tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 14 नवंबर 1914

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

एकादशी

कृष्ण पक्ष · 09:11 तक

फिर द्वादशी · 06:09 रवि तक

यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं कारण जानें

व्रत

उत्पन्ना एकादशी

पारण समय
05:09⁠–⁠06:09 रवि
रवि 15 नवंबर
व्रत आरंभ
06:44

उत्पन्ना एकादशी शनि 14 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। शनि 14 नवंबर क्यों?

उत्पन्ना एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:52 06:44 16:44अगला सूर्योदय 06:45 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:44–07:59कालअशुभ
  • 07:59–09:14शुभ
  • 09:14–10:29रोगअशुभ
  • 10:29–11:44उद्वेगअशुभ
  • 11:44–12:59चरसामान्य
  • 12:59–14:14लाभयमगण्ड में
  • 14:14–15:29अमृतशुभ
  • 15:29–16:44कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:44–18:29लाभशुभ
  • 18:29–20:14उद्वेगअशुभ
  • 20:14–21:59शुभ
  • 21:59–23:44अमृतशुभ
  • 23:44–01:29 रविचरसामान्य
  • 01:29–03:14 रविरोगअशुभ
  • 03:14–05:00 रविकालअशुभ
  • 05:00–06:45 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 14 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:52–05:48, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:44–07:59
  • शुभ, 07:59–09:14
  • रोग, अशुभ, 09:14–10:29
  • उद्वेग, अशुभ, 10:29–11:44
  • चर, सामान्य, 11:44–12:59
  • लाभ, शुभ, 12:59–14:14
  • अमृत, शुभ, 14:14–15:29
  • काल, अशुभ, 15:29–16:44
  • लाभ, शुभ, 16:44–18:29
  • उद्वेग, अशुभ, 18:29–20:14
  • शुभ, 20:14–21:59
  • अमृत, शुभ, 21:59–23:44
  • चर, सामान्य, 23:44–01:29 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:29–03:14 रवि
  • काल, अशुभ, 03:14–05:00 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:00–06:45 रवि
  • गुलिक काल, 06:44–07:59, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:44–07:24, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:24–08:04, अशुभ
  • राहु काल, 09:14–10:29, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:24–12:04, शुभ
  • यमगण्ड, 12:59–14:14, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:49 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में उत्पन्ना एकादशी शनि 14 नवंबर को क्यों है?

उत्पन्ना एकादशी शनि 14 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 06:42 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 13 नवंबर अरुणोदय 05:06–06:42
दशमी 06:42 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 13 नवंबर अरुणोदय 05:06–06:42
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 14 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:42: शनि 14 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:35 शुक्र पर, उससे (05:06–06:42) पहले, समाप्त हुई।

उत्पन्ना एकादशी: Sevan में हर तारीख़

शनि 14 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 310.6° आगे था: कृष्ण एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 310.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 310.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:44। दशमी उससे पहले 11:37 शुक्र पर समाप्त हुई। एकादशी 09:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 3 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

द्वादशी क्षय क्यों है?

द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।

एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शनि 14 नवंबर सुबह रवि 15 नवंबर सुबह Sevan UTC+3 09:11 06:09 06:44 एकादशी 06:45 त्रयोदशी द्वादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
एकादशी द्वादशी द्वादशी त्रयोदशी शनि 14 नवंबर सुबह रवि 15 नवंबर सुबह Sevan UTC+3 09:11 06:09 06:44 एकादशी 06:45 त्रयोदशी द्वादशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 09:11 को शुरू हुई और 06:09 रवि को समाप्त, 06:44 और 06:45 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को एकादशी है और रविवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।

शनि 14 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:52–05:48

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:52–05:48।

सूर्यास्त 16:45 शुक्र सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 13 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:45 शुक्र सूर्योदय 06:44 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 13 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 13 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:45 शुक्र से सूर्योदय 06:44 तक थी, 13 घं 59 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 14 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:24–12:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:24–12:04।

शनि 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:44–07:24

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:44–07:24 और 07:24–08:04।

शनि 14 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:24–08:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:44–07:24 और 07:24–08:04।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:44 से 16:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:44–07:24 और 07:24–08:04।

शनि 14 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:44–07:59 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:44 से 16:44, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:44 से 06:45 रवि, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 14 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:14–10:29

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:14–10:29।

शनि 14 नवंबर को यमगंड कब है? 12:59–14:14

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:59–14:14।

शनि 14 नवंबर को गुलिक काल कब है? 06:44–07:59

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:44–07:59।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:44 से 16:44 तक है, 10 घं 0 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 14 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 16:44, 10 घं 0 मि का दिन।

शनि 14 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:44, सूर्यास्त 16:44, 10 घं 0 मि का दिन।

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:29 चंद्रोदय 03:46 रवि
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:29 चंद्रोदय 03:46 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 14 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 158.9° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 158.9° अगला: हस्त पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराफाल्गुनी चंद्रमा 158.9° अगला: हस्त पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:34 को निकलेगा, हस्त में।

शनि 14 नवंबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 367.2° थे, एक चक्कर और 7.2°: विष्कम्भ।

सूर्य 208.3° + चंद्रमा 158.9° = 367.2° एक चक्कर + 7.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 208.3° + चंद्रमा 158.9° = 367.2° एक चक्कर + 7.2° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 208.3° + 158.9° = 367.2°, एक पूरा चक्कर और 7.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 16:15 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

शनि 14 नवंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 310.6° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 310.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 310.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल एकादशी 300°–312° बालव 306°–312° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 22:29 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 09:11 तक है।

शनि 14 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:44, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:44 से 06:45 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 19 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 17 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

शनि 14 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 14 नवंबर अमावस्या 19 अक्टू॰ पूर्णिमा 3 नव॰ अमावस्या 17 नव॰ पूर्णिमा 2 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल शनि 14 नवंबर अमावस्या 19 अक्टू॰ पूर्णिमा 3 नव॰ अमावस्या 17 नव॰ पूर्णिमा 2 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

शनि 14 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1971 · शक 1836

विक्रम संवत 1971 26 मार्च 1914 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1914 21:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 14 नवंबर सूर्य 208.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 1914 21:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 14 नवंबर सूर्य 208.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 1914, 21:08 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 225.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1971 गिनता है; शक संवत 1836।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 14 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:46 रवि

चंद्रमा यहाँ 03:46 रवि पर उदय होता है।

शनि 14 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 14:29

सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:29 चंद्रोदय 03:46 रवि
सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त 16:44 सूर्योदय 06:45 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 14:29 चंद्रोदय 03:46 रवि
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:29 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:46 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 14:29 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:46 रवि पर उदय होगा।