tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 7 नवंबर 1905

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 22:11 तक

फिर द्वादशी · 00:39 गुरु तक

व्रत

देवउठनी एकादशी

पारण समय
06:37⁠–⁠16:49 बुध
बुध 8 नवंबर
व्रत आरंभ
06:36

देवउठनी एकादशी मंगल 7 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 7 नवंबर क्यों?

देवउठनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:46 06:36 16:51अगला सूर्योदय 06:37 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:36–07:52रोगअशुभ
  • 07:52–09:09उद्वेगअशुभ
  • 09:09–10:26चरसामान्य
  • 10:26–11:43लाभशुभ
  • 11:43–13:00अमृतगुलिक काल में
  • 13:00–14:17कालअशुभ
  • 14:17–15:34शुभराहु काल में
  • 15:34–16:51रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:51–18:34कालअशुभ
  • 18:34–20:17लाभशुभ
  • 20:17–22:00उद्वेगअशुभ
  • 22:00–23:44शुभ
  • 23:44–01:27 बुधअमृतशुभ
  • 01:27–03:10 बुधचरसामान्य
  • 03:10–04:53 बुधरोगअशुभ
  • 04:53–06:37 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 7 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:46–05:41, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:36–07:52
  • उद्वेग, अशुभ, 07:52–09:09
  • चर, सामान्य, 09:09–10:26
  • लाभ, शुभ, 10:26–11:43
  • अमृत, शुभ, 11:43–13:00
  • काल, अशुभ, 13:00–14:17
  • शुभ, 14:17–15:34
  • रोग, अशुभ, 15:34–16:51
  • काल, अशुभ, 16:51–18:34
  • लाभ, शुभ, 18:34–20:17
  • उद्वेग, अशुभ, 20:17–22:00
  • शुभ, 22:00–23:44
  • अमृत, शुभ, 23:44–01:27 बुध
  • चर, सामान्य, 01:27–03:10 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:10–04:53 बुध
  • काल, अशुभ, 04:53–06:37 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:39–09:20, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:09–10:26, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:04, शुभ
  • गुलिक काल, 11:43–13:00, अशुभ
  • राहु काल, 14:17–15:34, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 22:21–23:16, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:47–05:42 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में देवउठनी एकादशी मंगल 7 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी मंगल 7 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 06:36 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 7 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 05:00–06:36
एकादशी 06:36 04:00 05:00 06:00 07:00 08:00 मंगल 7 नवंबर स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 05:00–06:36
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 7 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:34: मंगल 7 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:55 सोम पर, उससे (04:58–06:34) पहले, समाप्त हुई।

देवउठनी एकादशी: Sevan में हर तारीख़

मंगल 7 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 124.9° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 124.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 124.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:36। दशमी उससे पहले 19:57 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 22:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 28 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 7 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:46–05:41

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:46–05:41।

सूर्यास्त 16:52 सोम सूर्योदय 06:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 6 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:52 सोम सूर्योदय 06:36 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 6 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 6 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:52 सोम से सूर्योदय 06:36 तक थी, 13 घं 44 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 7 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:04।

मंगल 7 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:39–09:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:39–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:21–23:16।

मंगल 7 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:21–23:16

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:39–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:21–23:16।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:36 से 16:51, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:39–09:20 और 22:21–23:16।

मंगल 7 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:36–07:52 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:36 से 16:51, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:51 से 06:37 बुध, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 7 नवंबर को राहुकाल कब है? 14:17–15:34

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:17–15:34।

मंगल 7 नवंबर को यमगंड कब है? 09:09–10:26

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:09–10:26।

मंगल 7 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:43–13:00

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:43–13:00।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:36 से 16:51 तक है, 10 घं 15 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 7 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 16:51, 10 घं 15 मि का दिन।

मंगल 7 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:51

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:36, सूर्यास्त 16:51, 10 घं 15 मि का दिन।

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 बुध चंद्रोदय 14:50
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 बुध चंद्रोदय 14:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 46 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 326.4° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 326.4° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 326.4° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 323°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:28 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 527.9° थे, एक चक्कर और 167.9°: व्याघात।

सूर्य 201.5° + चंद्रमा 326.4° = 527.9° एक चक्कर + 167.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 201.5° + चंद्रमा 326.4° = 527.9° एक चक्कर + 167.9° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 201.5° + 326.4° = 527.9°, एक पूरा चक्कर और 167.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 16:33 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 124.9° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 124.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 124.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 09:01 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 22:11 तक।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:36, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:36 से 06:37 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 28 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 15 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 26 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 7 नवंबर पूर्णिमा 13 अक्टू॰ अमावस्या 28 अक्टू॰ पूर्णिमा 12 नव॰ अमावस्या 26 नव॰
अमान्त कार्तिक पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल मंगल 7 नवंबर पूर्णिमा 13 अक्टू॰ अमावस्या 28 अक्टू॰ पूर्णिमा 12 नव॰ अमावस्या 26 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

मंगल 7 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1962 · शक 1827

विक्रम संवत 1962 5 अप्रैल 1905 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 1905 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 7 नवंबर सूर्य 201.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 5 अप्रैल 1905 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 7 नवंबर सूर्य 201.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 1905, 02:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 209.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1962 गिनता है; शक संवत 1827।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 7 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:50

चंद्रमा यहाँ 14:50 पर उदय होता है।

मंगल 7 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:44 बुध

सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 बुध चंद्रोदय 14:50
सूर्योदय 06:36 सूर्यास्त 16:51 सूर्योदय 06:37 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:44 बुध चंद्रोदय 14:50
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:50 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:44 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:50 पर उदय हुआ; वह फिर 02:44 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।