tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 11 अक्टूबर 1902

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

नवमी

शुक्ल पक्ष · 11:19 तक

फिर दशमी · 12:37 रवि तक

त्योहार

दशहरा

अपराह्न पूजा मुहूर्त
12:54⁠–⁠15:11
अपराह्न 12:54⁠–⁠15:11

दशहरा शनि 11 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं। शनि 11 अक्टूबर क्यों?

दशहरा: Sevan में हर तारीख़

त्योहार

महानवमी

महानवमी शनि 11 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर नवमी है। शनि 11 अक्टूबर क्यों?

महानवमी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:24 06:05 17:27अगला सूर्योदय 06:06 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:05–07:30कालअशुभ
  • 07:30–08:56शुभ
  • 08:56–10:21रोगअशुभ
  • 10:21–11:46उद्वेगअशुभ
  • 11:46–13:12चरसामान्य
  • 13:12–14:37लाभयमगण्ड में
  • 14:37–16:02अमृतशुभ
  • 16:02–17:27कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:27–19:02लाभशुभ
  • 19:02–20:37उद्वेगअशुभ
  • 20:37–22:12शुभ
  • 22:12–23:47अमृतशुभ
  • 23:47–01:22 रविचरसामान्य
  • 01:22–02:56 रविरोगअशुभ
  • 02:56–04:31 रविकालअशुभ
  • 04:31–06:06 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 11 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:24–05:15, शुभ
  • काल, अशुभ, 06:05–07:30
  • शुभ, 07:30–08:56
  • रोग, अशुभ, 08:56–10:21
  • उद्वेग, अशुभ, 10:21–11:46
  • चर, सामान्य, 11:46–13:12
  • लाभ, शुभ, 13:12–14:37
  • अमृत, शुभ, 14:37–16:02
  • काल, अशुभ, 16:02–17:27
  • लाभ, शुभ, 17:27–19:02
  • उद्वेग, अशुभ, 19:02–20:37
  • शुभ, 20:37–22:12
  • अमृत, शुभ, 22:12–23:47
  • चर, सामान्य, 23:47–01:22 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:22–02:56 रवि
  • काल, अशुभ, 02:56–04:31 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:31–06:06 रवि
  • गुलिक काल, 06:05–07:30, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:05–06:50, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:50–07:36, अशुभ
  • राहु काल, 08:56–10:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:09, शुभ
  • यमगण्ड, 13:12–14:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:15 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में दशहरा शनि 11 अक्टूबर को क्यों है?

दशहरा शनि 11 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं।

दशमी 11:19 13:00 15:00 17:00 शनि 11 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव अपराह्न 12:54–15:11 नवमी 11:19 तक
दशमी 11:19 13:00 15:00 17:00 शनि 11 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव अपराह्न 12:54–15:11 नवमी 11:19 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अपराह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

दशहरे का पूजन अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। दशमी शनि 11 अक्टूबर को 11:17 से रवि 12 अक्टूबर को 12:35 तक है, इसलिए केवल शनिवार का अपराह्न (12:52–15:09) उसके भीतर है।

दशहरा: Sevan में हर तारीख़

Sevan में महानवमी शनि 11 अक्टूबर को क्यों है?

महानवमी शनि 11 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर नवमी है।

अष्टमी 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 10 अक्टूबर सूर्योदय 06:04
अष्टमी 05:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 10 अक्टूबर सूर्योदय 06:04
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

महानवमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। नवमी शुक्र 10 अक्टूबर को 09:25 से शनि 11 अक्टूबर को 11:17 तक है, इसलिए वह केवल शनि 11 अक्टूबर के सूर्योदय (06:03) पर है। महानवमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

महानवमी: Sevan में हर तारीख़

शनि 11 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 105.6° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 105.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 105.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:05। अष्टमी उससे पहले 09:27 शुक्र पर समाप्त हुई। नवमी 11:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 1 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 11 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:24–05:15

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:24–05:15।

सूर्यास्त 17:29 शुक्र सूर्योदय 06:05 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 10 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:29 शुक्र सूर्योदय 06:05 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 10 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 10 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:29 शुक्र से सूर्योदय 06:05 तक थी, 12 घं 36 मि। इसे 50 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 11 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:09

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:09।

शनि 11 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:05–06:50

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:05–06:50 और 06:50–07:36।

शनि 11 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 06:50–07:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 06:05–06:50 और 06:50–07:36।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 06:05 से 17:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 45 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 06:05–06:50 और 06:50–07:36।

शनि 11 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:05–07:30 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:05 से 17:27, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:27 से 06:06 रवि, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 11 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:56–10:21

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:56–10:21।

शनि 11 अक्टूबर को यमगंड कब है? 13:12–14:37

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:12–14:37।

शनि 11 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 06:05–07:30

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:05–07:30।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 06:05 से 17:27 तक है, 11 घं 22 मि। इसे 1 घं 25 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 11 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:27, 11 घं 22 मि का दिन।

शनि 11 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:27

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 17:27, 11 घं 22 मि का दिन।

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:50 रवि चंद्रोदय 14:02
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:50 रवि चंद्रोदय 14:02
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 39 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 279.9° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 279.9° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 279.9° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:15 को निकलेगा, श्रवण में।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 454.3° थे, एक चक्कर और 94.3°: धृति।

सूर्य 174.4° + चंद्रमा 279.9° = 454.3° एक चक्कर + 94.3° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 174.4° + चंद्रमा 279.9° = 454.3° एक चक्कर + 94.3° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 174.4° + 279.9° = 454.3°, एक पूरा चक्कर और 94.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 04:27 रवि को समाप्त होता है, फिर शूल।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 105.6° थी: नवमी का दूसरा आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 105.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° कौलव 102°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 105.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° कौलव 102°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 22:27 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 102° हुई; कौलव 11:19 तक है।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 06:05, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:05 से 06:06 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 1 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 16 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शनि 11 अक्टूबर पूर्णिमा 17 सित॰ अमावस्या 1 अक्टू॰ पूर्णिमा 17 अक्टू॰ अमावस्या 31 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल शनि 11 अक्टूबर पूर्णिमा 17 सित॰ अमावस्या 1 अक्टू॰ पूर्णिमा 17 अक्टू॰ अमावस्या 31 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

शनि 11 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1959 · शक 1824

विक्रम संवत 1959 8 अप्रैल 1902 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 1902 16:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 11 अक्टूबर सूर्य 174.4° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 1902 16:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 11 अक्टूबर सूर्य 174.4° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1902, 16:49 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 179.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1959 गिनता है; शक संवत 1824।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 11 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:02

चंद्रमा यहाँ 14:02 पर उदय होता है।

शनि 11 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:50 रवि

सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:50 रवि चंद्रोदय 14:02
सूर्योदय 06:05 सूर्यास्त 17:27 सूर्योदय 06:06 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:50 रवि चंद्रोदय 14:02
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:02 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:50 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:02 पर उदय हुआ; वह फिर 00:50 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।