tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 10 नवंबर 1920

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 19:04 तक

फिर प्रतिपदा · 20:28 गुरु तक

त्योहार

दीवाली · लक्ष्मी पूजा

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
16:57⁠–⁠18:44
प्रदोष काल 16:47⁠–⁠19:34

निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा बुध 10 नवंबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल का मंगल 9 नवंबर से अधिक भाग घेरती है। बुध 10 नवंबर क्यों?

दीवाली: Sevan में हर तारीख़

व्रत

अमावस्या

अमावस्या बुध 10 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 10 नवंबर क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:49 06:39 16:47अगला सूर्योदय 06:41 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:39–07:55लाभशुभ
  • 07:55–09:11अमृतयमगण्ड में
  • 09:11–10:27कालअशुभ
  • 10:27–11:43शुभगुलिक काल में
  • 11:43–12:59रोगअशुभ
  • 12:59–14:15उद्वेगअशुभ
  • 14:15–15:31चरसामान्य
  • 15:31–16:47लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:47–18:31उद्वेगअशुभ
  • 18:31–20:15शुभ
  • 20:15–22:00अमृतशुभ
  • 22:00–23:44चरसामान्य
  • 23:44–01:28 गुरुरोगअशुभ
  • 01:28–03:12 गुरुकालअशुभ
  • 03:12–04:56 गुरुलाभशुभ
  • 04:56–06:41 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 10 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:44, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:39–07:55
  • अमृत, शुभ, 07:55–09:11
  • काल, अशुभ, 09:11–10:27
  • शुभ, 10:27–11:43
  • रोग, अशुभ, 11:43–12:59
  • उद्वेग, अशुभ, 12:59–14:15
  • चर, सामान्य, 14:15–15:31
  • लाभ, शुभ, 15:31–16:47
  • उद्वेग, अशुभ, 16:47–18:31
  • शुभ, 18:31–20:15
  • अमृत, शुभ, 20:15–22:00
  • चर, सामान्य, 22:00–23:44
  • रोग, अशुभ, 23:44–01:28 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:28–03:12 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:12–04:56 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:56–06:41 गुरु
  • यमगण्ड, 07:55–09:11, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:27–11:43, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:23–12:04, अशुभ
  • राहु काल, 11:43–12:59, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:49–05:45 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में दीवाली बुध 10 नवंबर को क्यों है?

निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा बुध 10 नवंबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल का मंगल 9 नवंबर से अधिक भाग घेरती है।

चतुर्दशी अमावस्या 18:08 15:00 17:00 19:00 21:00 मंगल 9 नवंबर प्रदोष काल 16:48–19:34
चतुर्दशी अमावस्या 18:08 15:00 17:00 21:00 मंगल 9 नवंबर प्रदोष काल 16:48–19:34
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या मंगल 9 नवंबर को 18:06 से बुध 10 नवंबर को 19:02 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: बुध 10 नवंबर। हर मत यही दिन लेता है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 16:45–19:32। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 16:55 से 18:42 तक उदित रहता है।

दीवाली: Sevan में हर तारीख़

Sevan में अमावस्या बुध 10 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या बुध 10 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 9 नवंबर सूर्योदय 06:38
चतुर्दशी 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 9 नवंबर सूर्योदय 06:38
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 9 नवंबर को 18:06 से बुध 10 नवंबर को 19:02 तक है, इसलिए वह केवल बुध 10 नवंबर के सूर्योदय (06:37) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

बुध 10 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 354.1° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 354.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 354.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:39। चतुर्दशी उससे पहले 18:08 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 19:04 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 27 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

बुध 10 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:49–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:49–05:44।

सूर्यास्त 16:48 मंगल सूर्योदय 06:39 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 9 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:48 मंगल सूर्योदय 06:39 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 9 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 9 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:48 मंगल से सूर्योदय 06:39 तक थी, 13 घं 51 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 10 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:23–12:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:23–12:04।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:39 से 16:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:23–12:04: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 10 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:39–07:55 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:39 से 16:47, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:47 से 06:41 गुरु, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 10 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:43–12:59

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:43–12:59।

बुध 10 नवंबर को यमगंड कब है? 07:55–09:11

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:55–09:11।

बुध 10 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:27–11:43

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:27–11:43।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:39 से 16:47 तक है, 10 घं 8 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 10 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:39

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 16:47, 10 घं 8 मि का दिन।

बुध 10 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:47

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 16:47, 10 घं 8 मि का दिन।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:43
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 8 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 10 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? स्वाती

सूर्योदय पर चंद्रमा 198.8° पर था: स्वाती, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.8° अगला: विशाखा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° स्वाती चंद्रमा 198.8° अगला: विशाखा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। स्वाती 186°40′–200°00′ तक है; चंद्रमा 196°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:02 को निकलेगा, विशाखा में।

बुध 10 नवंबर को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 403.5° थे, एक चक्कर और 43.5°: सौभाग्य।

सूर्य 204.7° + चंद्रमा 198.8° = 403.5° एक चक्कर + 43.5° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 204.7° + चंद्रमा 198.8° = 403.5° एक चक्कर + 43.5° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 204.7° + 198.8° = 403.5°, एक पूरा चक्कर और 43.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 00:14 गुरु को समाप्त होता है, फिर शोभन।

बुध 10 नवंबर को कौन सा करण है? नाग

सूर्योदय पर बढ़त 354.1° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।

सूर्य अमावस्या 0° 354.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 354.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° नाग 354°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 06:33 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 19:04 तक है।

बुध 10 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:39, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:39 से 06:41 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 12 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 10 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

बुध 10 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 10 नवंबर अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰ अमावस्या 10 नव॰ पूर्णिमा 26 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक आश्विन कृष्ण शुक्ल बुध 10 नवंबर अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰ अमावस्या 10 नव॰ पूर्णिमा 26 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।

बुध 10 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1977 · शक 1842

विक्रम संवत 1977 20 मार्च 1920 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1920 13:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 10 नवंबर सूर्य 204.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1920 13:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 10 नवंबर सूर्य 204.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1920, 13:55 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 227.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1977 गिनता है; शक संवत 1842।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 10 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:43

चंद्रमा यहाँ 16:43 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:43
सूर्योदय 06:39 सूर्यास्त 16:47 सूर्योदय 06:41 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 16:43
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 16:43 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।