Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 12 मई 1915
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 12 मई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। बुध 12 मई क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़12 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 12 मई
- 03:29–04:08ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:47 से
- 04:47–06:34लाभ चौघड़िया
- 06:34–08:22अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:09–11:56शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
13:43–15:30अमृत कालराहु काल छोड़कर · अश्विनी में
- 17:18–19:05लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:05 के बाद
- 20:18–21:30शुभ चौघड़िया
- 21:30–22:43अमृत चौघड़िया
- 02:21–03:34 गुरुलाभ चौघड़िया
- 03:29–04:07 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:47–06:34लाभशुभ
- 06:34–08:22अमृतयमगण्ड में
- 08:22–10:09कालअशुभ
- 10:09–11:56शुभगुलिक काल में
- 11:56–13:43रोगअशुभ
- 13:43–15:30उद्वेगअशुभ
- 15:30–17:18चरसामान्य
- 17:18–19:05लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:05–20:18उद्वेगअशुभ
- 20:18–21:30शुभ
- 21:30–22:43अमृतशुभ
- 22:43–23:56चरसामान्य
- 23:56–01:08 गुरुरोगअशुभ
- 01:08–02:21 गुरुकालअशुभ
- 02:21–03:34 गुरुलाभशुभ
- 03:34–04:46 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 12 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:29–04:08, शुभ
- लाभ, शुभ, 04:47–06:34
- अमृत, शुभ, 06:34–08:22
- काल, अशुभ, 08:22–10:09
- शुभ, 10:09–11:56
- रोग, अशुभ, 11:56–13:43
- उद्वेग, अशुभ, 13:43–15:30
- चर, सामान्य, 15:30–17:18
- लाभ, शुभ, 17:18–19:05
- उद्वेग, अशुभ, 19:05–20:18
- शुभ, 20:18–21:30
- अमृत, शुभ, 21:30–22:43
- चर, सामान्य, 22:43–23:56
- रोग, अशुभ, 23:56–01:08 गुरु
- काल, अशुभ, 01:08–02:21 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:21–03:34 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 03:34–04:46 गुरु
- यमगण्ड, 06:34–08:22, अशुभ
- गुलिक काल, 10:09–11:56, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:27–12:25, अशुभ
- राहु काल, 11:56–13:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:29–04:07 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मासिक शिवरात्रि बुध 12 मई को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 12 मई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 12 मई को 01:56 से गुरु 13 मई को 04:08 तक है, इसलिए केवल बुधवार की रात का निशीथ काल (23:34–00:13 गुरु) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 12 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 337.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:47। त्रयोदशी उससे पहले 01:58 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 04:10 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 29 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 12 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:29–04:08
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:29–04:08।
मंगल 11 मई की रात सूर्यास्त 19:04 मंगल से सूर्योदय 04:47 तक थी, 9 घं 43 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 12 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 11:27–12:25
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:27–12:25।
यहाँ दिन, 04:47 से 19:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:27–12:25: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 12 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:47–06:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:47 से 19:05, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:05 से 04:46 गुरु, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 12 मई को राहुकाल कब है? 11:56–13:43
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:56–13:43।
बुध 12 मई को यमगंड कब है? 06:34–08:22
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:34–08:22।
बुध 12 मई को गुलिक काल कब है? 10:09–11:56
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:09–11:56।
यहाँ दिन 04:47 से 19:05 तक है, 14 घं 18 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 12 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:47, सूर्यास्त 19:05, 14 घं 18 मि का दिन।
बुध 12 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:47, सूर्यास्त 19:05, 14 घं 18 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 12 मई को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 4.9° पर था: अश्विनी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 3°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:44 को निकलेगा, भरणी में।
बुध 12 मई को कौन सा योग है? आयुष्मान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 32.5° थे: आयुष्मान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 27.6° + 4.9° = 32.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 26°40′–40°00′ तीसरा है, आयुष्मान्। यह 18:45 को समाप्त होता है, फिर सौभाग्य।
बुध 12 मई को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 337.3° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 15:02 तक है, जब बढ़त 342° होगी; शकुनि 04:10 गुरु तक।
बुध 12 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:47, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:47 से 04:46 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 12 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख (अधिक)
14 अप्रैल और 14 मई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक वैशाख।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 14 अप्रैल 14:35 बुध से 14 मई 06:30 शुक्र तक सूर्य मेष में रहा; वृषभ में वह अमावस्या के बाद 14 मई 16:42 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक वैशाख है, जो वैशाख से पहले आता है।
बुध 12 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख (अधिक) है, और अमान्त गणना में वैशाख (अधिक)।
बुध 12 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1972 · शक 1837
विक्रम संवत 1972 15 मार्च 1915 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 1915, 22:41 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 56.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1972 गिनता है; शक संवत 1837।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 12 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:52 गुरु
चंद्रमा यहाँ 03:52 गुरु पर उदय होता है।
बुध 12 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:52 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:52 गुरु पर उदय होगा।