Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 16 नवंबर 1910
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 16 नवंबर क्यों?
कार्तिक पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 16 नवंबर क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़16 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 16 नवंबर
- 04:53–05:50ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:46 से
- 06:46–08:00लाभ चौघड़िया
- 08:00–09:15अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:29–11:44शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:28–16:42लाभ चौघड़िया
-
16:06–17:30अमृत कालभरणी में
- सूर्यास्त 16:42 के बाद
- 18:28–20:13शुभ चौघड़िया
- 20:13–21:59अमृत चौघड़िया
- 03:16–05:01 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:54–05:51 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:46–08:00लाभशुभ
- 08:00–09:15अमृतयमगण्ड में
- 09:15–10:29कालअशुभ
- 10:29–11:44शुभगुलिक काल में
- 11:44–12:59रोगअशुभ
- 12:59–14:13उद्वेगअशुभ
- 14:13–15:28चरसामान्य
- 15:28–16:42लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:42–18:28उद्वेगअशुभ
- 18:28–20:13शुभ
- 20:13–21:59अमृतशुभ
- 21:59–23:45चरसामान्य
- 23:45–01:30 गुरुरोगअशुभ
- 01:30–03:16 गुरुकालअशुभ
- 03:16–05:01 गुरुलाभशुभ
- 05:01–06:47 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 16 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:53–05:50, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:46–08:00
- अमृत, शुभ, 08:00–09:15
- काल, अशुभ, 09:15–10:29
- शुभ, 10:29–11:44
- रोग, अशुभ, 11:44–12:59
- उद्वेग, अशुभ, 12:59–14:13
- चर, सामान्य, 14:13–15:28
- लाभ, शुभ, 15:28–16:42
- उद्वेग, अशुभ, 16:42–18:28
- शुभ, 18:28–20:13
- अमृत, शुभ, 20:13–21:59
- चर, सामान्य, 21:59–23:45
- रोग, अशुभ, 23:45–01:30 गुरु
- काल, अशुभ, 01:30–03:16 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:16–05:01 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:01–06:47 गुरु
- यमगण्ड, 08:00–09:15, अशुभ
- गुलिक काल, 10:29–11:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:24–12:04, अशुभ
- राहु काल, 11:44–12:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:54–05:51 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में कार्तिक पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को क्यों है?
कार्तिक पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
कार्तिक पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को 07:07 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 17 नवंबर को 03:22 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 16 नवंबर। कार्तिक पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा बुध 16 नवंबर को 07:07 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 17 नवंबर को 03:22 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 16 नवंबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 16 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.8° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:46। त्रयोदशी उससे पहले 10:42 मंगल पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 2 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:09 को शुरू हुई और 03:24 गुरु को समाप्त, 06:46 और 06:47 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को चतुर्दशी है और गुरुवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 16 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:53–05:50
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:53–05:50।
मंगल 15 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:43 मंगल से सूर्योदय 06:46 तक थी, 14 घं 3 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 16 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:24–12:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:24–12:04।
यहाँ दिन, 06:46 से 16:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:24–12:04: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 16 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:46–08:00 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:46 से 16:42, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:42 से 06:47 गुरु, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 16 नवंबर को राहुकाल कब है? 11:44–12:59
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:44–12:59।
बुध 16 नवंबर को यमगंड कब है? 08:00–09:15
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:00–09:15।
बुध 16 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:29–11:44
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:29–11:44।
यहाँ दिन 06:46 से 16:42 तक है, 9 घं 56 मि। इसे 1 घं 14 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 16 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:46
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 16:42, 9 घं 56 मि का दिन।
बुध 16 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:46, सूर्यास्त 16:42, 9 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 16 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 18.1° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:18 को निकलेगा, कृत्तिका में।
बुध 16 नवंबर को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 228.4° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 210.3° + 18.1° = 228.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 23:56 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
बुध 16 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.8° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 20:57 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:09 तक है।
बुध 16 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:46, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:46 से 06:47 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 16 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 2 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 2 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
बुध 16 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
बुध 16 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1967 · शक 1832
विक्रम संवत 1967 10 अप्रैल 1910 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 1910, 00:24 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 213.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1967 गिनता है; शक संवत 1832।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 16 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:20
चंद्रमा यहाँ 16:20 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:20 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।