? 14:38–16:04

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:38–16:04।

शुक्र 9 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 07:29–08:55

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:29–08:55।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:03 से 17:30 तक है, 11 घं 27 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 9 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:30, 11 घं 27 मि का दिन।

शुक्र 9 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 17:30, 11 घं 27 मि का दिन।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:57 चंद्रोदय 22:42
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:57 चंद्रोदय 22:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 75.4° पर था: आर्द्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 75.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 75.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:14 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा योग है? परिघ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 247.9° थे: परिघ।

सूर्य 172.5° + चंद्रमा 75.4° = 247.9° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 172.5° + चंद्रमा 75.4° = 247.9° परिघ 240°00′–253°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 172.5° + 75.4° = 247.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 16:07 को समाप्त होता है, फिर शिव।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 263° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 263.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° बव 258°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 263.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° बव 258°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 19:14 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 258° हुई; बव 08:20 तक है।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:03, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:03 से 06:04 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 18 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 9 अक्टूबर अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰ पूर्णिमा 31 अक्टू॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शुक्र 9 अक्टूबर अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰ पूर्णिमा 31 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

शुक्र 9 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847

विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 17:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 9 अक्टूबर सूर्य 172.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 17:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 9 अक्टूबर सूर्य 172.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 17:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 191.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 9 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:42

चंद्रमा यहाँ 22:42 पर उदय होता है।

शुक्र 9 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 12:57

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:57 चंद्रोदय 22:42
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:04 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 12:57 चंद्रोदय 22:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:57 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:42 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 12:57 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:42 पर उदय होगा।