Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 13 दिसंबर 1913
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 13 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 13 दिसंबर क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़13 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 दिसंबर
- 05:16–06:15ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:14 से
- 08:28–09:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:35–12:12अभिजीत मुहूर्त
- 13:03–14:13लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:13–15:23अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:33 के बाद
- 16:33–18:23लाभ चौघड़िया
- 20:14–22:04शुभ चौघड़िया
- 22:04–23:54अमृत चौघड़िया
-
00:07–01:43 रविअमृत कालमृगशिरा में
- 05:24–07:15 रविलाभ चौघड़िया
- 05:17–06:16 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:14–08:24कालअशुभ
- 08:24–09:34शुभ
- 09:34–10:44रोगअशुभ
- 10:44–11:54उद्वेगअशुभ
- 11:54–13:03चरसामान्य
- 13:03–14:13लाभयमगण्ड में
- 14:13–15:23अमृतशुभ
- 15:23–16:33कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:33–18:23लाभशुभ
- 18:23–20:14उद्वेगअशुभ
- 20:14–22:04शुभ
- 22:04–23:54अमृतशुभ
- 23:54–01:44 रविचरसामान्य
- 01:44–03:34 रविरोगअशुभ
- 03:34–05:24 रविकालअशुभ
- 05:24–07:15 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 13 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–06:15, शुभ
- काल, अशुभ, 07:14–08:24
- शुभ, 08:24–09:34
- रोग, अशुभ, 09:34–10:44
- उद्वेग, अशुभ, 10:44–11:54
- चर, सामान्य, 11:54–13:03
- लाभ, शुभ, 13:03–14:13
- अमृत, शुभ, 14:13–15:23
- काल, अशुभ, 15:23–16:33
- लाभ, शुभ, 16:33–18:23
- उद्वेग, अशुभ, 18:23–20:14
- शुभ, 20:14–22:04
- अमृत, शुभ, 22:04–23:54
- चर, सामान्य, 23:54–01:44 रवि
- रोग, अशुभ, 01:44–03:34 रवि
- काल, अशुभ, 03:34–05:24 रवि
- लाभ, शुभ, 05:24–07:15 रवि
- गुलिक काल, 07:14–08:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:14–07:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:51–08:28, अशुभ
- राहु काल, 09:34–10:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:35–12:12, शुभ
- यमगण्ड, 13:03–14:13, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–06:16 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पूर्णिमा शनि 13 दिसंबर को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 13 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 12 दिसंबर को 18:05 से शनि 13 दिसंबर को 17:57 तक है, इसलिए वह केवल शनि 13 दिसंबर के सूर्योदय (07:12) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 13 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 174.6° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:14। चतुर्दशी उससे पहले 18:07 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 17:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 28 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 13 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:16–06:15
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:16–06:15।
शुक्र 12 दिसंबर की रात सूर्यास्त 16:33 शुक्र से सूर्योदय 07:14 तक थी, 14 घं 41 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 13 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:35–12:12
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:35–12:12।
शनि 13 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:14–07:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:14–07:51 और 07:51–08:28।
शनि 13 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:51–08:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:14–07:51 और 07:51–08:28।
यहाँ दिन, 07:14 से 16:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:14–07:51 और 07:51–08:28।
शनि 13 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:14–08:24 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:14 से 16:33, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:33 से 07:15 रवि, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 13 दिसंबर को राहुकाल कब है? 09:34–10:44
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:34–10:44।
शनि 13 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:03–14:13
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:03–14:13।
शनि 13 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 07:14–08:24
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:14–08:24।
यहाँ दिन 07:14 से 16:33 तक है, 9 घं 19 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 13 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:14, सूर्यास्त 16:33, 9 घं 19 मि का दिन।
शनि 13 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:14, सूर्यास्त 16:33, 9 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 52.5° पर था: रोहिणी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 50° पर उसके पद 4 में आया। वह 08:48 को निकलेगा, मृगशिरा में।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 290.4° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 237.9° + 52.5° = 290.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 12:14 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 174.6° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 06:07 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 17:59 तक है।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:14, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:14 से 07:15 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 28 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 27 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
शनि 13 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1970 · शक 1835
विक्रम संवत 1970 6 अप्रैल 1913 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1913, 20:47 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 244.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1970 गिनता है; शक संवत 1835।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 13 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:00
चंद्रमा यहाँ 16:00 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:00 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।