tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग रवि 3 मार्च 1907

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 07:30 तक

फिर चतुर्थी · 06:07 सोम तक

यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं कारण जानें

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
21:17

संकष्टी चतुर्थी रवि 3 मार्च को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। रवि 3 मार्च क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:51 06:33 17:52अगला सूर्योदय 06:31 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:33–07:57उद्वेगअशुभ
  • 07:57–09:22चरसामान्य
  • 09:22–10:47लाभशुभ
  • 10:47–12:12अमृतशुभ
  • 12:12–13:37कालअशुभ
  • 13:37–15:02शुभ
  • 15:02–16:27रोगअशुभ
  • 16:27–17:52उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:52–19:27शुभ
  • 19:27–21:02अमृतशुभ
  • 21:02–22:36चरसामान्य
  • 22:36–00:11 सोमरोगअशुभ
  • 00:11–01:46 सोमकालअशुभ
  • 01:46–03:21 सोमलाभशुभ
  • 03:21–04:56 सोमउद्वेगअशुभ
  • 04:56–06:31 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 3 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:51–05:42, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 06:33–07:57
  • चर, सामान्य, 07:57–09:22
  • लाभ, शुभ, 09:22–10:47
  • अमृत, शुभ, 10:47–12:12
  • काल, अशुभ, 12:12–13:37
  • शुभ, 13:37–15:02
  • रोग, अशुभ, 15:02–16:27
  • उद्वेग, अशुभ, 16:27–17:52
  • शुभ, 17:52–19:27
  • अमृत, शुभ, 19:27–21:02
  • चर, सामान्य, 21:02–22:36
  • रोग, अशुभ, 22:36–00:11 सोम
  • काल, अशुभ, 00:11–01:46 सोम
  • लाभ, शुभ, 01:46–03:21 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 03:21–04:56 सोम
  • शुभ, 04:56–06:31 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:49–12:35, शुभ
  • यमगण्ड, 12:12–13:37, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:02–16:27, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:21–17:06, अशुभ
  • राहु काल, 16:27–17:52, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:50–05:40 सोम

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में संकष्टी चतुर्थी रवि 3 मार्च को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी रवि 3 मार्च को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शनि 2 मार्च चंद्रोदय 20:11
तृतीया 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शनि 2 मार्च चंद्रोदय 20:11
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी रवि 3 मार्च को 07:28 से सोम 4 मार्च को 06:05 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल रवि 3 मार्च को है, 21:15 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Sevan में हर तारीख़

रवि 3 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 215.5° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 215.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:33। द्वितीया उससे पहले 08:33 शनि पर समाप्त हुई। तृतीया 07:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 28 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

चतुर्थी क्षय क्यों है?

चतुर्थी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्थी नहीं होता।

तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी रवि 3 मार्च सुबह सोम 4 मार्च सुबह Sevan UTC+3 07:30 06:07 06:33 तृतीया 06:31 पञ्चमी चतुर्थी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
तृतीया चतुर्थी चतुर्थी पञ्चमी रवि 3 मार्च सुबह सोम 4 मार्च सुबह Sevan UTC+3 07:30 06:07 06:33 तृतीया 06:31 पञ्चमी चतुर्थी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्थी 07:30 को शुरू हुई और 06:07 सोम को समाप्त, 06:33 और 06:31 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को तृतीया है और सोमवार को पञ्चमी: चतुर्थी यहाँ क्षय तिथि है।

रवि 3 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:51–05:42

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:51–05:42।

सूर्यास्त 17:51 शनि सूर्योदय 06:33 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 2 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:51 शनि सूर्योदय 06:33 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 2 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 2 मार्च की रात सूर्यास्त 17:51 शनि से सूर्योदय 06:33 तक थी, 12 घं 42 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 3 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:49–12:35

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:49–12:35।

रवि 3 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 16:21–17:06

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:21–17:06।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 06:33 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:21–17:06।

रवि 3 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:33–07:57 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:33 से 17:52, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:52 से 06:31 सोम, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 3 मार्च को राहुकाल कब है? 16:27–17:52

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:27–17:52।

रवि 3 मार्च को यमगंड कब है? 12:12–13:37

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:12–13:37।

रवि 3 मार्च को गुलिक काल कब है? 15:02–16:27

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:02–16:27।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 06:33 से 17:52 तक है, 11 घं 19 मि। इसे 1 घं 24 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 3 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:33

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:52, 11 घं 19 मि का दिन।

रवि 3 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:33, सूर्यास्त 17:52, 11 घं 19 मि का दिन।

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:25 चंद्रोदय 21:17
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:25 चंद्रोदय 21:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 3 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 174.4° पर था: चित्रा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 174.4° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 174.4° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 173°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:04 सोम को निकलेगा, स्वाती में।

रवि 3 मार्च को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 493.3° थे, एक चक्कर और 133.3°: गण्ड।

सूर्य 318.9° + चंद्रमा 174.4° = 493.3° एक चक्कर + 133.3° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 318.9° + चंद्रमा 174.4° = 493.3° एक चक्कर + 133.3° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 318.9° + 174.4° = 493.3°, एक पूरा चक्कर और 133.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 06:44 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

रवि 3 मार्च को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 215.5° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 215.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 215.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 20:04 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 07:30 तक है।

रवि 3 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:33, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:33 से 06:31 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 3 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)

12 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 12 फ़रवरी 20:42 मंगल से 14 मार्च 09:04 गुरु तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 09:59 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।

रवि 3 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।

अमान्त फाल्गुन (अधिक) पूर्णिमान्त फाल्गुन (अधिक) कृष्ण शुक्ल रवि 3 मार्च अमावस्या 12 फ़र॰ पूर्णिमा 28 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च पूर्णिमा 29 मार्च
अमान्त फाल्गुन (अधिक) पूर्णिमान्त फाल्गुन (अधिक) कृष्ण शुक्ल रवि 3 मार्च अमावस्या 12 फ़र॰ पूर्णिमा 28 फ़र॰ अमावस्या 14 मार्च पूर्णिमा 29 मार्च
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन (अधिक) है, और अमान्त गणना में फाल्गुन (अधिक)।

रवि 3 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828

विक्रम संवत 1963 25 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1906 02:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 3 मार्च सूर्य 318.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 25 मार्च 1906 02:51 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 3 मार्च सूर्य 318.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1906, 02:51 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 338° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 3 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:17

चंद्रमा यहाँ 21:17 पर उदय होता है।

रवि 3 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:25

सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:25 चंद्रोदय 21:17
सूर्योदय 06:33 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 06:31 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:25 चंद्रोदय 21:17
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:25 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:17 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:25 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:17 पर उदय होगा।