Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 10 अगस्त 1920
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
परमा एकादशी
परमा एकादशी मंगल 10 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 10 अगस्त क्यों?
परमा एकादशी: Sevan में हर तारीख़10 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 अगस्त
- 03:45–04:25ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:04 से
- 10:19–12:04लाभ चौघड़िया
-
11:11–12:04अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · मृगशिरा में
- 11:36–12:04अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:04–13:49अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:34–17:19शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:04 के बाद
- 20:19–21:35लाभ चौघड़िया
- 22:50–23:05शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:45–00:05 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:05–01:20 बुधअमृत चौघड़िया
- 03:45–04:25 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:04–06:49रोगअशुभ
- 06:49–08:34उद्वेगअशुभ
- 08:34–10:19चरसामान्य
- 10:19–12:04लाभशुभ
- 12:04–13:49अमृतगुलिक काल में
- 13:49–15:34कालअशुभ
- 15:34–17:19शुभराहु काल में
- 17:19–19:04रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:04–20:19कालअशुभ
- 20:19–21:35लाभशुभ
- 21:35–22:50उद्वेगअशुभ
- 22:50–00:05 बुधशुभ
- 00:05–01:20 बुधअमृतशुभ
- 01:20–02:35 बुधचरसामान्य
- 02:35–03:50 बुधरोगअशुभ
- 03:50–05:05 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 10 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:45–04:25, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:04–06:49
- उद्वेग, अशुभ, 06:49–08:34
- चर, सामान्य, 08:34–10:19
- लाभ, शुभ, 10:19–12:04
- अमृत, शुभ, 12:04–13:49
- काल, अशुभ, 13:49–15:34
- शुभ, 15:34–17:19
- रोग, अशुभ, 17:19–19:04
- काल, अशुभ, 19:04–20:19
- लाभ, शुभ, 20:19–21:35
- उद्वेग, अशुभ, 21:35–22:50
- शुभ, 22:50–00:05 बुध
- अमृत, शुभ, 00:05–01:20 बुध
- चर, सामान्य, 01:20–02:35 बुध
- रोग, अशुभ, 02:35–03:50 बुध
- काल, अशुभ, 03:50–05:05 बुध
- दुर्मुहूर्त, 07:52–08:48, अशुभ
- यमगण्ड, 08:34–10:19, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:32, शुभ
- गुलिक काल, 12:04–13:49, अशुभ
- राहु काल, 15:34–17:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:05–23:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:45–04:25 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में परमा एकादशी मंगल 10 अगस्त को क्यों है?
परमा एकादशी मंगल 10 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 10 अगस्त को सूर्योदय पर है, 05:02: मंगल 10 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 22:32 सोम पर, उससे (03:26–05:02) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 10 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 303.7° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:04। दशमी उससे पहले 22:34 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 19:42 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 31 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 10 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:45–04:25
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:45–04:25।
सोम 9 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:06 सोम से सूर्योदय 05:04 तक थी, 9 घं 58 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 10 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:32।
मंगल 10 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 07:52–08:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:52–08:48, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:05–23:45।
मंगल 10 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:05–23:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:52–08:48, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:05–23:45।
यहाँ दिन, 05:04 से 19:04, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:52–08:48 और 23:05–23:45।
मंगल 10 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:04–06:49 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:04 से 19:04, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:04 से 05:05 बुध, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 10 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:34–17:19
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:34–17:19।
मंगल 10 अगस्त को यमगंड कब है? 08:34–10:19
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:19।
मंगल 10 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:04–13:49
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:04–13:49।
यहाँ दिन 05:04 से 19:04 तक है, 14 घं 0 मि। इसे 1 घं 45 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 10 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 19:04, 14 घं 0 मि का दिन।
मंगल 10 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:04, सूर्यास्त 19:04, 14 घं 0 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 58° पर था: मृगशिरा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 56°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:14 को निकलेगा, आर्द्रा में।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा योग है? व्याघात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 172.4° थे: व्याघात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 114.4° + 58° = 172.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 06:29 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 303.7° थी: एकादशी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 09:10 तक है, जब बढ़त 306° होगी; बालव 19:42 तक।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:04, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:04 से 05:05 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
15 जुलाई और 14 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जुलाई 23:24 गुरु से 14 अगस्त 06:43 शनि तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 01:42 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।
मंगल 10 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1977 · शक 1842
विक्रम संवत 1977 20 मार्च 1920 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1920, 13:55 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 137.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1977 गिनता है; शक संवत 1842।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 10 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:49 बुध
चंद्रमा यहाँ 01:49 बुध पर उदय होता है।
मंगल 10 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:49 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:49 बुध पर उदय होगा।