Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 8 मार्च 1907
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
8 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 8 मार्च
- 04:45–05:35ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:25 से
- 07:51–09:18लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:29–10:44अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:11–12:34अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:11–12:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:20–13:38शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
16:31–17:30अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · मूल में
- सूर्यास्त 17:57 के बाद
- 21:04–22:37लाभ चौघड़िया
- 00:10–01:43 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:43–03:17 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:44–05:33 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:25–07:51चरसामान्य
- 07:51–09:18लाभगुलिक काल में
- 09:18–10:44अमृतशुभ
- 10:44–12:11कालअशुभ
- 12:11–13:38शुभ
- 13:38–15:04रोगअशुभ
- 15:04–16:31उद्वेगअशुभ
- 16:31–17:57चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:57–19:31रोगअशुभ
- 19:31–21:04कालअशुभ
- 21:04–22:37लाभशुभ
- 22:37–00:10 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:10–01:43 शनिशुभ
- 01:43–03:17 शनिअमृतशुभ
- 03:17–04:50 शनिचरसामान्य
- 04:50–06:23 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 8 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:35, शुभ
- चर, सामान्य, 06:25–07:51
- लाभ, शुभ, 07:51–09:18
- अमृत, शुभ, 09:18–10:44
- काल, अशुभ, 10:44–12:11
- शुभ, 12:11–13:38
- रोग, अशुभ, 13:38–15:04
- उद्वेग, अशुभ, 15:04–16:31
- चर, सामान्य, 16:31–17:57
- रोग, अशुभ, 17:57–19:31
- काल, अशुभ, 19:31–21:04
- लाभ, शुभ, 21:04–22:37
- उद्वेग, अशुभ, 22:37–00:10 शनि
- शुभ, 00:10–01:43 शनि
- अमृत, शुभ, 01:43–03:17 शनि
- चर, सामान्य, 03:17–04:50 शनि
- रोग, अशुभ, 04:50–06:23 शनि
- गुलिक काल, 07:51–09:18, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:43–09:29, अशुभ
- राहु काल, 10:44–12:11, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:34, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:34–13:20, अशुभ
- यमगण्ड, 15:04–16:31, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:33 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 8 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 280.3° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:25। अष्टमी उससे पहले 22:39 गुरु पर समाप्त हुई। नवमी 20:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 28 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
शुक्र 8 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:45–05:35
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:45–05:35।
गुरु 7 मार्च की रात सूर्यास्त 17:56 गुरु से सूर्योदय 06:25 तक थी, 12 घं 29 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 8 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:34
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:34।
शुक्र 8 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:43–09:29 और 12:34–13:20।
शुक्र 8 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:34–13:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:43–09:29 और 12:34–13:20।
यहाँ दिन, 06:25 से 17:57, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:43–09:29 और 12:34–13:20।
शुक्र 8 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:25–07:51 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:25 से 17:57, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:57 से 06:23 शनि, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 8 मार्च को राहुकाल कब है? 10:44–12:11
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:44–12:11।
शुक्र 8 मार्च को यमगंड कब है? 15:04–16:31
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:04–16:31।
शुक्र 8 मार्च को गुलिक काल कब है? 07:51–09:18
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:51–09:18।
यहाँ दिन 06:25 से 17:57 तक है, 11 घं 32 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 8 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 32 मि का दिन।
शुक्र 8 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:25, सूर्यास्त 17:57, 11 घं 32 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 244.1° पर था: मूल, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 243°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:01 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 568° थे, एक चक्कर और 208°: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 323.9° + 244.1° = 568°, एक पूरा चक्कर और 208°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 14:53 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 280.3° थी: नवमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 09:35 तक है, जब बढ़त 282° होगी; गर 20:31 तक।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:25, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:25 से 06:23 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)
12 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 12 फ़रवरी 20:42 मंगल से 14 मार्च 09:04 गुरु तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 09:59 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन (अधिक) है, और अमान्त गणना में फाल्गुन (अधिक)।
शुक्र 8 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 25 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1906, 02:51 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 343° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 8 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:53 शनि
चंद्रमा यहाँ 02:53 शनि पर उदय होता है।
शुक्र 8 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:43
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:43 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:53 शनि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:43 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:53 शनि पर उदय होगा।