tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 30 अगस्त 1911

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:57 05:23 18:37अगला सूर्योदय 05:24 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:23–07:02लाभशुभ
  • 07:02–08:42अमृतयमगण्ड में
  • 08:42–10:21कालअशुभ
  • 10:21–12:00शुभगुलिक काल में
  • 12:00–13:39रोगअशुभ
  • 13:39–15:18उद्वेगअशुभ
  • 15:18–16:58चरसामान्य
  • 16:58–18:37लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:37–19:58उद्वेगअशुभ
  • 19:58–21:19शुभ
  • 21:19–22:40अमृतशुभ
  • 22:40–00:01 गुरुचरसामान्य
  • 00:01–01:21 गुरुरोगअशुभ
  • 01:21–02:42 गुरुकालअशुभ
  • 02:42–04:03 गुरुलाभशुभ
  • 04:03–05:24 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 30 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:57–04:40, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:23–07:02
  • अमृत, शुभ, 07:02–08:42
  • काल, अशुभ, 08:42–10:21
  • शुभ, 10:21–12:00
  • रोग, अशुभ, 12:00–13:39
  • उद्वेग, अशुभ, 13:39–15:18
  • चर, सामान्य, 15:18–16:58
  • लाभ, शुभ, 16:58–18:37
  • उद्वेग, अशुभ, 18:37–19:58
  • शुभ, 19:58–21:19
  • अमृत, शुभ, 21:19–22:40
  • चर, सामान्य, 22:40–00:01 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:01–01:21 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:21–02:42 गुरु
  • लाभ, शुभ, 02:42–04:03 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:03–05:24 गुरु
  • यमगण्ड, 07:02–08:42, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:21–12:00, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:34–12:26, अशुभ
  • राहु काल, 12:00–13:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:58–04:41 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

बुध 30 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 72.5° आगे था: शुक्ल सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 72.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 72.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:23। षष्ठी उससे पहले 04:17 पर समाप्त हुई। सप्तमी 06:12 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 24 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सप्तमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

सप्तमी यहाँ बुध 30 और गुरु 31 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी बुध 30 अगस्त सुबह गुरु 31 अगस्त सुबह Sevan UTC+3 04:17 06:12 05:23 सप्तमी 05:24 सप्तमी सप्तमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी बुध 30 अगस्त सुबह गुरु 31 अगस्त सुबह Sevan UTC+3 04:17 06:12 05:23 सप्तमी 05:24 सप्तमी सप्तमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। सप्तमी 04:17 को, सूर्योदय 05:23 से पहले, शुरू हुई और 06:12 गुरु को, अगले सूर्योदय 05:24 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन सप्तमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?

नई दिल्ली में षष्ठी है, Sevan में सप्तमी।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी बुध 30 अगस्त सुबह गुरु 31 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+3 06:47 04:17 08:42 06:12 05:57 षष्ठी 05:57 सप्तमी 05:23 सप्तमी 05:24 सप्तमी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी बुध 30 अगस्त सुबह गुरु 31 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Sevan UTC+3 06:47 04:17 08:42 06:12 05:57 षष्ठी 05:57 सप्तमी 05:23 सप्तमी 05:24 सप्तमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:57, षष्ठी की समाप्ति 06:47 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।

Sevan · UTC+3

यहाँ सूर्योदय, 05:23, षष्ठी की समाप्ति 04:17 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।

बुध 30 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:57–04:40

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:57–04:40।

सूर्यास्त 18:38 मंगल सूर्योदय 05:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:38 मंगल सूर्योदय 05:23 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 29 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 29 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:38 मंगल से सूर्योदय 05:23 तक थी, 10 घं 45 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 30 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 11:34–12:26

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:34–12:26।

सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:23 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:34–12:26: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 30 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:23–07:02 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:23 से 18:37, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:37 से 05:24 गुरु, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 30 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:00–13:39

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:00–13:39।

बुध 30 अगस्त को यमगंड कब है? 07:02–08:42

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:02–08:42।

बुध 30 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:21–12:00

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–12:00।

सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:23 से 18:37 तक है, 13 घं 14 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 30 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 18:37, 13 घं 14 मि का दिन।

बुध 30 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 18:37, 13 घं 14 मि का दिन।

सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:44 चंद्रोदय 11:56
सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:44 चंद्रोदय 11:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 14 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 47 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 30 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 205.5° पर था: विशाखा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 205.5° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 205.5° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:55 को निकलेगा, अनुराधा में।

बुध 30 अगस्त को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 338.5° थे: इन्द्र।

सूर्य 133.0° + चंद्रमा 205.5° = 338.5° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 133.0° + चंद्रमा 205.5° = 338.5° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 133° + 205.5° = 338.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 20:25 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

बुध 30 अगस्त को कौन सा करण है? गर

सूर्योदय पर बढ़त 72.5° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।

सूर्य अमावस्या 0° 72.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° गर 72°–78° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 72.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° गर 72°–78° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 17:11 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 06:12 गुरु तक।

बुध 30 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:23, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:23 से 05:24 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 24 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 22 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

बुध 30 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल बुध 30 अगस्त पूर्णिमा 10 अग॰ अमावस्या 24 अग॰ पूर्णिमा 8 सित॰ अमावस्या 22 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल बुध 30 अगस्त पूर्णिमा 10 अग॰ अमावस्या 24 अग॰ पूर्णिमा 8 सित॰ अमावस्या 22 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

बुध 30 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1968 · शक 1833

विक्रम संवत 1968 30 मार्च 1911 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1911 15:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 अगस्त सूर्य 133.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1911 15:37 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 30 अगस्त सूर्य 133.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1911, 15:37 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 146.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1968 गिनता है; शक संवत 1833।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 30 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:56

चंद्रमा यहाँ 11:56 पर उदय होता है।

बुध 30 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:44

सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:44 चंद्रोदय 11:56
सूर्योदय 05:23 सूर्यास्त 18:37 सूर्योदय 05:24 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:44 चंद्रोदय 11:56
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:56 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:44 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:56 पर उदय हुआ; वह फिर 21:44 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।