Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 17 अक्टूबर 1922
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
रमा एकादशी
रमा एकादशी मंगल 17 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 17 अक्टूबर क्यों?
रमा एकादशी: Sevan में हर तारीख़17 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 17 अक्टूबर
- 04:29–05:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:11 से
- 10:21–11:45लाभ चौघड़िया
- 11:23–11:45अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:45–13:08अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:31–15:55शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:18 के बाद
- 18:55–20:32लाभ चौघड़िया
- 22:08–22:28शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:19–23:45शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:45–01:22 बुधअमृत चौघड़िया
-
00:01–01:27 बुधअमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 04:29–05:21 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:11–07:35रोगअशुभ
- 07:35–08:58उद्वेगअशुभ
- 08:58–10:21चरसामान्य
- 10:21–11:45लाभशुभ
- 11:45–13:08अमृतगुलिक काल में
- 13:08–14:31कालअशुभ
- 14:31–15:55शुभराहु काल में
- 15:55–17:18रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:18–18:55कालअशुभ
- 18:55–20:32लाभशुभ
- 20:32–22:08उद्वेगअशुभ
- 22:08–23:45शुभ
- 23:45–01:22 बुधअमृतशुभ
- 01:22–02:59 बुधचरसामान्य
- 02:59–04:36 बुधरोगअशुभ
- 04:36–06:13 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 17 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:20, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:11–07:35
- उद्वेग, अशुभ, 07:35–08:58
- चर, सामान्य, 08:58–10:21
- लाभ, शुभ, 10:21–11:45
- अमृत, शुभ, 11:45–13:08
- काल, अशुभ, 13:08–14:31
- शुभ, 14:31–15:55
- रोग, अशुभ, 15:55–17:18
- काल, अशुभ, 17:18–18:55
- लाभ, शुभ, 18:55–20:32
- उद्वेग, अशुभ, 20:32–22:08
- शुभ, 22:08–23:45
- अमृत, शुभ, 23:45–01:22 बुध
- चर, सामान्य, 01:22–02:59 बुध
- रोग, अशुभ, 02:59–04:36 बुध
- काल, अशुभ, 04:36–06:13 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:25–09:09, अशुभ
- यमगण्ड, 08:58–10:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:07, शुभ
- गुलिक काल, 11:45–13:08, अशुभ
- राहु काल, 14:31–15:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:28–23:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:29–05:21 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में रमा एकादशी मंगल 17 अक्टूबर को क्यों है?
रमा एकादशी मंगल 17 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 17 अक्टूबर को सूर्योदय पर है, 06:09: मंगल 17 अक्टूबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:50 सोम पर, उससे (04:33–06:09) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.9° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:11। दशमी उससे पहले 08:52 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 06:15 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 6 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वादशी क्षय क्यों है?
द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 06:15 को शुरू हुई और 03:11 बुध को समाप्त, 06:11 और 06:13 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को एकादशी है और बुधवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 17 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:29–05:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:29–05:20।
सोम 16 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:20 सोम से सूर्योदय 06:11 तक थी, 12 घं 51 मि। इसे 51 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 17 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:07
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:07।
मंगल 17 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:25–09:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:25–09:09, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:28–23:19।
मंगल 17 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:28–23:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:25–09:09, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:28–23:19।
यहाँ दिन, 06:11 से 17:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 44 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:25–09:09 और 22:28–23:19।
मंगल 17 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:11–07:35 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:11 से 17:18, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:18 से 06:13 बुध, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 17 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 14:31–15:55
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:31–15:55।
मंगल 17 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:58–10:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:58–10:21।
मंगल 17 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:45–13:08
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:45–13:08।
यहाँ दिन 06:11 से 17:18 तक है, 11 घं 7 मि। इसे 1 घं 23 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 17 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:18, 11 घं 7 मि का दिन।
मंगल 17 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:18, 11 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 132.2° पर था: मघा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 130° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:08 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 312.4° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 180.2° + 132.2° = 312.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 17:55 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.9° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 19:37 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:15 तक है।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:11, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:11 से 06:13 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 21 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
मंगल 17 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1979 · शक 1844
विक्रम संवत 1979 28 मार्च 1922 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 1922, 16:03 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 195.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1979 गिनता है; शक संवत 1844।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 17 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:18 बुध
चंद्रमा यहाँ 03:18 बुध पर उदय होता है।
मंगल 17 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:24
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:18 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:18 बुध पर उदय होगा।