Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 27 मार्च 1922
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
27 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 27 मार्च
- 04:20–05:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:53 से
- 05:53–07:26अमृत चौघड़िया
- 08:59–10:32शुभ चौघड़िया
-
08:59–10:32अमृत कालराहु काल, यमगण्ड छोड़कर · पूर्व भाद्रपद में
- 12:06–12:30अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:49–16:45लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:45–18:18अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:18 के बाद
- 22:38–00:05 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:31–02:58 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:58–04:25 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:19–05:05 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:53–07:26अमृतशुभ
- 07:26–08:59कालअशुभ
- 08:59–10:32शुभ
- 10:32–12:06रोगअशुभ
- 12:06–13:39उद्वेगअशुभ
- 13:39–15:12चरसामान्य
- 15:12–16:45लाभशुभ
- 16:45–18:18अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:18–19:45चरसामान्य
- 19:45–21:11रोगअशुभ
- 21:11–22:38कालअशुभ
- 22:38–00:05 मंगललाभशुभ
- 00:05–01:31 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:31–02:58 मंगलशुभ
- 02:58–04:25 मंगलअमृतशुभ
- 04:25–05:52 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 27 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:20–05:07, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:53–07:26
- काल, अशुभ, 07:26–08:59
- शुभ, 08:59–10:32
- रोग, अशुभ, 10:32–12:06
- उद्वेग, अशुभ, 12:06–13:39
- चर, सामान्य, 13:39–15:12
- लाभ, शुभ, 15:12–16:45
- अमृत, शुभ, 16:45–18:18
- चर, सामान्य, 18:18–19:45
- रोग, अशुभ, 19:45–21:11
- काल, अशुभ, 21:11–22:38
- लाभ, शुभ, 22:38–00:05 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:05–01:31 मंगल
- शुभ, 01:31–02:58 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:58–04:25 मंगल
- चर, सामान्य, 04:25–05:52 मंगल
- राहु काल, 07:26–08:59, अशुभ
- यमगण्ड, 10:32–12:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:41–12:30, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:30–13:20, अशुभ
- गुलिक काल, 13:39–15:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:59–15:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:19–05:05 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 27 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 344.5° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:53। त्रयोदशी उससे पहले 11:04 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 13:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 13 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 27 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:20–05:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:20–05:07।
रवि 26 मार्च की रात सूर्यास्त 18:17 रवि से सूर्योदय 05:53 तक थी, 11 घं 36 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 27 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:41–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:41–12:30।
सोम 27 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:30–13:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:20 और 14:59–15:49।
सोम 27 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:59–15:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:20 और 14:59–15:49।
यहाँ दिन, 05:53 से 18:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:30–13:20 और 14:59–15:49।
सोम 27 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:53–07:26 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:53 से 18:18, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:18 से 05:52 मंगल, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 27 मार्च को राहुकाल कब है? 07:26–08:59
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:26–08:59।
सोम 27 मार्च को यमगंड कब है? 10:32–12:06
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:32–12:06।
सोम 27 मार्च को गुलिक काल कब है? 13:39–15:12
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:39–15:12।
यहाँ दिन 05:53 से 18:18 तक है, 12 घं 25 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 27 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:18, 12 घं 25 मि का दिन।
सोम 27 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:18, 12 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 27 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 327.4° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 326°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:57 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
सोम 27 मार्च को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 670.3° थे, एक चक्कर और 310.3°: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 342.9° + 327.4° = 670.3°, एक पूरा चक्कर और 310.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 00:04 मंगल को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 27 मार्च को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 344.5° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 00:22 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 13:39 तक है।
सोम 27 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:53, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:53 से 05:52 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 27 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 26 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 28 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
सोम 27 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
सोम 27 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1978 · शक 1843
विक्रम संवत 1978 8 अप्रैल 1921 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1921, 12:04 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 347.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1978 गिनता है; शक संवत 1843।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 27 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:43 मंगल
चंद्रमा यहाँ 05:43 मंगल पर उदय होता है।
सोम 27 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:23
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:23 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:43 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:23 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:43 मंगल पर उदय होगा।