Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग बुध 1 अक्टूबर 1902
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
सर्व पितृ अमावस्या
सर्व पितृ अमावस्या बुध 1 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं। बुध 1 अक्टूबर क्यों?
सर्व पितृ अमावस्या: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 1 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 1 अक्टूबर क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़1 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 अक्टूबर
- 04:17–05:06ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:55 से
- 05:55–07:23लाभ चौघड़िया
- 07:23–08:52अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:21–11:49शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:15–17:44लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:44 के बाद
- 19:15–20:47शुभ चौघड़िया
- 20:47–22:18अमृत चौघड़िया
- 02:53–04:24 गुरुलाभ चौघड़िया
-
05:16–05:56 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · हस्त में
- 04:18–05:07 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:55–07:23लाभशुभ
- 07:23–08:52अमृतयमगण्ड में
- 08:52–10:21कालअशुभ
- 10:21–11:49शुभगुलिक काल में
- 11:49–13:18रोगअशुभ
- 13:18–14:46उद्वेगअशुभ
- 14:46–16:15चरसामान्य
- 16:15–17:44लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:44–19:15उद्वेगअशुभ
- 19:15–20:47शुभ
- 20:47–22:18अमृतशुभ
- 22:18–23:50चरसामान्य
- 23:50–01:21 गुरुरोगअशुभ
- 01:21–02:53 गुरुकालअशुभ
- 02:53–04:24 गुरुलाभशुभ
- 04:24–05:56 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 1 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:17–05:06, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:55–07:23
- अमृत, शुभ, 07:23–08:52
- काल, अशुभ, 08:52–10:21
- शुभ, 10:21–11:49
- रोग, अशुभ, 11:49–13:18
- उद्वेग, अशुभ, 13:18–14:46
- चर, सामान्य, 14:46–16:15
- लाभ, शुभ, 16:15–17:44
- उद्वेग, अशुभ, 17:44–19:15
- शुभ, 19:15–20:47
- अमृत, शुभ, 20:47–22:18
- चर, सामान्य, 22:18–23:50
- रोग, अशुभ, 23:50–01:21 गुरु
- काल, अशुभ, 01:21–02:53 गुरु
- लाभ, शुभ, 02:53–04:24 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:24–05:56 गुरु
- यमगण्ड, 07:23–08:52, अशुभ
- गुलिक काल, 10:21–11:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:26–12:13, अशुभ
- राहु काल, 11:49–13:18, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:18–05:07 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में सर्व पितृ अमावस्या बुध 1 अक्टूबर को क्यों है?
सर्व पितृ अमावस्या बुध 1 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में अमावस्या है, और किसी दिन नहीं।
सब पितरों का श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। अमावस्या मंगल 30 सितंबर को 20:32 से बुध 1 अक्टूबर को 20:07 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अपराह्न (12:58–15:20) उसके भीतर है। सर्व पितृ अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या बुध 1 अक्टूबर को क्यों है?
अमावस्या बुध 1 अक्टूबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 30 सितंबर को 20:32 से बुध 1 अक्टूबर को 20:07 तक है, इसलिए वह केवल बुध 1 अक्टूबर के सूर्योदय (05:53) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 352.8° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:55। चतुर्दशी उससे पहले 20:34 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 20:09 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 17 सितंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 1 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:17–05:06
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:17–05:06।
मंगल 30 सितंबर की रात सूर्यास्त 17:45 मंगल से सूर्योदय 05:55 तक थी, 12 घं 10 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 1 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:26–12:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:26–12:13।
यहाँ दिन, 05:55 से 17:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:26–12:13: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 1 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:55–07:23 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:55 से 17:44, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:44 से 05:56 गुरु, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 1 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 11:49–13:18
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:49–13:18।
बुध 1 अक्टूबर को यमगंड कब है? 07:23–08:52
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:23–08:52।
बुध 1 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 10:21–11:49
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:49।
यहाँ दिन 05:55 से 17:44 तक है, 11 घं 49 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 1 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 49 मि का दिन।
बुध 1 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:44
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:55, सूर्यास्त 17:44, 11 घं 49 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 49 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 12 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 157.3° पर था: उत्तराफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराफाल्गुनी 146°40′–160°00′ तक है; चंद्रमा 156°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 10:51 को निकलेगा, हस्त में।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 321.8° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 164.5° + 157.3° = 321.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 01:35 गुरु को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 352.8° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 08:17 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 20:09 तक।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:55, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:55 से 05:56 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 2 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 1 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 अक्टूबर की अमावस्या, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आश्विन है, और अमान्त गणना में भाद्रपद।
बुध 1 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1959 · शक 1824
विक्रम संवत 1959 8 अप्रैल 1902 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 1902, 16:49 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 169.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1959 गिनता है; शक संवत 1824।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 1 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:27
चंद्रमा यहाँ 17:27 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:27 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।