Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 14 जून 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 14 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। रवि 14 जून क्यों?
पूर्णिमा: Sevan में हर तारीख़14 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 14 जून
- 03:16–03:52ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:28 से
-
07:52–09:22अमृत कालज्येष्ठा में
- 08:14–10:07लाभ चौघड़िया
- 10:07–11:59अमृत चौघड़िया
- 11:29–11:59अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:52–15:45शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:31 के बाद
- 19:31–20:38शुभ चौघड़िया
- 20:38–21:45अमृत चौघड़िया
- 01:07–02:14 सोमलाभ चौघड़िया
- 03:21–04:28 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:16–03:52 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:28–06:21उद्वेगअशुभ
- 06:21–08:14चरसामान्य
- 08:14–10:07लाभशुभ
- 10:07–11:59अमृतशुभ
- 11:59–13:52कालअशुभ
- 13:52–15:45शुभ
- 15:45–17:38रोगअशुभ
- 17:38–19:31उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:31–20:38शुभ
- 20:38–21:45अमृतशुभ
- 21:45–22:52चरसामान्य
- 22:52–23:59रोगअशुभ
- 23:59–01:07 सोमकालअशुभ
- 01:07–02:14 सोमलाभशुभ
- 02:14–03:21 सोमउद्वेगअशुभ
- 03:21–04:28 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 14 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:16–03:52, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 04:28–06:21
- चर, सामान्य, 06:21–08:14
- लाभ, शुभ, 08:14–10:07
- अमृत, शुभ, 10:07–11:59
- काल, अशुभ, 11:59–13:52
- शुभ, 13:52–15:45
- रोग, अशुभ, 15:45–17:38
- उद्वेग, अशुभ, 17:38–19:31
- शुभ, 19:31–20:38
- अमृत, शुभ, 20:38–21:45
- चर, सामान्य, 21:45–22:52
- रोग, अशुभ, 22:52–23:59
- काल, अशुभ, 23:59–01:07 सोम
- लाभ, शुभ, 01:07–02:14 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:14–03:21 सोम
- शुभ, 03:21–04:28 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:29–12:30, शुभ
- यमगण्ड, 11:59–13:52, अशुभ
- गुलिक काल, 15:45–17:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:30–18:31, अशुभ
- राहु काल, 17:38–19:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:16–03:52 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में पूर्णिमा रवि 14 जून को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 14 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शनि 13 जून को 19:17 से रवि 14 जून को 16:53 तक है, इसलिए वह केवल रवि 14 जून के सूर्योदय (04:26) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 14 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 173.1° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:28। चतुर्दशी उससे पहले 19:19 शनि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 16:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 30 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 14 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:16–03:52
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:16–03:52।
शनि 13 जून की रात सूर्यास्त 19:30 शनि से सूर्योदय 04:28 तक थी, 8 घं 58 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 14 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:29–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:29–12:30।
रवि 14 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:30–18:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:30–18:31।
यहाँ दिन, 04:28 से 19:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:30–18:31।
रवि 14 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:28–06:21 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:28 से 19:31, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:31 से 04:28 सोम, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 14 जून को राहुकाल कब है? 17:38–19:31
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:38–19:31।
रवि 14 जून को यमगंड कब है? 11:59–13:52
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:59–13:52।
रवि 14 जून को गुलिक काल कब है? 15:45–17:38
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:45–17:38।
यहाँ दिन 04:28 से 19:31 तक है, 15 घं 3 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 14 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:28, सूर्यास्त 19:31, 15 घं 3 मि का दिन।
रवि 14 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:28, सूर्यास्त 19:31, 15 घं 3 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 14 जून को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 233.1° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 16:05 को निकलेगा, मूल में।
रवि 14 जून को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 293.1° थे: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 60° + 233.1° = 293.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 04:54 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
रवि 14 जून को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 173.1° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 06:10 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 16:55 तक।
रवि 14 जून को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 04:28, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:28 से 04:28 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 14 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 30 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 28 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
रवि 14 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
रवि 14 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830
विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 08:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 71.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 14 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:29
चंद्रमा यहाँ 19:29 पर उदय होता है।
चंद्रमा 19:29 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।