Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 3 जून 1916
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 05:37 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें तृतीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें3 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 3 जून
- 03:18–03:54ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:30 से
- 06:30–08:14शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
06:30–07:02अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · आर्द्रा में
- 11:28–12:27अभिजीत मुहूर्त
- 13:49–15:41लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:41–17:33अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:25 के बाद
- 19:25–20:33लाभ चौघड़िया
- 21:41–22:49शुभ चौघड़िया
- 22:49–23:57अमृत चौघड़िया
- 03:22–04:30 रविलाभ चौघड़िया
- 03:17–03:54 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:30–06:22कालअशुभ
- 06:22–08:14शुभ
- 08:14–10:06रोगअशुभ
- 10:06–11:58उद्वेगअशुभ
- 11:58–13:49चरसामान्य
- 13:49–15:41लाभयमगण्ड में
- 15:41–17:33अमृतशुभ
- 17:33–19:25कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:25–20:33लाभशुभ
- 20:33–21:41उद्वेगअशुभ
- 21:41–22:49शुभ
- 22:49–23:57अमृतशुभ
- 23:57–01:06 रविचरसामान्य
- 01:06–02:14 रविरोगअशुभ
- 02:14–03:22 रविकालअशुभ
- 03:22–04:30 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 3 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:18–03:54, शुभ
- काल, अशुभ, 04:30–06:22
- शुभ, 06:22–08:14
- रोग, अशुभ, 08:14–10:06
- उद्वेग, अशुभ, 10:06–11:58
- चर, सामान्य, 11:58–13:49
- लाभ, शुभ, 13:49–15:41
- अमृत, शुभ, 15:41–17:33
- काल, अशुभ, 17:33–19:25
- लाभ, शुभ, 19:25–20:33
- उद्वेग, अशुभ, 20:33–21:41
- शुभ, 21:41–22:49
- अमृत, शुभ, 22:49–23:57
- चर, सामान्य, 23:57–01:06 रवि
- रोग, अशुभ, 01:06–02:14 रवि
- काल, अशुभ, 02:14–03:22 रवि
- लाभ, शुभ, 03:22–04:30 रवि
- गुलिक काल, 04:30–06:22, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 04:30–05:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:30–06:30, अशुभ
- राहु काल, 08:14–10:06, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:27, शुभ
- यमगण्ड, 13:49–15:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:54 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 3 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 24.7° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:30। द्वितीया उससे पहले 03:03 पर समाप्त हुई। तृतीया 05:37 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 31 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
तृतीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
तृतीया यहाँ शनि 3 और रवि 4 जून दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 03:03 को, सूर्योदय 04:30 से पहले, शुरू हुई और 05:37 रवि को, अगले सूर्योदय 04:30 रवि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन तृतीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में द्वितीया क्यों है?
नई दिल्ली में द्वितीया है, Sevan में तृतीया।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:23, द्वितीया की समाप्ति 05:33 से पहले हुआ: यह दिन द्वितीया है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 04:30, द्वितीया की समाप्ति 03:03 के बाद हुआ: यह दिन तृतीया है।
शनि 3 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:18–03:54
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:18–03:54।
शुक्र 2 जून की रात सूर्यास्त 19:24 शुक्र से सूर्योदय 04:30 तक थी, 9 घं 6 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 3 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:27
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:27।
शनि 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 04:30–05:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:30–05:30 और 05:30–06:30।
शनि 3 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 05:30–06:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 04:30–05:30 और 05:30–06:30।
यहाँ दिन, 04:30 से 19:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 04:30–05:30 और 05:30–06:30।
शनि 3 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:30–06:22 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:30 से 19:25, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:25 से 04:30 रवि, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 3 जून को राहुकाल कब है? 08:14–10:06
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:14–10:06।
शनि 3 जून को यमगंड कब है? 13:49–15:41
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:49–15:41।
शनि 3 जून को गुलिक काल कब है? 04:30–06:22
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:30–06:22।
यहाँ दिन 04:30 से 19:25 तक है, 14 घं 55 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 3 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:30
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:25, 14 घं 55 मि का दिन।
शनि 3 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:25, 14 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 3 जून को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 74.1° पर था: आर्द्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:30 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
शनि 3 जून को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 123.5° थे: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 49.4° + 74.1° = 123.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 22:56 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
शनि 3 जून को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 24.7° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 16:19 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 05:37 रवि तक।
शनि 3 जून को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 04:30, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:30 से 04:30 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 31 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
शनि 3 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
शनि 3 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1973 · शक 1838
विक्रम संवत 1973 2 अप्रैल 1916 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 2 अप्रैल 1916, 19:20 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 59.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1973 गिनता है; शक संवत 1838।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 3 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:14
चंद्रमा यहाँ 06:14 पर उदय होता है।
शनि 3 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:47
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:14 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:47 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:14 पर उदय हुआ; वह फिर 21:47 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।