Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 18 मार्च 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
कृष्ण पक्ष · 06:29 गुरु तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें प्रतिपदा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंत्योहार
होली
होली बुध 18 मार्च को है: प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। बुध 18 मार्च क्यों?
होली: Sevan में हर तारीख़18 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 18 मार्च
- 04:31–05:19ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:07 से
- 06:07–07:38लाभ चौघड़िया
- 07:38–09:08अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:08–09:58अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · उत्तराफाल्गुनी में
- 10:38–12:08शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:39–18:09लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:09 के बाद
- 19:38–21:08शुभ चौघड़िया
- 21:08–22:38अमृत चौघड़िया
- 03:07–04:36 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:30–05:18 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:07–07:38लाभशुभ
- 07:38–09:08अमृतयमगण्ड में
- 09:08–10:38कालअशुभ
- 10:38–12:08शुभगुलिक काल में
- 12:08–13:38रोगअशुभ
- 13:38–15:09उद्वेगअशुभ
- 15:09–16:39चरसामान्य
- 16:39–18:09लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:09–19:38उद्वेगअशुभ
- 19:38–21:08शुभ
- 21:08–22:38अमृतशुभ
- 22:38–00:07 गुरुचरसामान्य
- 00:07–01:37 गुरुरोगअशुभ
- 01:37–03:07 गुरुकालअशुभ
- 03:07–04:36 गुरुलाभशुभ
- 04:36–06:06 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 18 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:19, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:07–07:38
- अमृत, शुभ, 07:38–09:08
- काल, अशुभ, 09:08–10:38
- शुभ, 10:38–12:08
- रोग, अशुभ, 12:08–13:38
- उद्वेग, अशुभ, 13:38–15:09
- चर, सामान्य, 15:09–16:39
- लाभ, शुभ, 16:39–18:09
- उद्वेग, अशुभ, 18:09–19:38
- शुभ, 19:38–21:08
- अमृत, शुभ, 21:08–22:38
- चर, सामान्य, 22:38–00:07 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:07–01:37 गुरु
- काल, अशुभ, 01:37–03:07 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:07–04:36 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:36–06:06 गुरु
- यमगण्ड, 07:38–09:08, अशुभ
- गुलिक काल, 10:38–12:08, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:44–12:32, अशुभ
- राहु काल, 12:08–13:38, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:18 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में होली बुध 18 मार्च को क्यों है?
होली बुध 18 मार्च को है: प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।
होली सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। प्रतिपदा दोनों सूर्योदयों पर है, बुध 18 मार्च को 06:05 और गुरु 19 मार्च को 06:04। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 18 मार्च।
बुध 18 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 180.3° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:07। पूर्णिमा उससे पहले 05:28 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 06:29 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 18 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर क्यों है?
प्रतिपदा यहाँ बुध 18 और गुरु 19 मार्च दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 05:28 को, सूर्योदय 06:07 से पहले, शुरू हुई और 06:29 गुरु को, अगले सूर्योदय 06:06 गुरु के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन प्रतिपदा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
नई दिल्ली में पूर्णिमा क्यों है?
नई दिल्ली में पूर्णिमा है, Sevan में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:28, पूर्णिमा की समाप्ति 07:58 से पहले हुआ: यह दिन पूर्णिमा है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 06:07, पूर्णिमा की समाप्ति 05:28 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
बुध 18 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:19
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:19।
मंगल 17 मार्च की रात सूर्यास्त 18:08 मंगल से सूर्योदय 06:07 तक थी, 11 घं 59 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 18 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 11:44–12:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:44–12:32।
यहाँ दिन, 06:07 से 18:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:44–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 18 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:07–07:38 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:07 से 18:09, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:09 से 06:06 गुरु, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 18 मार्च को राहुकाल कब है? 12:08–13:38
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:08–13:38।
बुध 18 मार्च को यमगंड कब है? 07:38–09:08
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:38–09:08।
बुध 18 मार्च को गुलिक काल कब है? 10:38–12:08
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:38–12:08।
यहाँ दिन 06:07 से 18:09 तक है, 12 घं 2 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 18 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 2 मि का दिन।
बुध 18 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:09, 12 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 18 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 154.9° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 153°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:00 को निकलेगा, हस्त में।
बुध 18 मार्च को कौन सा योग है? गण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 489.5° थे, एक चक्कर और 129.5°: गण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 334.6° + 154.9° = 489.5°, एक पूरा चक्कर और 129.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 13:05 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।
बुध 18 मार्च को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 180.3° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 18:02 तक है, जब बढ़त 186° होगी; कौलव 06:29 गुरु तक।
बुध 18 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:07, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:07 से 06:06 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 18 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 2 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 13 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 1 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
बुध 18 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
बुध 18 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1964 · शक 1829
विक्रम संवत 1964 12 अप्रैल 1907 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 1907, 22:05 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 335.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1964 गिनता है; शक संवत 1829।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 18 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:29
चंद्रमा यहाँ 18:29 पर उदय होता है।
बुध 18 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:36
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:36 पर अस्त हुआ; वह फिर 18:29 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:36 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 18:29 पर उदय होगा।