Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 12 फ़रवरी 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
जया एकादशी
जया एकादशी बुध 12 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। बुध 12 फ़रवरी क्यों?
जया एकादशी: Sevan में हर तारीख़12 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 12 फ़रवरी
- 05:11–06:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:59 से
- 06:59–08:18लाभ चौघड़िया
- 08:18–09:37अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:55–12:14शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:11–17:29लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:29 के बाद
- 19:10–20:51शुभ चौघड़िया
- 20:51–22:33अमृत चौघड़िया
- 03:36–05:17 गुरुलाभ चौघड़िया
-
06:00–06:58 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · आर्द्रा में
- 05:10–06:04 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:59–08:18लाभशुभ
- 08:18–09:37अमृतयमगण्ड में
- 09:37–10:55कालअशुभ
- 10:55–12:14शुभगुलिक काल में
- 12:14–13:33रोगअशुभ
- 13:33–14:52उद्वेगअशुभ
- 14:52–16:11चरसामान्य
- 16:11–17:29लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:29–19:10उद्वेगअशुभ
- 19:10–20:51शुभ
- 20:51–22:33अमृतशुभ
- 22:33–00:14 गुरुचरसामान्य
- 00:14–01:55 गुरुरोगअशुभ
- 01:55–03:36 गुरुकालअशुभ
- 03:36–05:17 गुरुलाभशुभ
- 05:17–06:58 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 12 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:05, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:59–08:18
- अमृत, शुभ, 08:18–09:37
- काल, अशुभ, 09:37–10:55
- शुभ, 10:55–12:14
- रोग, अशुभ, 12:14–13:33
- उद्वेग, अशुभ, 13:33–14:52
- चर, सामान्य, 14:52–16:11
- लाभ, शुभ, 16:11–17:29
- उद्वेग, अशुभ, 17:29–19:10
- शुभ, 19:10–20:51
- अमृत, शुभ, 20:51–22:33
- चर, सामान्य, 22:33–00:14 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:14–01:55 गुरु
- काल, अशुभ, 01:55–03:36 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:36–05:17 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:17–06:58 गुरु
- यमगण्ड, 08:18–09:37, अशुभ
- गुलिक काल, 10:55–12:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:53–12:35, अशुभ
- राहु काल, 12:14–13:33, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:10–06:04 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में जया एकादशी बुध 12 फ़रवरी को क्यों है?
जया एकादशी बुध 12 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 12 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:57: बुध 12 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:07 मंगल पर, उससे (05:21–06:57) पहले, समाप्त हुई।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 123.6° आगे था: शुक्ल एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:59। दशमी उससे पहले 23:09 मंगल पर समाप्त हुई। एकादशी 01:34 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 2 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 12 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–06:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–06:05।
मंगल 11 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:28 मंगल से सूर्योदय 06:59 तक थी, 13 घं 31 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 12 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:53–12:35
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:53–12:35।
यहाँ दिन, 06:59 से 17:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:53–12:35: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 12 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:59–08:18 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:59 से 17:29, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:29 से 06:58 गुरु, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 12 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:14–13:33
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:33।
बुध 12 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:18–09:37
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:18–09:37।
बुध 12 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:55–12:14
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:14।
यहाँ दिन 06:59 से 17:29 तक है, 10 घं 30 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 12 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 17:29, 10 घं 30 मि का दिन।
बुध 12 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 17:29, 10 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 63.1° पर था: मृगशिरा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:15 को निकलेगा, आर्द्रा में।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 362.6° थे, एक चक्कर और 2.6°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 299.5° + 63.1° = 362.6°, एक पूरा चक्कर और 2.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 03:03 गुरु को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 123.6° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 12:19 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 01:34 गुरु तक।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:59, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:59 से 06:58 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 2 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 2 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
बुध 12 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1964 · शक 1829
विक्रम संवत 1964 12 अप्रैल 1907 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 1907, 22:05 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 300.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1964 गिनता है; शक संवत 1829।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 12 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 13:09
चंद्रमा यहाँ 13:09 पर उदय होता है।
बुध 12 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:23 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:09 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:23 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 13:09 पर उदय हुआ; वह फिर 04:23 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।