tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 12 फ़रवरी 1923

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 20:05 तक

फिर त्रयोदशी · 20:17 मंगल तक

व्रत का पारण

विजया एकादशी

पारण सोम 12 फ़रवरी, 06:59 से सूर्यास्त 17:30 तक
विजया एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:11 06:59 17:30अगला सूर्योदय 06:57 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:59–08:18अमृतशुभ
  • 08:18–09:36कालअशुभ
  • 09:36–10:55शुभ
  • 10:55–12:14रोगअशुभ
  • 12:14–13:33उद्वेगअशुभ
  • 13:33–14:52चरसामान्य
  • 14:52–16:11लाभशुभ
  • 16:11–17:30अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:30–19:11चरसामान्य
  • 19:11–20:52रोगअशुभ
  • 20:52–22:33कालअशुभ
  • 22:33–00:14 मंगललाभशुभ
  • 00:14–01:55 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:55–03:35 मंगलशुभ
  • 03:35–05:16 मंगलअमृतशुभ
  • 05:16–06:57 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 12 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:05, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:59–08:18
  • काल, अशुभ, 08:18–09:36
  • शुभ, 09:36–10:55
  • रोग, अशुभ, 10:55–12:14
  • उद्वेग, अशुभ, 12:14–13:33
  • चर, सामान्य, 13:33–14:52
  • लाभ, शुभ, 14:52–16:11
  • अमृत, शुभ, 16:11–17:30
  • चर, सामान्य, 17:30–19:11
  • रोग, अशुभ, 19:11–20:52
  • काल, अशुभ, 20:52–22:33
  • लाभ, शुभ, 22:33–00:14 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:14–01:55 मंगल
  • शुभ, 01:55–03:35 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:35–05:16 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:16–06:57 मंगल
  • राहु काल, 08:18–09:36, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:55–12:14, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:35, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:35–13:17, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:33–14:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:41–15:23, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–06:04 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 12 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 317.4° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 317.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 317.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:59। एकादशी उससे पहले 20:19 रवि पर समाप्त हुई। द्वादशी 20:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 1 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 12 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–06:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–06:05।

सूर्यास्त 17:29 रवि सूर्योदय 06:59 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 फ़रवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:29 रवि सूर्योदय 06:59 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 11 फ़रवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 11 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:29 रवि से सूर्योदय 06:59 तक थी, 13 घं 30 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 12 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:35।

सोम 12 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:35–13:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:35–13:17 और 14:41–15:23।

सोम 12 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:41–15:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:35–13:17 और 14:41–15:23।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:59 से 17:30, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:35–13:17 और 14:41–15:23।

सोम 12 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:59–08:18 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:59 से 17:30, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:30 से 06:57 मंगल, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 12 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 08:18–09:36

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:18–09:36।

सोम 12 फ़रवरी को यमगंड कब है? 10:55–12:14

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:14।

सोम 12 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 13:33–14:52

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:33–14:52।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:59 से 17:30 तक है, 10 घं 31 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 12 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 17:30, 10 घं 31 मि का दिन।

सोम 12 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 17:30, 10 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:27 चंद्रोदय 05:05 मंगल
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:27 चंद्रोदय 05:05 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 27 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 257.1° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 257.1° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 257.1° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:39 मंगल को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा योग है? वज्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 556.7° थे, एक चक्कर और 196.7°: वज्र।

सूर्य 299.6° + चंद्रमा 257.1° = 556.7° एक चक्कर + 196.7° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 299.6° + चंद्रमा 257.1° = 556.7° एक चक्कर + 196.7° वज्र 186°40′–200°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 299.6° + 257.1° = 556.7°, एक पूरा चक्कर और 196.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 12:36 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 317.4° थी: द्वादशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 317.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 317.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° कौलव 312°–318° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 08:08 तक है, जब बढ़त 318° होगी; तैतिल 20:05 तक।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:59, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:59 से 06:57 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ

यह मास 17 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 कुंभ 12 0° पृथ्वी मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 15 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल सोम 12 फ़रवरी अमावस्या 17 जन॰ पूर्णिमा 1 फ़र॰ अमावस्या 15 फ़र॰ पूर्णिमा 3 मार्च
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त माघ कृष्ण शुक्ल सोम 12 फ़रवरी अमावस्या 17 जन॰ पूर्णिमा 1 फ़र॰ अमावस्या 15 फ़र॰ पूर्णिमा 3 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।

सोम 12 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1979 · शक 1844

विक्रम संवत 1979 28 मार्च 1922 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1922 16:03 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 फ़रवरी सूर्य 299.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 1922 16:03 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 12 फ़रवरी सूर्य 299.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 1922, 16:03 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 315.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1979 गिनता है; शक संवत 1844।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 12 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:05 मंगल

चंद्रमा यहाँ 05:05 मंगल पर उदय होता है।

सोम 12 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:27

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:27 चंद्रोदय 05:05 मंगल
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 17:30 सूर्योदय 06:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:27 चंद्रोदय 05:05 मंगल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:27 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:05 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:27 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:05 मंगल पर उदय होगा।