Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 16 सितंबर 1913
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ मंगल 16 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं। मंगल 16 सितंबर क्यों?
पितृ पक्ष आरंभ: Sevan में हर तारीख़16 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 16 सितंबर
- 04:08–04:54ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:40 से
- 10:21–11:54लाभ चौघड़िया
- 11:29–11:54अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 11:54–13:28अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:01–16:35शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:08 के बाद
- 19:35–21:01लाभ चौघड़िया
-
21:25–22:45अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तर भाद्रपद में
- 22:28–22:45शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:32–23:55शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:55–01:21 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:09–04:55 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:40–07:14रोगअशुभ
- 07:14–08:47उद्वेगअशुभ
- 08:47–10:21चरसामान्य
- 10:21–11:54लाभशुभ
- 11:54–13:28अमृतगुलिक काल में
- 13:28–15:01कालअशुभ
- 15:01–16:35शुभराहु काल में
- 16:35–18:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:08–19:35कालअशुभ
- 19:35–21:01लाभशुभ
- 21:01–22:28उद्वेगअशुभ
- 22:28–23:55शुभ
- 23:55–01:21 बुधअमृतशुभ
- 01:21–02:48 बुधचरसामान्य
- 02:48–04:15 बुधरोगअशुभ
- 04:15–05:41 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 16 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:54, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:40–07:14
- उद्वेग, अशुभ, 07:14–08:47
- चर, सामान्य, 08:47–10:21
- लाभ, शुभ, 10:21–11:54
- अमृत, शुभ, 11:54–13:28
- काल, अशुभ, 13:28–15:01
- शुभ, 15:01–16:35
- रोग, अशुभ, 16:35–18:08
- काल, अशुभ, 18:08–19:35
- लाभ, शुभ, 19:35–21:01
- उद्वेग, अशुभ, 21:01–22:28
- शुभ, 22:28–23:55
- अमृत, शुभ, 23:55–01:21 बुध
- चर, सामान्य, 01:21–02:48 बुध
- रोग, अशुभ, 02:48–04:15 बुध
- काल, अशुभ, 04:15–05:41 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:10–09:00, अशुभ
- यमगण्ड, 08:47–10:21, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:29–12:19, शुभ
- गुलिक काल, 11:54–13:28, अशुभ
- राहु काल, 15:01–16:35, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:45–23:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:55 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पितृ पक्ष आरंभ मंगल 16 सितंबर को क्यों है?
पितृ पक्ष आरंभ मंगल 16 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं।
पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा सोम 15 सितंबर को 15:43 से मंगल 16 सितंबर को 18:19 तक है, इसलिए केवल मंगलवार का अपराह्न (13:07–15:37) उसके भीतर है। पितृ पक्ष आरंभ का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
मंगल 16 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 186.3° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:40। पूर्णिमा उससे पहले 15:45 सोम पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 18:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 15 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 16 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:08–04:54
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:08–04:54।
सोम 15 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:10 सोम से सूर्योदय 05:40 तक थी, 11 घं 30 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 16 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:29–12:19
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:29–12:19।
मंगल 16 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:10–09:00
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:10–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:45–23:32।
मंगल 16 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:45–23:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:10–09:00, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:45–23:32।
यहाँ दिन, 05:40 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:10–09:00 और 22:45–23:32।
मंगल 16 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:40–07:14 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:40 से 18:08, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:08 से 05:41 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 16 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:01–16:35
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:01–16:35।
मंगल 16 सितंबर को यमगंड कब है? 08:47–10:21
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:47–10:21।
मंगल 16 सितंबर को गुलिक काल कब है? 11:54–13:28
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:54–13:28।
यहाँ दिन 05:40 से 18:08 तक है, 12 घं 28 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 16 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:40
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 28 मि का दिन।
मंगल 16 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 18:08, 12 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 336.2° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 333°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:51 बुध को निकलेगा, रेवती में।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 486.2° थे, एक चक्कर और 126.2°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 150° + 336.2° = 486.2°, एक पूरा चक्कर और 126.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 19:02 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 186.3° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 05:04 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 186° हुई; कौलव 18:21 तक है।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:40, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:40 से 05:41 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 31 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 30 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 सितंबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
मंगल 16 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1970 · शक 1835
विक्रम संवत 1970 6 अप्रैल 1913 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 6 अप्रैल 1913, 20:47 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 156.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1970 गिनता है; शक संवत 1835।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 16 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:27
चंद्रमा यहाँ 18:27 पर उदय होता है।
मंगल 16 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:18
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:18 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:27 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:18 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:27 पर उदय होगा।