tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 27 नवंबर 1913

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

चतुर्दशी

कृष्ण पक्ष · 07:06 तक

फिर अमावस्या · 04:40 शुक्र तक

यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं कारण जानें

व्रत

अमावस्या

अमावस्या गुरु 27 नवंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। गुरु 27 नवंबर क्यों?

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:04 06:59 16:35अगला सूर्योदय 07:00 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:59–08:11शुभयमगण्ड में
  • 08:11–09:23रोगअशुभ
  • 09:23–10:35उद्वेगअशुभ
  • 10:35–11:47चरसामान्य
  • 11:47–12:59लाभशुभ
  • 12:59–14:11अमृतराहु काल में
  • 14:11–15:23कालअशुभ
  • 15:23–16:35शुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:35–18:23अमृतशुभ
  • 18:23–20:11चरसामान्य
  • 20:11–21:59रोगअशुभ
  • 21:59–23:47कालअशुभ
  • 23:47–01:36 शुक्रलाभशुभ
  • 01:36–03:24 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:24–05:12 शुक्रशुभ
  • 05:12–07:00 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 27 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–06:01, शुभ
  • शुभ, 06:59–08:11
  • रोग, अशुभ, 08:11–09:23
  • उद्वेग, अशुभ, 09:23–10:35
  • चर, सामान्य, 10:35–11:47
  • लाभ, शुभ, 11:47–12:59
  • अमृत, शुभ, 12:59–14:11
  • काल, अशुभ, 14:11–15:23
  • शुभ, 15:23–16:35
  • अमृत, शुभ, 16:35–18:23
  • चर, सामान्य, 18:23–20:11
  • रोग, अशुभ, 20:11–21:59
  • काल, अशुभ, 21:59–23:47
  • लाभ, शुभ, 23:47–01:36 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:36–03:24 शुक्र
  • शुभ, 03:24–05:12 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 05:12–07:00 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:59–08:11, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:23–10:35, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:11–10:49, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:06, शुभ
  • राहु काल, 12:59–14:11, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:01–14:40, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–06:02 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में अमावस्या गुरु 27 नवंबर को क्यों है?

अमावस्या गुरु 27 नवंबर को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।

चतुर्दशी अमावस्या 07:06 04:00 05:00 06:00 08:00 09:00 गुरु 27 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:59
चतुर्दशी अमावस्या 07:06 04:00 06:00 08:00 गुरु 27 नवंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:59
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 27 नवंबर को 07:04 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शुक्र 28 नवंबर को 04:38 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 27 नवंबर। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Sevan में हर तारीख़

गुरु 27 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.9° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 347.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:59। त्रयोदशी उससे पहले 09:45 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 14 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

अमावस्या क्षय क्यों है?

अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा गुरु 27 नवंबर सुबह शुक्र 28 नवंबर सुबह Sevan UTC+3 07:06 04:40 06:59 चतुर्दशी 07:00 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा गुरु 27 नवंबर सुबह शुक्र 28 नवंबर सुबह Sevan UTC+3 07:06 04:40 06:59 चतुर्दशी 07:00 प्रतिपदा अमावस्या इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 07:06 को शुरू हुई और 04:40 शुक्र को समाप्त, 06:59 और 07:00 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को चतुर्दशी है और शुक्रवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।

गुरु 27 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:04–06:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:04–06:01।

सूर्यास्त 16:36 बुध सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:36 बुध सूर्योदय 06:59 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 26 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 26 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:36 बुध से सूर्योदय 06:59 तक थी, 14 घं 23 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 27 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:06

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:06।

गुरु 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:11–10:49

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:11–10:49 और 14:01–14:40।

गुरु 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:01–14:40

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:11–10:49 और 14:01–14:40।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:59 से 16:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:11–10:49 और 14:01–14:40।

गुरु 27 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:59–08:11 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:59 से 16:35, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:35 से 07:00 शुक्र, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 27 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:59–14:11

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:59–14:11।

गुरु 27 नवंबर को यमगंड कब है? 06:59–08:11

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:59–08:11।

गुरु 27 नवंबर को गुलिक काल कब है? 09:23–10:35

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–10:35।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:59 से 16:35 तक है, 9 घं 36 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 27 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 16:35, 9 घं 36 मि का दिन।

गुरु 27 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:35

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 16:35, 9 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 209.6° पर था: विशाखा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 209.6° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 209.6° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 206°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:12 को निकलेगा, अनुराधा में।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 431.3° थे, एक चक्कर और 71.3°: अतिगण्ड।

सूर्य 221.7° + चंद्रमा 209.6° = 431.3° एक चक्कर + 71.3° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 221.7° + चंद्रमा 209.6° = 431.3° एक चक्कर + 71.3° अतिगण्ड 66°40′–80°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 221.7° + 209.6° = 431.3°, एक पूरा चक्कर और 71.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 20:35 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा करण है? शकुनि

सूर्योदय पर बढ़त 347.9° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।

सूर्य अमावस्या 0° 347.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 347.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल चतुर्दशी 336°–348° शकुनि 342°–348° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 20:24 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:06 तक है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:59, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:59 से 07:00 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 29 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 28 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 27 नवंबर अमावस्या 29 अक्टू॰ पूर्णिमा 14 नव॰ अमावस्या 28 नव॰ पूर्णिमा 13 दिस॰
अमान्त पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कार्तिक कृष्ण शुक्ल गुरु 27 नवंबर अमावस्या 29 अक्टू॰ पूर्णिमा 14 नव॰ अमावस्या 28 नव॰ पूर्णिमा 13 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 नवंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

गुरु 27 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1970 · शक 1835

विक्रम संवत 1970 6 अप्रैल 1913 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 1913 20:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 नवंबर सूर्य 221.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 6 अप्रैल 1913 20:47 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 27 नवंबर सूर्य 221.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1913, 20:47 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 228° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1970 गिनता है; शक संवत 1835।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 27 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:42

चंद्रमा यहाँ 15:42 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42
सूर्योदय 06:59 सूर्यास्त 16:35 सूर्योदय 07:00 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 15:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 15:42 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।