Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 3 दिसंबर 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
गीता जयंती
गीता जयंती गुरु 3 दिसंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। गुरु 3 दिसंबर क्यों?
गीता जयंती: Sevan में हर तारीख़व्रत
मोक्षदा एकादशी
स्मार्त परंपरा में मोक्षदा एकादशी गुरु 3 दिसंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 4 दिसंबर को व्रत रखते हैं। गुरु 3 दिसंबर क्यों?
मोक्षदा एकादशी: Sevan में हर तारीख़3 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 3 दिसंबर
- 05:09–06:07ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 07:05–08:16शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:30–12:08अभिजीत मुहूर्त
- 11:49–13:00लाभ चौघड़िया
- 13:00–14:11अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 15:22–16:33शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:33 के बाद
- 16:33–18:22अमृत चौघड़िया
- 23:50–01:39 शुक्रलाभ चौघड़िया
-
01:36–03:07 शुक्रअमृत कालरेवती में
- 03:28–05:17 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:17–07:06 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:10–06:08 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:16शुभयमगण्ड में
- 08:16–09:27रोगअशुभ
- 09:27–10:38उद्वेगअशुभ
- 10:38–11:49चरसामान्य
- 11:49–13:00लाभशुभ
- 13:00–14:11अमृतराहु काल में
- 14:11–15:22कालअशुभ
- 15:22–16:33शुभ
रात का चौघड़िया
- 16:33–18:22अमृतशुभ
- 18:22–20:11चरसामान्य
- 20:11–22:01रोगअशुभ
- 22:01–23:50कालअशुभ
- 23:50–01:39 शुक्रलाभशुभ
- 01:39–03:28 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:28–05:17 शुक्रशुभ
- 05:17–07:06 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 3 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:09–06:07, शुभ
- शुभ, 07:05–08:16
- रोग, अशुभ, 08:16–09:27
- उद्वेग, अशुभ, 09:27–10:38
- चर, सामान्य, 10:38–11:49
- लाभ, शुभ, 11:49–13:00
- अमृत, शुभ, 13:00–14:11
- काल, अशुभ, 14:11–15:22
- शुभ, 15:22–16:33
- अमृत, शुभ, 16:33–18:22
- चर, सामान्य, 18:22–20:11
- रोग, अशुभ, 20:11–22:01
- काल, अशुभ, 22:01–23:50
- लाभ, शुभ, 23:50–01:39 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:39–03:28 शुक्र
- शुभ, 03:28–05:17 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:17–07:06 शुक्र
- यमगण्ड, 07:05–08:16, अशुभ
- गुलिक काल, 09:27–10:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:15–10:52, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:30–12:08, शुभ
- राहु काल, 13:00–14:11, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:02–14:40, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–06:08 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में गीता जयंती गुरु 3 दिसंबर को क्यों है?
गीता जयंती गुरु 3 दिसंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
गीता जयंती सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। एकादशी गुरु 3 दिसंबर को 07:27 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शुक्र 4 दिसंबर को 05:32 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 3 दिसंबर। गीता जयंती का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में मोक्षदा एकादशी गुरु 3 दिसंबर को क्यों है?
स्मार्त परंपरा में मोक्षदा एकादशी गुरु 3 दिसंबर को है: एकादशी किसी सूर्योदय पर नहीं है, और क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है। वैष्णव शुक्र 4 दिसंबर को व्रत रखते हैं।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह गुरु 3 दिसंबर को 07:27 पर, उस सूर्योदय (07:03) के बाद, लगती है और शुक्र 4 दिसंबर को 05:32 पर, अगले सूर्योदय (07:04 शुक्र) से पहले, समाप्त होती है: यह किसी सूर्योदय पर नहीं है। क्षय एकादशी उसी दिन रखी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 3 दिसंबर।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 119.8° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। नवमी उससे पहले 09:32 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 07:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 24 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
एकादशी क्षय क्यों है?
एकादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन एकादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। एकादशी 07:29 को शुरू हुई और 05:34 शुक्र को समाप्त, 07:05 और 07:06 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को दशमी है और शुक्रवार को द्वादशी: एकादशी यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 3 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:09–06:07
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:09–06:07।
बुध 2 दिसंबर की रात सूर्यास्त 16:33 बुध से सूर्योदय 07:05 तक थी, 14 घं 32 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 3 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:30–12:08
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:30–12:08।
गुरु 3 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:15–10:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:15–10:52 और 14:02–14:40।
गुरु 3 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:02–14:40
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:15–10:52 और 14:02–14:40।
यहाँ दिन, 07:05 से 16:33, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:15–10:52 और 14:02–14:40।
गुरु 3 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:16 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 16:33, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:33 से 07:06 शुक्र, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 3 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:00–14:11
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:00–14:11।
गुरु 3 दिसंबर को यमगंड कब है? 07:05–08:16
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:05–08:16।
गुरु 3 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 09:27–10:38
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:27–10:38।
यहाँ दिन 07:05 से 16:33 तक है, 9 घं 28 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 3 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 16:33, 9 घं 28 मि का दिन।
गुरु 3 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:33
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 16:33, 9 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 347.8° पर था: रेवती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:52 शुक्र को निकलेगा, अश्विनी में।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 575.8° थे, एक चक्कर और 215.8°: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 228° + 347.8° = 575.8°, एक पूरा चक्कर और 215.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 00:17 शुक्र को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 119.8° थी: दशमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 20:30 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 114° हुई; गर 07:29 तक है।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:06 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 24 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 23 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
गुरु 3 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830
विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 08:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 239.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 3 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:10
चंद्रमा यहाँ 14:10 पर उदय होता है।
गुरु 3 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:52 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:10 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:52 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:10 पर उदय हुआ; वह फिर 02:52 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।