tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 5 जुलाई 1912

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:22 04:34 19:33अगला सूर्योदय 04:35 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:34–06:27चरसामान्य
  • 06:27–08:19लाभगुलिक काल में
  • 08:19–10:11अमृतशुभ
  • 10:11–12:04कालअशुभ
  • 12:04–13:56शुभ
  • 13:56–15:48रोगअशुभ
  • 15:48–17:41उद्वेगअशुभ
  • 17:41–19:33चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 19:33–20:41रोगअशुभ
  • 20:41–21:49कालअशुभ
  • 21:49–22:56लाभशुभ
  • 22:56–00:04 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:04–01:12 शनिशुभ
  • 01:12–02:19 शनिअमृतशुभ
  • 02:19–03:27 शनिचरसामान्य
  • 03:27–04:35 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 5 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:22–03:58, शुभ
  • चर, सामान्य, 04:34–06:27
  • लाभ, शुभ, 06:27–08:19
  • अमृत, शुभ, 08:19–10:11
  • काल, अशुभ, 10:11–12:04
  • शुभ, 12:04–13:56
  • रोग, अशुभ, 13:56–15:48
  • उद्वेग, अशुभ, 15:48–17:41
  • चर, सामान्य, 17:41–19:33
  • रोग, अशुभ, 19:33–20:41
  • काल, अशुभ, 20:41–21:49
  • लाभ, शुभ, 21:49–22:56
  • उद्वेग, अशुभ, 22:56–00:04 शनि
  • शुभ, 00:04–01:12 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:12–02:19 शनि
  • चर, सामान्य, 02:19–03:27 शनि
  • रोग, अशुभ, 03:27–04:35 शनि
  • गुलिक काल, 06:27–08:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:34–08:34, अशुभ
  • राहु काल, 10:11–12:04, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:34–12:34, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:34–13:34, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:48–17:41, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:23–03:59 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 5 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 240.2° आगे था: कृष्ण षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 240.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 240.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:34। पञ्चमी उससे पहले 04:03 पर समाप्त हुई। षष्ठी 05:57 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 29 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

षष्ठी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

षष्ठी यहाँ शुक्र 5 और शनि 6 जुलाई दोनों के सूर्योदय पर है।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी शुक्र 5 जुलाई सुबह शनि 6 जुलाई सुबह Sevan UTC+3 04:03 05:57 04:34 षष्ठी 04:35 षष्ठी षष्ठी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी शुक्र 5 जुलाई सुबह शनि 6 जुलाई सुबह Sevan UTC+3 04:03 05:57 04:34 षष्ठी 04:35 षष्ठी षष्ठी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। षष्ठी 04:03 को, सूर्योदय 04:34 से पहले, शुरू हुई और 05:57 शनि को, अगले सूर्योदय 04:35 शनि के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन षष्ठी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?

नई दिल्ली में पञ्चमी है, Sevan में षष्ठी।

पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी शुक्र 5 जुलाई सुबह शनि 6 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+3 06:33 04:03 08:27 05:57 05:28 पञ्चमी 05:28 षष्ठी 04:34 षष्ठी 04:35 षष्ठी
पञ्चमी षष्ठी षष्ठी सप्तमी शुक्र 5 जुलाई सुबह शनि 6 जुलाई सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+3 06:33 04:03 08:27 05:57 05:28 पञ्चमी 05:28 षष्ठी 04:34 षष्ठी 04:35 षष्ठी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:28, पञ्चमी की समाप्ति 06:33 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है।

Sevan · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 04:34, पञ्चमी की समाप्ति 04:03 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।

शुक्र 5 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:22–03:58

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:22–03:58।

सूर्यास्त 19:33 गुरु सूर्योदय 04:34 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:33 गुरु सूर्योदय 04:34 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 4 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:33 गुरु से सूर्योदय 04:34 तक थी, 9 घं 1 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 5 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:34–12:34

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:34–12:34।

शुक्र 5 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:34–08:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:34–08:34 और 12:34–13:34।

शुक्र 5 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:34–13:34

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 07:34–08:34 और 12:34–13:34।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 04:34 से 19:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 07:34–08:34 और 12:34–13:34।

शुक्र 5 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:34–06:27 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:34 से 19:33, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:33 से 04:35 शनि, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 5 जुलाई को राहुकाल कब है? 10:11–12:04

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:11–12:04।

शुक्र 5 जुलाई को यमगंड कब है? 15:48–17:41

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:48–17:41।

शुक्र 5 जुलाई को गुलिक काल कब है? 06:27–08:19

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:27–08:19।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 04:34 से 19:33 तक है, 14 घं 59 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 5 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:34, सूर्यास्त 19:33, 14 घं 59 मि का दिन।

शुक्र 5 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:34, सूर्यास्त 19:33, 14 घं 59 मि का दिन।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:50 चंद्रोदय 22:58
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:50 चंद्रोदय 22:58
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 2 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 320.3° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.3° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.3° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:34 शनि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा योग है? सौभाग्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 400.3° थे, एक चक्कर और 40.3°: सौभाग्य।

सूर्य 80.0° + चंद्रमा 320.3° = 400.3° एक चक्कर + 40.3° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 80.0° + चंद्रमा 320.3° = 400.3° एक चक्कर + 40.3° सौभाग्य 40°00′–53°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 80° + 320.3° = 400.3°, एक पूरा चक्कर और 40.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 04:40 शनि को समाप्त होता है, फिर शोभन।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 240.2° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 240.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° गर 240°–246° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 240.2° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° गर 240°–246° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:03 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 05:57 शनि तक।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 04:34, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:34 से 04:35 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

15 जून और 14 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जून 09:23 शनि से 14 जुलाई 16:12 रवि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 15 जुलाई 16:02 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 29 जून अमावस्या 14 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰
अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 जुलाई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 29 जून अमावस्या 14 जुल॰ पूर्णिमा 29 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 1969 · शक 1834

विक्रम संवत 1969 19 मार्च 1912 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1912 01:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 जुलाई सूर्य 80.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1912 01:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 जुलाई सूर्य 80.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1912, 01:08 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 104.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1969 गिनता है; शक संवत 1834।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 5 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:58

चंद्रमा यहाँ 22:58 पर उदय होता है।

शुक्र 5 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:50

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:50 चंद्रोदय 22:58
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:33 सूर्योदय 04:35 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:50 चंद्रोदय 22:58
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:58 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:58 पर उदय होगा।