tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 19 सितंबर 1925

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 07:56 तक

फिर द्वितीया · 08:12 रवि तक

त्योहार

शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
05:43⁠–⁠08:11
प्रातःकाल 05:43⁠–⁠08:11

धर्मसिंधु के अनुसार शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शनि 19 सितंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का शुक्र 18 सितंबर से अधिक भाग घेरती है। शनि 19 सितंबर क्यों?

शारदीय नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:10 05:43 18:03अगला सूर्योदय 05:44 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:43–07:16कालअशुभ
  • 07:16–08:48शुभ
  • 08:48–10:21रोगअशुभ
  • 10:21–11:53उद्वेगअशुभ
  • 11:53–13:26चरसामान्य
  • 13:26–14:58लाभयमगण्ड में
  • 14:58–16:31अमृतशुभ
  • 16:31–18:03कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:03–19:31लाभशुभ
  • 19:31–20:58उद्वेगअशुभ
  • 20:58–22:26शुभ
  • 22:26–23:54अमृतशुभ
  • 23:54–01:21 रविचरसामान्य
  • 01:21–02:49 रविरोगअशुभ
  • 02:49–04:17 रविकालअशुभ
  • 04:17–05:44 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 19 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:57, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:43–07:16
  • शुभ, 07:16–08:48
  • रोग, अशुभ, 08:48–10:21
  • उद्वेग, अशुभ, 10:21–11:53
  • चर, सामान्य, 11:53–13:26
  • लाभ, शुभ, 13:26–14:58
  • अमृत, शुभ, 14:58–16:31
  • काल, अशुभ, 16:31–18:03
  • लाभ, शुभ, 18:03–19:31
  • उद्वेग, अशुभ, 19:31–20:58
  • शुभ, 20:58–22:26
  • अमृत, शुभ, 22:26–23:54
  • चर, सामान्य, 23:54–01:21 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:21–02:49 रवि
  • काल, अशुभ, 02:49–04:17 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:17–05:44 रवि
  • गुलिक काल, 05:43–07:16, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:43–06:33, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:33–07:22, अशुभ
  • राहु काल, 08:48–10:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:18, शुभ
  • यमगण्ड, 13:26–14:58, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:11–04:57 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में शारदीय नवरात्रि शनि 19 सितंबर को क्यों है?

धर्मसिंधु के अनुसार शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना शनि 19 सितंबर को है: उस सुबह प्रतिपदा प्रातःकाल का शुक्र 18 सितंबर से अधिक भाग घेरती है।

अमावस्या प्रतिपदा 05:42 07:12 04:00 06:00 08:00 10:00 शुक्र 18 सितंबर प्रातःकाल 05:42–08:11
अमावस्या प्रतिपदा 05:42 07:12 04:00 06:00 10:00 शुक्र 18 सितंबर प्रातःकाल 05:42–08:11
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शुक्र 18 सितंबर को 07:12 से शनि 19 सितंबर को 07:56 तक है, और दोनों सुबह प्रातःकाल को छूती है। धर्मसिंधु वह सुबह लेता है जिसका प्रातःकाल उसमें अधिक है: शनि 19 सितंबर।

शारदीय नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

शनि 19 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 10.9° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 10.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 10.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:43। अमावस्या उससे पहले 07:12 शुक्र पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 07:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 18 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:10–04:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:10–04:57।

सूर्यास्त 18:05 शुक्र सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 18 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:05 शुक्र सूर्योदय 05:43 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 18 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 18 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:05 शुक्र से सूर्योदय 05:43 तक थी, 11 घं 38 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 19 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:18

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:18।

शनि 19 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 05:43–06:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:43–06:33 और 06:33–07:22।

शनि 19 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:33–07:22

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:43–06:33 और 06:33–07:22।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:43 से 18:03, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:43–06:33 और 06:33–07:22।

शनि 19 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:43–07:16 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:43 से 18:03, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:03 से 05:44 रवि, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 19 सितंबर को राहुकाल कब है? 08:48–10:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:48–10:21।

शनि 19 सितंबर को यमगंड कब है? 13:26–14:58

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:26–14:58।

शनि 19 सितंबर को गुलिक काल कब है? 05:43–07:16

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:43–07:16।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:43 से 18:03 तक है, 12 घं 20 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 19 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:43

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:03, 12 घं 20 मि का दिन।

शनि 19 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:43, सूर्यास्त 18:03, 12 घं 20 मि का दिन।

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:01 चंद्रोदय 06:38
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:01 चंद्रोदय 06:38
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 19 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 163.7° पर था: हस्त, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.7° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 163.7° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:42 को निकलेगा, चित्रा में।

शनि 19 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 316.5° थे: शुक्ल।

सूर्य 152.8° + चंद्रमा 163.7° = 316.5° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 152.8° + चंद्रमा 163.7° = 316.5° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 152.8° + 163.7° = 316.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 11:44 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

शनि 19 सितंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 10.9° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 10.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 10.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 19:37 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 07:56 तक है।

शनि 19 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:43, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:43 से 05:44 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 18 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 17 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

शनि 19 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन आश्विन कृष्ण शुक्ल शनि 19 सितंबर पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन आश्विन कृष्ण शुक्ल शनि 19 सितंबर पूर्णिमा 2 सित॰ अमावस्या 18 सित॰ पूर्णिमा 2 अक्टू॰ अमावस्या 17 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

शनि 19 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1982 · शक 1847

विक्रम संवत 1982 24 मार्च 1925 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 17:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 19 सितंबर सूर्य 152.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 24 मार्च 1925 17:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 19 सितंबर सूर्य 152.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1925, 17:02 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 172.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1982 गिनता है; शक संवत 1847।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 19 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:38

चंद्रमा यहाँ 06:38 पर उदय होता है।

शनि 19 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:01

सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:01 चंद्रोदय 06:38
सूर्योदय 05:43 सूर्यास्त 18:03 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:01 चंद्रोदय 06:38
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:38 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:01 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:38 पर उदय हुआ; वह फिर 19:01 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।