tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 25 जुलाई 1919

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 12:47 तक

फिर चतुर्दशी · 10:26 शनि तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:47⁠–⁠00:25 शनि
निशीथ काल 23:47⁠–⁠00:25 शनि

मासिक शिवरात्रि शुक्र 25 जुलाई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। शुक्र 25 जुलाई क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:33 04:49 19:22अगला सूर्योदय 04:50 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:49–06:38चरसामान्य
  • 06:38–08:27लाभगुलिक काल में
  • 08:27–10:16अमृतशुभ
  • 10:16–12:06कालअशुभ
  • 12:06–13:55शुभ
  • 13:55–15:44रोगअशुभ
  • 15:44–17:33उद्वेगअशुभ
  • 17:33–19:22चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 19:22–20:33रोगअशुभ
  • 20:33–21:44कालअशुभ
  • 21:44–22:55लाभशुभ
  • 22:55–00:06 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:06–01:17 शनिशुभ
  • 01:17–02:28 शनिअमृतशुभ
  • 02:28–03:39 शनिचरसामान्य
  • 03:39–04:50 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 25 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:33–04:11, शुभ
  • चर, सामान्य, 04:49–06:38
  • लाभ, शुभ, 06:38–08:27
  • अमृत, शुभ, 08:27–10:16
  • काल, अशुभ, 10:16–12:06
  • शुभ, 12:06–13:55
  • रोग, अशुभ, 13:55–15:44
  • उद्वेग, अशुभ, 15:44–17:33
  • चर, सामान्य, 17:33–19:22
  • रोग, अशुभ, 19:22–20:33
  • काल, अशुभ, 20:33–21:44
  • लाभ, शुभ, 21:44–22:55
  • उद्वेग, अशुभ, 22:55–00:06 शनि
  • शुभ, 00:06–01:17 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:17–02:28 शनि
  • चर, सामान्य, 02:28–03:39 शनि
  • रोग, अशुभ, 03:39–04:50 शनि
  • गुलिक काल, 06:38–08:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:43–08:42, अशुभ
  • राहु काल, 10:16–12:06, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:36–12:35, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:35–13:33, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:44–17:33, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:34–04:12 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मासिक शिवरात्रि शुक्र 25 जुलाई को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि शुक्र 25 जुलाई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 24 जुलाई निशीथ काल 23:47–00:25 शुक्र
त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 गुरु 24 जुलाई निशीथ काल 23:47–00:25 शुक्र
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी शुक्र 25 जुलाई को 12:45 से शनि 26 जुलाई को 10:24 तक है, इसलिए केवल शुक्रवार की रात का निशीथ काल (23:45–00:23 शनि) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

शुक्र 25 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 331.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 331.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:49। द्वादशी उससे पहले 15:17 गुरु पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 12:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 13 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 25 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:33–04:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:33–04:11।

सूर्यास्त 19:23 गुरु सूर्योदय 04:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 24 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:23 गुरु सूर्योदय 04:49 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 24 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 24 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:23 गुरु से सूर्योदय 04:49 तक थी, 9 घं 26 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 25 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:36–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:36–12:35।

शुक्र 25 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:43–08:42

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:43–08:42 और 12:35–13:33।

शुक्र 25 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:35–13:33

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:43–08:42 और 12:35–13:33।

सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 04:49 से 19:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:43–08:42 और 12:35–13:33।

शुक्र 25 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:49–06:38 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:49 से 19:22, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:22 से 04:50 शनि, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 25 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:16–12:06

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:16–12:06।

शुक्र 25 जुलाई को यमगंड कब है? 15:44–17:33

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:44–17:33।

शुक्र 25 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:38–08:27

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:38–08:27।

सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 04:49 से 19:22 तक है, 14 घं 33 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 25 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:49, सूर्यास्त 19:22, 14 घं 33 मि का दिन।

शुक्र 25 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:49, सूर्यास्त 19:22, 14 घं 33 मि का दिन।

सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:46 चंद्रोदय 03:51 शनि
सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:46 चंद्रोदय 03:51 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 33 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 69.9° पर था: आर्द्रा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 69.9° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 69.9° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 21:45 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 168.2° थे: व्याघात।

सूर्य 98.3° + चंद्रमा 69.9° = 168.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 98.3° + चंद्रमा 69.9° = 168.2° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 98.3° + 69.9° = 168.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 12:49 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 331.6° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 331.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 331.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 02:02 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 12:47 तक है।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 04:49, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:49 से 04:50 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 27 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 27 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शुक्र 25 जुलाई अमावस्या 27 जून पूर्णिमा 13 जुल॰ अमावस्या 27 जुल॰ पूर्णिमा 11 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल शुक्र 25 जुलाई अमावस्या 27 जून पूर्णिमा 13 जुल॰ अमावस्या 27 जुल॰ पूर्णिमा 11 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

शुक्र 25 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1976 · शक 1841

विक्रम संवत 1976 1 अप्रैल 1919 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1919 00:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 25 जुलाई सूर्य 98.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1919 00:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 25 जुलाई सूर्य 98.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1919, 00:04 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 110.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1976 गिनता है; शक संवत 1841।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 25 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:51 शनि

चंद्रमा यहाँ 03:51 शनि पर उदय होता है।

शुक्र 25 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:46

सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:46 चंद्रोदय 03:51 शनि
सूर्योदय 04:49 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 04:50 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:46 चंद्रोदय 03:51 शनि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:51 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:51 शनि पर उदय होगा।