Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 20 फ़रवरी 1907
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
20 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 20 फ़रवरी
- 05:03–05:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:48 से
- 06:48–08:10लाभ चौघड़िया
- 08:10–09:31अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:31–10:52अमृत कालयमगण्ड, गुलिक काल छोड़कर · कृत्तिका में
- 10:52–12:14शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:18–17:39लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:39 के बाद
- 19:18–20:56शुभ चौघड़िया
- 20:56–22:35अमृत चौघड़िया
- 03:30–05:09 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:02–05:55 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:48–08:10लाभशुभ
- 08:10–09:31अमृतयमगण्ड में
- 09:31–10:52कालअशुभ
- 10:52–12:14शुभगुलिक काल में
- 12:14–13:35रोगअशुभ
- 13:35–14:56उद्वेगअशुभ
- 14:56–16:18चरसामान्य
- 16:18–17:39लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:39–19:18उद्वेगअशुभ
- 19:18–20:56शुभ
- 20:56–22:35अमृतशुभ
- 22:35–00:13 गुरुचरसामान्य
- 00:13–01:52 गुरुरोगअशुभ
- 01:52–03:30 गुरुकालअशुभ
- 03:30–05:09 गुरुलाभशुभ
- 05:09–06:47 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 20 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:03–05:56, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:48–08:10
- अमृत, शुभ, 08:10–09:31
- काल, अशुभ, 09:31–10:52
- शुभ, 10:52–12:14
- रोग, अशुभ, 12:14–13:35
- उद्वेग, अशुभ, 13:35–14:56
- चर, सामान्य, 14:56–16:18
- लाभ, शुभ, 16:18–17:39
- उद्वेग, अशुभ, 17:39–19:18
- शुभ, 19:18–20:56
- अमृत, शुभ, 20:56–22:35
- चर, सामान्य, 22:35–00:13 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:13–01:52 गुरु
- काल, अशुभ, 01:52–03:30 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:30–05:09 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:09–06:47 गुरु
- यमगण्ड, 08:10–09:31, अशुभ
- गुलिक काल, 10:52–12:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:52–12:36, अशुभ
- राहु काल, 12:14–13:35, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:55 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 20 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 89.7° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:48। सप्तमी उससे पहले 18:29 मंगल पर समाप्त हुई। अष्टमी 20:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 12 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 20 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:03–05:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:03–05:56।
मंगल 19 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:38 मंगल से सूर्योदय 06:48 तक थी, 13 घं 10 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 20 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 11:52–12:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:52–12:36।
यहाँ दिन, 06:48 से 17:39, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:52–12:36: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 20 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:48–08:10 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:48 से 17:39, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:39 से 06:47 गुरु, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 20 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 12:14–13:35
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:14–13:35।
बुध 20 फ़रवरी को यमगंड कब है? 08:10–09:31
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:10–09:31।
बुध 20 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 10:52–12:14
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:52–12:14।
यहाँ दिन 06:48 से 17:39 तक है, 10 घं 51 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 20 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 17:39, 10 घं 51 मि का दिन।
बुध 20 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:39
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 17:39, 10 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 37.5° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:54 को निकलेगा, रोहिणी में।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 345.3° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 307.8° + 37.5° = 345.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 09:22 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 89.7° थी: अष्टमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 07:34 तक है, जब बढ़त 90° होगी; बव 20:46 तक।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:48, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:48 से 06:47 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन (अधिक)
12 फ़रवरी और 14 मार्च की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक फाल्गुन।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 12 फ़रवरी 20:42 मंगल से 14 मार्च 09:04 गुरु तक सूर्य कुंभ में रहा; मीन में वह अमावस्या के बाद 14 मार्च 09:59 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक फाल्गुन है, जो फाल्गुन से पहले आता है।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन (अधिक) है।
बुध 20 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 25 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1906, 02:51 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 326.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 20 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:10
चंद्रमा यहाँ 11:10 पर उदय होता है।
बुध 20 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:37 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:10 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:37 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:10 पर उदय हुआ; वह फिर 01:37 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।