Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 5 अगस्त 1901
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
5 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 5 अगस्त
- 03:41–04:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:59 से
- 04:59–06:46अमृत चौघड़िया
- 08:32–10:19शुभ चौघड़िया
- 12:05–12:33अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:21–17:24लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:24–19:11अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:11 के बाद
-
20:07–21:37अमृत कालरेवती में
- 22:52–00:06 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:19–02:33 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:33–03:47 मंगलअमृत चौघड़िया
- 03:42–04:21 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:59–06:46अमृतशुभ
- 06:46–08:32कालअशुभ
- 08:32–10:19शुभ
- 10:19–12:05रोगअशुभ
- 12:05–13:51उद्वेगअशुभ
- 13:51–15:38चरसामान्य
- 15:38–17:24लाभशुभ
- 17:24–19:11अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:11–20:25चरसामान्य
- 20:25–21:38रोगअशुभ
- 21:38–22:52कालअशुभ
- 22:52–00:06 मंगललाभशुभ
- 00:06–01:19 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:19–02:33 मंगलशुभ
- 02:33–03:47 मंगलअमृतशुभ
- 03:47–05:00 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 5 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 03:41–04:20, शुभ
- अमृत, शुभ, 04:59–06:46
- काल, अशुभ, 06:46–08:32
- शुभ, 08:32–10:19
- रोग, अशुभ, 10:19–12:05
- उद्वेग, अशुभ, 12:05–13:51
- चर, सामान्य, 13:51–15:38
- लाभ, शुभ, 15:38–17:24
- अमृत, शुभ, 17:24–19:11
- चर, सामान्य, 19:11–20:25
- रोग, अशुभ, 20:25–21:38
- काल, अशुभ, 21:38–22:52
- लाभ, शुभ, 22:52–00:06 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:06–01:19 मंगल
- शुभ, 01:19–02:33 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:33–03:47 मंगल
- चर, सामान्य, 03:47–05:00 मंगल
- राहु काल, 06:46–08:32, अशुभ
- यमगण्ड, 10:19–12:05, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:37–12:33, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:33–13:30, अशुभ
- गुलिक काल, 13:51–15:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:24–16:21, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:42–04:21 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 5 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 240.3° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:59। पञ्चमी उससे पहले 04:28 पर समाप्त हुई। षष्ठी 02:16 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 31 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में पञ्चमी क्यों है?
नई दिल्ली में पञ्चमी है, Sevan में षष्ठी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:35, पञ्चमी की समाप्ति 06:49 से पहले हुआ: यह दिन पञ्चमी है। षष्ठी अगले सूर्योदय से पहले, 04:37 मंगल को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन षष्ठी नहीं होता: वह क्षय है।
Sevan · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 04:59, पञ्चमी की समाप्ति 04:28 के बाद हुआ: यह दिन षष्ठी है।
सोम 5 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:41–04:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:41–04:20।
रवि 4 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:12 रवि से सूर्योदय 04:59 तक थी, 9 घं 47 मि। इसे 39 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 5 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:37–12:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:37–12:33।
सोम 5 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:33–13:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:33–13:30 और 15:24–16:21।
सोम 5 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:24–16:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:33–13:30 और 15:24–16:21।
यहाँ दिन, 04:59 से 19:11, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 56 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:33–13:30 और 15:24–16:21।
सोम 5 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:59–06:46 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:59 से 19:11, 1 घं 46 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:11 से 05:00 मंगल, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 5 अगस्त को राहुकाल कब है? 06:46–08:32
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:46–08:32।
सोम 5 अगस्त को यमगंड कब है? 10:19–12:05
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:19–12:05।
सोम 5 अगस्त को गुलिक काल कब है? 13:51–15:38
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:51–15:38।
यहाँ दिन 04:59 से 19:11 तक है, 14 घं 12 मि। इसे 1 घं 46 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 5 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 04:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:59, सूर्यास्त 19:11, 14 घं 12 मि का दिन।
सोम 5 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:11
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:59, सूर्यास्त 19:11, 14 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 49 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 5 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 349.7° पर था: रेवती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 22:22 को निकलेगा, अश्विनी में।
सोम 5 अगस्त को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 459.1° थे, एक चक्कर और 99.1°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 109.4° + 349.7° = 459.1°, एक पूरा चक्कर और 99.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 16:51 को समाप्त होता है, फिर शूल।
सोम 5 अगस्त को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 240.3° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 15:22 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 02:16 मंगल तक।
सोम 5 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:59, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:59 से 05:00 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 5 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
16 जुलाई और 14 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जुलाई 01:10 मंगल से 14 अगस्त 11:27 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 16 अगस्त 04:52 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
सोम 5 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।
सोम 5 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 1958 · शक 1823
विक्रम संवत 1958 20 मार्च 1901 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1901, 15:52 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 132.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1958 गिनता है; शक संवत 1823।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 5 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:47
चंद्रमा यहाँ 21:47 पर उदय होता है।
सोम 5 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:29
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:29 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:47 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:29 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:47 पर उदय होगा।