tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग गुरु 28 मई 1908

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

त्रयोदशी

कृष्ण पक्ष · 06:39 तक

फिर चतुर्दशी · 06:12 शुक्र तक

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
23:38⁠–⁠00:15 शुक्र
निशीथ काल 23:38⁠–⁠00:15 शुक्र

मासिक शिवरात्रि गुरु 28 मई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 28 मई क्यों?

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:19 04:33 19:20अगला सूर्योदय 04:33 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:33–06:24शुभयमगण्ड में
  • 06:24–08:15रोगअशुभ
  • 08:15–10:06उद्वेगअशुभ
  • 10:06–11:57चरसामान्य
  • 11:57–13:48लाभशुभ
  • 13:48–15:38अमृतराहु काल में
  • 15:38–17:29कालअशुभ
  • 17:29–19:20शुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:20–20:29अमृतशुभ
  • 20:29–21:38चरसामान्य
  • 21:38–22:47रोगअशुभ
  • 22:47–23:56कालअशुभ
  • 23:56–01:06 शुक्रलाभशुभ
  • 01:06–02:15 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 02:15–03:24 शुक्रशुभ
  • 03:24–04:33 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 28 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:56, शुभ
  • शुभ, 04:33–06:24
  • रोग, अशुभ, 06:24–08:15
  • उद्वेग, अशुभ, 08:15–10:06
  • चर, सामान्य, 10:06–11:57
  • लाभ, शुभ, 11:57–13:48
  • अमृत, शुभ, 13:48–15:38
  • काल, अशुभ, 15:38–17:29
  • शुभ, 17:29–19:20
  • अमृत, शुभ, 19:20–20:29
  • चर, सामान्य, 20:29–21:38
  • रोग, अशुभ, 21:38–22:47
  • काल, अशुभ, 22:47–23:56
  • लाभ, शुभ, 23:56–01:06 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:06–02:15 शुक्र
  • शुभ, 02:15–03:24 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 03:24–04:33 शुक्र
  • यमगण्ड, 04:33–06:24, अशुभ
  • गुलिक काल, 08:15–10:06, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:29–10:28, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:26, शुभ
  • राहु काल, 13:48–15:38, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:24–16:23, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:56 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में मासिक शिवरात्रि गुरु 28 मई को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि गुरु 28 मई को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।

त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 27 मई निशीथ काल 23:38–00:15 गुरु
त्रयोदशी 22:00 23:00 00:00 01:00 02:00 बुध 27 मई निशीथ काल 23:38–00:15 गुरु
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 28 मई को 06:37 से शुक्र 29 मई को 06:10 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:36–00:13 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

गुरु 28 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 334.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 334.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 334.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:33। द्वादशी उससे पहले 07:32 बुध पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 06:39 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 16 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

गुरु 28 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:19–03:56

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:19–03:56।

सूर्यास्त 19:19 बुध सूर्योदय 04:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 27 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:19 बुध सूर्योदय 04:33 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 27 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 27 मई की रात सूर्यास्त 19:19 बुध से सूर्योदय 04:33 तक थी, 9 घं 14 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 28 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:26।

गुरु 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 09:29–10:28

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:29–10:28 और 15:24–16:23।

गुरु 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:24–16:23

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:29–10:28 और 15:24–16:23।

सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 04:33 से 19:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:29–10:28 और 15:24–16:23।

गुरु 28 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:33–06:24 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:33 से 19:20, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:20 से 04:33 शुक्र, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 28 मई को राहुकाल कब है? 13:48–15:38

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:48–15:38।

गुरु 28 मई को यमगंड कब है? 04:33–06:24

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 04:33–06:24।

गुरु 28 मई को गुलिक काल कब है? 08:15–10:06

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:15–10:06।

सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 04:33 से 19:20 तक है, 14 घं 47 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 28 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:33, सूर्यास्त 19:20, 14 घं 47 मि का दिन।

गुरु 28 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:33, सूर्यास्त 19:20, 14 घं 47 मि का दिन।

सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 04:12 शुक्र
सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 04:12 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 28 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी

सूर्योदय पर चंद्रमा 18.7° पर था: भरणी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 18.7° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° भरणी चंद्रमा 18.7° अगला: कृत्तिका पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:03 को निकलेगा, कृत्तिका में।

गुरु 28 मई को कौन सा योग है? शोभन

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 62.4° थे: शोभन।

सूर्य 43.7° + चंद्रमा 18.7° = 62.4° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 43.7° + चंद्रमा 18.7° = 62.4° शोभन 53°20′–66°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 43.7° + 18.7° = 62.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 11:45 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।

गुरु 28 मई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 334.9° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 334.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 334.9° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल त्रयोदशी 324°–336° वणिज 330°–336° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:02 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 06:39 तक है।

गुरु 28 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 04:33, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:33 से 04:33 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख

यह मास 30 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।

मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
मेष वृषभ 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 13 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 30 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।

गुरु 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 28 मई अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 30 मई पूर्णिमा 14 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त वैशाख कृष्ण शुक्ल गुरु 28 मई अमावस्या 30 अप्रैल पूर्णिमा 16 मई अमावस्या 30 मई पूर्णिमा 14 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।

गुरु 28 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1965 · शक 1830

विक्रम संवत 1965 1 अप्रैल 1908 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1908 08:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 28 मई सूर्य 43.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 1 अप्रैल 1908 08:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 28 मई सूर्य 43.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 1908, 08:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 55.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1965 गिनता है; शक संवत 1830।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 28 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:12 शुक्र

चंद्रमा यहाँ 04:12 शुक्र पर उदय होता है।

गुरु 28 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:32

सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 04:12 शुक्र
सूर्योदय 04:33 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:32 चंद्रोदय 04:12 शुक्र
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:32 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:12 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:32 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:12 शुक्र पर उदय होगा।