tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 7 अक्टूबर 1920

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:22 06:01 17:33अगला सूर्योदय 06:02 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:01–07:28शुभयमगण्ड में
  • 07:28–08:54रोगअशुभ
  • 08:54–10:21उद्वेगअशुभ
  • 10:21–11:47चरसामान्य
  • 11:47–13:14लाभशुभ
  • 13:14–14:40अमृतराहु काल में
  • 14:40–16:06कालअशुभ
  • 16:06–17:33शुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:33–19:07अमृतशुभ
  • 19:07–20:40चरसामान्य
  • 20:40–22:14रोगअशुभ
  • 22:14–23:48कालअशुभ
  • 23:48–01:21 शुक्रलाभशुभ
  • 01:21–02:55 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:55–04:29 शुक्रशुभ
  • 04:29–06:02 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 7 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:22–05:12, शुभ
  • शुभ, 06:01–07:28
  • रोग, अशुभ, 07:28–08:54
  • उद्वेग, अशुभ, 08:54–10:21
  • चर, सामान्य, 10:21–11:47
  • लाभ, शुभ, 11:47–13:14
  • अमृत, शुभ, 13:14–14:40
  • काल, अशुभ, 14:40–16:06
  • शुभ, 16:06–17:33
  • अमृत, शुभ, 17:33–19:07
  • चर, सामान्य, 19:07–20:40
  • रोग, अशुभ, 20:40–22:14
  • काल, अशुभ, 22:14–23:48
  • लाभ, शुभ, 23:48–01:21 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:21–02:55 शुक्र
  • शुभ, 02:55–04:29 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:29–06:02 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:01–07:28, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:54–10:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:52–10:38, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:24–12:10, शुभ
  • राहु काल, 13:14–14:40, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:28–15:15, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:23–05:12 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 297.5° आगे था: कृष्ण दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 297.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 297.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 288°–300° पच्चीसवीं है, कृष्ण दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। नवमी उससे पहले 12:37 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 10:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 300° होगी। बढ़त 28 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 7 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:22–05:12

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:22–05:12।

सूर्यास्त 17:34 बुध सूर्योदय 06:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 6 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:34 बुध सूर्योदय 06:01 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 6 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 6 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:34 बुध से सूर्योदय 06:01 तक थी, 12 घं 27 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 7 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:24–12:10

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:24–12:10।

गुरु 7 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:52–10:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:52–10:38 और 14:28–15:15।

गुरु 7 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:28–15:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:52–10:38 और 14:28–15:15।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:01 से 17:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:52–10:38 और 14:28–15:15।

गुरु 7 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:01–07:28 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:01 से 17:33, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:33 से 06:02 शुक्र, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 7 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 13:14–14:40

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:14–14:40।

गुरु 7 अक्टूबर को यमगंड कब है? 06:01–07:28

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:01–07:28।

गुरु 7 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 08:54–10:21

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:54–10:21।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:01 से 17:33 तक है, 11 घं 32 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 7 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 17:33, 11 घं 32 मि का दिन।

गुरु 7 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 17:33, 11 घं 32 मि का दिन।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:42 चंद्रोदय 01:57 शुक्र
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:42 चंद्रोदय 01:57 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? अश्लेशा

सूर्योदय पर चंद्रमा 108.3° पर था: अश्लेशा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 108.3° अगला: मघा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्लेशा चंद्रमा 108.3° अगला: मघा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्लेशा 106°40′–120°00′ तक है; चंद्रमा 106°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:56 शुक्र को निकलेगा, मघा में।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 279.1° थे: सिद्ध।

सूर्य 170.8° + चंद्रमा 108.3° = 279.1° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 170.8° + चंद्रमा 108.3° = 279.1° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 170.8° + 108.3° = 279.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 07:26 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 297.5° थी: दशमी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 297.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 297.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल दशमी 288°–300° विष्टि 294°–300° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 23:34 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 294° हुई; विष्टि 10:32 तक है।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:02 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 12 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 12 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 7 अक्टूबर अमावस्या 12 सित॰ पूर्णिमा 28 सित॰ अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल गुरु 7 अक्टूबर अमावस्या 12 सित॰ पूर्णिमा 28 सित॰ अमावस्या 12 अक्टू॰ पूर्णिमा 27 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।

गुरु 7 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1977 · शक 1842

विक्रम संवत 1977 20 मार्च 1920 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1920 13:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 7 अक्टूबर सूर्य 170.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1920 13:55 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 7 अक्टूबर सूर्य 170.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1920, 13:55 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 194° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1977 गिनता है; शक संवत 1842।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 7 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:57 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 01:57 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 7 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:42

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:42 चंद्रोदय 01:57 शुक्र
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 17:33 सूर्योदय 06:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:42 चंद्रोदय 01:57 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:42 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:57 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:42 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:57 शुक्र पर उदय होगा।