tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 28 मई 1901

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 03:37 बुध तक

फिर द्वादशी · 06:11 गुरु तक

व्रत

निर्जला एकादशी

पारण समय
10:16⁠–⁠19:21 बुध
बुध 29 मई
व्रत आरंभ
04:34

निर्जला एकादशी मंगल 28 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 28 मई क्यों?

निर्जला एकादशी: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

03:20 04:34 19:20अगला सूर्योदय 04:33 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 04:34–06:24रोगअशुभ
  • 06:24–08:15उद्वेगअशुभ
  • 08:15–10:06चरसामान्य
  • 10:06–11:57लाभशुभ
  • 11:57–13:47अमृतगुलिक काल में
  • 13:47–15:38कालअशुभ
  • 15:38–17:29शुभराहु काल में
  • 17:29–19:20रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:20–20:29कालअशुभ
  • 20:29–21:38लाभशुभ
  • 21:38–22:47उद्वेगअशुभ
  • 22:47–23:56शुभ
  • 23:56–01:06 बुधअमृतशुभ
  • 01:06–02:15 बुधचरसामान्य
  • 02:15–03:24 बुधरोगअशुभ
  • 03:24–04:33 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 28 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:20–03:57, शुभ
  • रोग, अशुभ, 04:34–06:24
  • उद्वेग, अशुभ, 06:24–08:15
  • चर, सामान्य, 08:15–10:06
  • लाभ, शुभ, 10:06–11:57
  • अमृत, शुभ, 11:57–13:47
  • काल, अशुभ, 13:47–15:38
  • शुभ, 15:38–17:29
  • रोग, अशुभ, 17:29–19:20
  • काल, अशुभ, 19:20–20:29
  • लाभ, शुभ, 20:29–21:38
  • उद्वेग, अशुभ, 21:38–22:47
  • शुभ, 22:47–23:56
  • अमृत, शुभ, 23:56–01:06 बुध
  • चर, सामान्य, 01:06–02:15 बुध
  • रोग, अशुभ, 02:15–03:24 बुध
  • काल, अशुभ, 03:24–04:33 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 07:31–08:30, अशुभ
  • यमगण्ड, 08:15–10:06, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:27–12:26, शुभ
  • गुलिक काल, 11:57–13:47, अशुभ
  • राहु काल, 15:38–17:29, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:01–23:38, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:19–03:56 बुध

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में निर्जला एकादशी मंगल 28 मई को क्यों है?

निर्जला एकादशी मंगल 28 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

एकादशी 04:34 01:09 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 मंगल 28 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 02:58–04:34 दशमी 01:09 तक
एकादशी 04:34 01:09 03:00 05:00 मंगल 28 मई स्मार्त · वैष्णव अरुणोदय 02:58–04:34 दशमी 01:09 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 28 मई को सूर्योदय पर है, 04:32: मंगल 28 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 01:07 पर, उससे (02:56–04:32) पहले, समाप्त हुई।

निर्जला एकादशी: Sevan में हर तारीख़

मंगल 28 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 121.6° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 121.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 121.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:34। दशमी उससे पहले 01:09 पर समाप्त हुई। एकादशी 03:37 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 18 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 28 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:20–03:57

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:20–03:57।

सूर्यास्त 19:19 सोम सूर्योदय 04:34 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 27 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:19 सोम सूर्योदय 04:34 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 27 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 27 मई की रात सूर्यास्त 19:19 सोम से सूर्योदय 04:34 तक थी, 9 घं 15 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 28 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:27–12:26

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:27–12:26।

मंगल 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 07:31–08:30

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:31–08:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:01–23:38।

मंगल 28 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:01–23:38

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 07:31–08:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:01–23:38।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 04:34 से 19:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 07:31–08:30 और 23:01–23:38।

मंगल 28 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

04:34–06:24 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 04:34 से 19:20, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:20 से 04:33 बुध, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 28 मई को राहुकाल कब है? 15:38–17:29

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:38–17:29।

मंगल 28 मई को यमगंड कब है? 08:15–10:06

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:15–10:06।

मंगल 28 मई को गुलिक काल कब है? 11:57–13:47

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:57–13:47।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 04:34 से 19:20 तक है, 14 घं 46 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 28 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 04:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:34, सूर्यास्त 19:20, 14 घं 46 मि का दिन।

मंगल 28 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:20

यहाँ दिन: सूर्योदय 04:34, सूर्यास्त 19:20, 14 घं 46 मि का दिन।

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 बुध चंद्रोदय 14:48
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 बुध चंद्रोदय 14:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 46 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 28 मई को कौन सा नक्षत्र है? हस्त

सूर्योदय पर चंद्रमा 165.1° पर था: हस्त, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 165.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° हस्त चंद्रमा 165.1° अगला: चित्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:16 को निकलेगा, चित्रा में।

मंगल 28 मई को कौन सा योग है? सिद्धि

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 208.6° थे: सिद्धि।

सूर्य 43.5° + चंद्रमा 165.1° = 208.6° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 43.5° + चंद्रमा 165.1° = 208.6° सिद्धि 200°00′–213°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 43.5° + 165.1° = 208.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 13:23 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।

मंगल 28 मई को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 121.6° थी: एकादशी का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 121.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 121.6° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° वणिज 120°–126° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 14:22 तक है, जब बढ़त 126° होगी; विष्टि 03:37 बुध तक।

मंगल 28 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 04:34, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:34 से 04:33 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 18 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 16 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

मंगल 28 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 28 मई पूर्णिमा 3 मई अमावस्या 18 मई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 28 मई पूर्णिमा 3 मई अमावस्या 18 मई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

मंगल 28 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 1958 · शक 1823

विक्रम संवत 1958 20 मार्च 1901 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1901 15:52 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 28 मई सूर्य 43.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 1901 15:52 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 28 मई सूर्य 43.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 1901, 15:52 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 66.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1958 गिनता है; शक संवत 1823।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 28 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:48

चंद्रमा यहाँ 14:48 पर उदय होता है।

मंगल 28 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:04 बुध

सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 बुध चंद्रोदय 14:48
सूर्योदय 04:34 सूर्यास्त 19:20 सूर्योदय 04:33 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:04 बुध चंद्रोदय 14:48
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:48 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:04 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:48 पर उदय हुआ; वह फिर 02:04 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।