tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 13 अक्टूबर 1917

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 02:03 रवि तक

फिर चतुर्दशी · 04:02 सोम तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
17:24⁠–⁠19:57
प्रदोष काल 17:24⁠–⁠19:57

प्रदोष व्रत शनि 13 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शनि 13 अक्टूबर क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:26 06:07 17:24अगला सूर्योदय 06:08 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:07–07:32कालअशुभ
  • 07:32–08:57शुभ
  • 08:57–10:21रोगअशुभ
  • 10:21–11:46उद्वेगअशुभ
  • 11:46–13:10चरसामान्य
  • 13:10–14:35लाभयमगण्ड में
  • 14:35–15:59अमृतशुभ
  • 15:59–17:24कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:24–18:59लाभशुभ
  • 18:59–20:35उद्वेगअशुभ
  • 20:35–22:11शुभ
  • 22:11–23:46अमृतशुभ
  • 23:46–01:22 रविचरसामान्य
  • 01:22–02:57 रविरोगअशुभ
  • 02:57–04:33 रविकालअशुभ
  • 04:33–06:08 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 13 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:17, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:07–07:32
  • शुभ, 07:32–08:57
  • रोग, अशुभ, 08:57–10:21
  • उद्वेग, अशुभ, 10:21–11:46
  • चर, सामान्य, 11:46–13:10
  • लाभ, शुभ, 13:10–14:35
  • अमृत, शुभ, 14:35–15:59
  • काल, अशुभ, 15:59–17:24
  • लाभ, शुभ, 17:24–18:59
  • उद्वेग, अशुभ, 18:59–20:35
  • शुभ, 20:35–22:11
  • अमृत, शुभ, 22:11–23:46
  • चर, सामान्य, 23:46–01:22 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:22–02:57 रवि
  • काल, अशुभ, 02:57–04:33 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:33–06:08 रवि
  • गुलिक काल, 06:07–07:32, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:07–06:53, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:53–07:38, अशुभ
  • राहु काल, 08:57–10:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:08, शुभ
  • यमगण्ड, 13:10–14:35, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:18 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत शनि 13 अक्टूबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत शनि 13 अक्टूबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 16:00 17:00 18:00 19:00 20:00 21:00 शुक्र 12 अक्टूबर प्रदोष काल 17:25–19:58
द्वादशी 16:00 18:00 20:00 शुक्र 12 अक्टूबर प्रदोष काल 17:25–19:58
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शुक्र 12 अक्टूबर को 23:43 से रवि 14 अक्टूबर को 02:01 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (17:22–19:55) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

शनि 13 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 326.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 326.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 326.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:07। द्वादशी उससे पहले 23:45 शुक्र पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 02:03 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 30 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 13 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:17

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:17।

सूर्यास्त 17:25 शुक्र सूर्योदय 06:07 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 12 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:25 शुक्र सूर्योदय 06:07 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 12 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 12 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:25 शुक्र से सूर्योदय 06:07 तक थी, 12 घं 42 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 13 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:08

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:08।

शनि 13 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:07–06:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:07–06:53 और 06:53–07:38।

शनि 13 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:53–07:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:07–06:53 और 06:53–07:38।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:07 से 17:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:07–06:53 और 06:53–07:38।

शनि 13 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:07–07:32 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:07 से 17:24, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:24 से 06:08 रवि, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 13 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:57–10:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:57–10:21।

शनि 13 अक्टूबर को यमगंड कब है? 13:10–14:35

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:10–14:35।

शनि 13 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 06:07–07:32

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:07–07:32।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:07 से 17:24 तक है, 11 घं 17 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 13 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 17:24, 11 घं 17 मि का दिन।

शनि 13 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 17:24, 11 घं 17 मि का दिन।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:49 चंद्रोदय 04:26 रवि
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:49 चंद्रोदय 04:26 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 143.4° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 143.4° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 143.4° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 143°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:42 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा योग है? शुक्ल

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 319.9° थे: शुक्ल।

सूर्य 176.5° + चंद्रमा 143.4° = 319.9° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 176.5° + चंद्रमा 143.4° = 319.9° शुक्ल 306°40′–320°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 176.5° + 143.4° = 319.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 06:19 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 326.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 326.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 326.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° गर 324°–330° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 12:56 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 02:03 रवि तक।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:07, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:07 से 06:08 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन (अधिक)

16 सितंबर और 16 अक्टूबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 सितंबर 13:27 रवि से 16 अक्टूबर 05:40 मंगल तक सूर्य कन्या में रहा; तुला में वह अमावस्या के बाद 16 अक्टूबर 18:55 मंगल को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आश्विन है, जो आश्विन से पहले आता है।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 13 अक्टूबर अमावस्या 16 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰ अमावस्या 16 अक्टू॰ पूर्णिमा 30 अक्टू॰
अमान्त पूर्णिमान्त आश्विन (अधिक) आश्विन (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 13 अक्टूबर अमावस्या 16 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰ अमावस्या 16 अक्टू॰ पूर्णिमा 30 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन (अधिक) है, और अमान्त गणना में आश्विन (अधिक)।

शनि 13 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1974 · शक 1839

विक्रम संवत 1974 23 मार्च 1917 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1917 07:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 13 अक्टूबर सूर्य 176.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1917 07:04 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 13 अक्टूबर सूर्य 176.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1917, 07:04 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 197.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1974 गिनता है; शक संवत 1839।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 13 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:26 रवि

चंद्रमा यहाँ 04:26 रवि पर उदय होता है।

शनि 13 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:49

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:49 चंद्रोदय 04:26 रवि
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 17:24 सूर्योदय 06:08 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:49 चंद्रोदय 04:26 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:26 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:26 रवि पर उदय होगा।