Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 15 जनवरी 1908
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
शुक्ल पक्ष · 09:06 तक
फिर त्रयोदशी · 11:24 गुरु तक
द्वादशी यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानेंव्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 15 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 15 जनवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Sevan में हर तारीख़15 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 15 जनवरी
- 05:26–06:24ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:22 से
- 07:22–08:34लाभ चौघड़िया
- 08:34–09:45अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:57–12:09शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:44–16:56लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:56 के बाद
- 18:44–20:32शुभ चौघड़िया
- 20:32–22:20अमृत चौघड़िया
-
22:24–00:11 गुरुअमृत कालमृगशिरा में
- 03:45–05:33 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:26–06:24 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:22–08:34लाभशुभ
- 08:34–09:45अमृतयमगण्ड में
- 09:45–10:57कालअशुभ
- 10:57–12:09शुभगुलिक काल में
- 12:09–13:21रोगअशुभ
- 13:21–14:32उद्वेगअशुभ
- 14:32–15:44चरसामान्य
- 15:44–16:56लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:56–18:44उद्वेगअशुभ
- 18:44–20:32शुभ
- 20:32–22:20अमृतशुभ
- 22:20–00:09 गुरुचरसामान्य
- 00:09–01:57 गुरुरोगअशुभ
- 01:57–03:45 गुरुकालअशुभ
- 03:45–05:33 गुरुलाभशुभ
- 05:33–07:21 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 15 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:24, शुभ
- लाभ, शुभ, 07:22–08:34
- अमृत, शुभ, 08:34–09:45
- काल, अशुभ, 09:45–10:57
- शुभ, 10:57–12:09
- रोग, अशुभ, 12:09–13:21
- उद्वेग, अशुभ, 13:21–14:32
- चर, सामान्य, 14:32–15:44
- लाभ, शुभ, 15:44–16:56
- उद्वेग, अशुभ, 16:56–18:44
- शुभ, 18:44–20:32
- अमृत, शुभ, 20:32–22:20
- चर, सामान्य, 22:20–00:09 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:09–01:57 गुरु
- काल, अशुभ, 01:57–03:45 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:45–05:33 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:33–07:21 गुरु
- यमगण्ड, 08:34–09:45, अशुभ
- गुलिक काल, 10:57–12:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:50–12:28, अशुभ
- राहु काल, 12:09–13:21, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:24 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में प्रदोष व्रत बुध 15 जनवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 15 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 15 जनवरी को 09:04 से गुरु 16 जनवरी को 11:22 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (16:54–19:47) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 15 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143.2° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:22। एकादशी उससे पहले 07:10 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 09:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 4 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वादशी दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वादशी यहाँ मंगल 14 और बुध 15 जनवरी दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 07:10 मंगल को, सूर्योदय 07:22 मंगल से पहले, शुरू हुई और 09:06 को, अगले सूर्योदय 07:22 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वादशी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
बुध 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:26–06:24
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:26–06:24।
मंगल 14 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:55 मंगल से सूर्योदय 07:22 तक थी, 14 घं 27 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:50–12:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:50–12:28।
यहाँ दिन, 07:22 से 16:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:50–12:28: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 15 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:22–08:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:22 से 16:56, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:56 से 07:21 गुरु, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 15 जनवरी को राहुकाल कब है? 12:09–13:21
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:21।
बुध 15 जनवरी को यमगंड कब है? 08:34–09:45
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:34–09:45।
बुध 15 जनवरी को गुलिक काल कब है? 10:57–12:09
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:57–12:09।
यहाँ दिन 07:22 से 16:56 तक है, 9 घं 34 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 15 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 16:56, 9 घं 34 मि का दिन।
बुध 15 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 16:56, 9 घं 34 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 34 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 15 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 54.3° पर था: मृगशिरा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 08:12 गुरु को निकलेगा, आर्द्रा में।
बुध 15 जनवरी को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 325.4° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 271.1° + 54.3° = 325.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 22:06 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
बुध 15 जनवरी को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 143.2° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 20:05 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 09:06 तक है।
बुध 15 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:22, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:22 से 07:21 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 4 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 2 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
बुध 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
बुध 15 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1964 · शक 1829
विक्रम संवत 1964 12 अप्रैल 1907 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 12 अप्रैल 1907, 22:05 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 271.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1964 गिनता है; शक संवत 1829।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 15 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:28
चंद्रमा यहाँ 14:28 पर उदय होता है।
बुध 15 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:34 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:28 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:34 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:28 पर उदय हुआ; वह फिर 05:34 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।