Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 27 नवंबर 1909
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा शनि 27 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 27 नवंबर क्यों?
कार्तिक पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 27 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 27 नवंबर क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़27 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 27 नवंबर
- 05:04–06:01ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:59 से
- 08:16–09:23शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:28–12:06अभिजीत मुहूर्त
- 12:59–14:11लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:11–15:23अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:35 के बाद
- 16:35–18:23लाभ चौघड़िया
- 20:11–21:59शुभ चौघड़िया
- 21:59–23:47अमृत चौघड़िया
-
03:48–05:16 रविअमृत कालरोहिणी में
- 05:12–07:00 रविलाभ चौघड़िया
- 05:04–06:02 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:59–08:11कालअशुभ
- 08:11–09:23शुभ
- 09:23–10:35रोगअशुभ
- 10:35–11:47उद्वेगअशुभ
- 11:47–12:59चरसामान्य
- 12:59–14:11लाभयमगण्ड में
- 14:11–15:23अमृतशुभ
- 15:23–16:35कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:35–18:23लाभशुभ
- 18:23–20:11उद्वेगअशुभ
- 20:11–21:59शुभ
- 21:59–23:47अमृतशुभ
- 23:47–01:36 रविचरसामान्य
- 01:36–03:24 रविरोगअशुभ
- 03:24–05:12 रविकालअशुभ
- 05:12–07:00 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 27 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–06:01, शुभ
- काल, अशुभ, 06:59–08:11
- शुभ, 08:11–09:23
- रोग, अशुभ, 09:23–10:35
- उद्वेग, अशुभ, 10:35–11:47
- चर, सामान्य, 11:47–12:59
- लाभ, शुभ, 12:59–14:11
- अमृत, शुभ, 14:11–15:23
- काल, अशुभ, 15:23–16:35
- लाभ, शुभ, 16:35–18:23
- उद्वेग, अशुभ, 18:23–20:11
- शुभ, 20:11–21:59
- अमृत, शुभ, 21:59–23:47
- चर, सामान्य, 23:47–01:36 रवि
- रोग, अशुभ, 01:36–03:24 रवि
- काल, अशुभ, 03:24–05:12 रवि
- लाभ, शुभ, 05:12–07:00 रवि
- गुलिक काल, 06:59–08:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:59–07:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:37–08:16, अशुभ
- राहु काल, 09:23–10:35, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:28–12:06, शुभ
- यमगण्ड, 12:59–14:11, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–06:02 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में कार्तिक पूर्णिमा शनि 27 नवंबर को क्यों है?
कार्तिक पूर्णिमा शनि 27 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
कार्तिक पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 26 नवंबर को 14:49 से शनि 27 नवंबर को 11:49 तक है, इसलिए वह केवल शनि 27 नवंबर के सूर्योदय (06:57) पर है। कार्तिक पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में पूर्णिमा शनि 27 नवंबर को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 27 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 26 नवंबर को 14:49 से शनि 27 नवंबर को 11:49 तक है, इसलिए वह केवल शनि 27 नवंबर के सूर्योदय (06:57) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 27 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 177.2° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:59। चतुर्दशी उससे पहले 14:51 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 11:51 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 13 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 27 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:04–06:01
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:04–06:01।
शुक्र 26 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:36 शुक्र से सूर्योदय 06:59 तक थी, 14 घं 23 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 27 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:28–12:06
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:28–12:06।
शनि 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:59–07:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:59–07:37 और 07:37–08:16।
शनि 27 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:37–08:16
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:59–07:37 और 07:37–08:16।
यहाँ दिन, 06:59 से 16:35, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:59–07:37 और 07:37–08:16।
शनि 27 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:59–08:11 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:59 से 16:35, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:35 से 07:00 रवि, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 27 नवंबर को राहुकाल कब है? 09:23–10:35
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–10:35।
शनि 27 नवंबर को यमगंड कब है? 12:59–14:11
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:59–14:11।
शनि 27 नवंबर को गुलिक काल कब है? 06:59–08:11
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:59–08:11।
यहाँ दिन 06:59 से 16:35 तक है, 9 घं 36 मि। इसे 1 घं 12 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 27 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 16:35, 9 घं 36 मि का दिन।
शनि 27 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:35
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 16:35, 9 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 27 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 38.9° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:45 को निकलेगा, रोहिणी में।
शनि 27 नवंबर को कौन सा योग है? शिव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 260.6° थे: शिव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 221.7° + 38.9° = 260.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 16:16 को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।
शनि 27 नवंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 177.2° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 01:19 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 11:51 तक है।
शनि 27 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:59, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:59 से 07:00 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 13 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 12 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
शनि 27 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
शनि 27 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1966 · शक 1831
विक्रम संवत 1966 21 मार्च 1909 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 1909, 23:11 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 243.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1966 गिनता है; शक संवत 1831।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 27 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:41
चंद्रमा यहाँ 16:41 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:41 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।