tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 26 जून 1912

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

द्वादशी

शुक्ल पक्ष · 11:46 तक

फिर त्रयोदशी · 13:03 गुरु तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:34⁠–⁠21:21
प्रदोष काल 19:34⁠–⁠21:21

प्रदोष व्रत बुध 26 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 26 जून क्यों?

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

व्रत का पारण

पद्मिनी एकादशी

पारण बुध 26 जून, 04:30⁠–⁠11:46
पद्मिनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:19 04:30 19:34अगला सूर्योदय 04:30 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:30–06:23लाभशुभ
  • 06:23–08:16अमृतयमगण्ड में
  • 08:16–10:09कालअशुभ
  • 10:09–12:02शुभगुलिक काल में
  • 12:02–13:55रोगअशुभ
  • 13:55–15:48उद्वेगअशुभ
  • 15:48–17:41चरसामान्य
  • 17:41–19:34लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:34–20:41उद्वेगअशुभ
  • 20:41–21:48शुभ
  • 21:48–22:55अमृतशुभ
  • 22:55–00:02 गुरुचरसामान्य
  • 00:02–01:09 गुरुरोगअशुभ
  • 01:09–02:16 गुरुकालअशुभ
  • 02:16–03:23 गुरुलाभशुभ
  • 03:23–04:30 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 26 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:54, शुभ
  • लाभ, शुभ, 04:30–06:23
  • अमृत, शुभ, 06:23–08:16
  • काल, अशुभ, 08:16–10:09
  • शुभ, 10:09–12:02
  • रोग, अशुभ, 12:02–13:55
  • उद्वेग, अशुभ, 13:55–15:48
  • चर, सामान्य, 15:48–17:41
  • लाभ, शुभ, 17:41–19:34
  • उद्वेग, अशुभ, 19:34–20:41
  • शुभ, 20:41–21:48
  • अमृत, शुभ, 21:48–22:55
  • चर, सामान्य, 22:55–00:02 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:02–01:09 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:09–02:16 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:16–03:23 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 03:23–04:30 गुरु
  • यमगण्ड, 06:23–08:16, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:09–12:02, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:32–12:32, अशुभ
  • राहु काल, 12:02–13:55, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:55 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में प्रदोष व्रत बुध 26 जून को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 26 जून को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

त्रयोदशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 बुध 26 जून स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:34–21:21
त्रयोदशी 18:00 20:00 22:00 बुध 26 जून स्मार्त · वैष्णव प्रदोष काल 19:34–21:21
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 26 जून को 11:44 से गुरु 27 जून को 13:01 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (19:32–21:19) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़

बुध 26 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 140.5° आगे था: शुक्ल द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 140.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 140.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:30। एकादशी उससे पहले 10:52 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 11:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 15 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

बुध 26 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:19–03:54

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:19–03:54।

सूर्यास्त 19:34 मंगल सूर्योदय 04:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 25 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:34 मंगल सूर्योदय 04:30 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 25 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 25 जून की रात सूर्यास्त 19:34 मंगल से सूर्योदय 04:30 तक थी, 8 घं 56 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 26 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 11:32–12:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:32–12:32।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:30 से 19:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:32–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 26 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:30–06:23 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:30 से 19:34, 1 घं 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:34 से 04:30 गुरु, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 26 जून को राहुकाल कब है? 12:02–13:55

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:02–13:55।

बुध 26 जून को यमगंड कब है? 06:23–08:16

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:23–08:16।

बुध 26 जून को गुलिक काल कब है? 10:09–12:02

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:09–12:02।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 04:30 से 19:34 तक है, 15 घं 4 मि। इसे 1 घं 53 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 26 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:30

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:34, 15 घं 4 मि का दिन।

बुध 26 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:30, सूर्यास्त 19:34, 15 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:19 गुरु चंद्रोदय 17:04
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:19 गुरु चंद्रोदय 17:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 26 जून को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 211.9° पर था: विशाखा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 211.9° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 211.9° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 210° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:10 को निकलेगा, अनुराधा में।

बुध 26 जून को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 283.3° थे: साध्य।

सूर्य 71.4° + चंद्रमा 211.9° = 283.3° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 71.4° + चंद्रमा 211.9° = 283.3° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 71.4° + 211.9° = 283.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 22:23 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

बुध 26 जून को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 140.5° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 140.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 140.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण द्वादशी 132°–144° बालव 138°–144° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 23:16 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 11:46 तक है।

बुध 26 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 04:30, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:30 से 04:30 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 26 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

15 जून और 14 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 जून 09:23 शनि से 14 जुलाई 16:12 रवि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 15 जुलाई 16:02 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

बुध 26 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 26 जून पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 29 जून अमावस्या 14 जुल॰
अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 26 जून पूर्णिमा 31 मई अमावस्या 15 जून पूर्णिमा 29 जून अमावस्या 14 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।

बुध 26 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1969 · शक 1834

विक्रम संवत 1969 19 मार्च 1912 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1912 01:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 26 जून सूर्य 71.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 1912 01:08 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 26 जून सूर्य 71.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 1912, 01:08 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 96.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1969 गिनता है; शक संवत 1834।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 26 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:04

चंद्रमा यहाँ 17:04 पर उदय होता है।

बुध 26 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:19 गुरु

सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:19 गुरु चंद्रोदय 17:04
सूर्योदय 04:30 सूर्यास्त 19:34 सूर्योदय 04:30 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:19 गुरु चंद्रोदय 17:04
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:04 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:19 गुरु पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:04 पर उदय हुआ; वह फिर 02:19 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।