tithika
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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शुक्र 30 नवंबर 1900

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

अष्टमी

शुक्ल पक्ष · 07:37 तक

फिर नवमी · 05:26 शनि तक

यहाँ कोई दिन नवमी नहीं कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:06 07:02 16:34अगला सूर्योदय 07:03 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:02–08:14चरसामान्य
  • 08:14–09:25लाभगुलिक काल में
  • 09:25–10:37अमृतशुभ
  • 10:37–11:48कालअशुभ
  • 11:48–13:00शुभ
  • 13:00–14:11रोगअशुभ
  • 14:11–15:23उद्वेगअशुभ
  • 15:23–16:34चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 16:34–18:23रोगअशुभ
  • 18:23–20:11कालअशुभ
  • 20:11–22:00लाभशुभ
  • 22:00–23:49उद्वेगअशुभ
  • 23:49–01:37 शनिशुभ
  • 01:37–03:26 शनिअमृतशुभ
  • 03:26–05:14 शनिचरसामान्य
  • 05:14–07:03 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 30 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–06:04, शुभ
  • चर, सामान्य, 07:02–08:14
  • लाभ, शुभ, 08:14–09:25
  • अमृत, शुभ, 09:25–10:37
  • काल, अशुभ, 10:37–11:48
  • शुभ, 11:48–13:00
  • रोग, अशुभ, 13:00–14:11
  • उद्वेग, अशुभ, 14:11–15:23
  • चर, सामान्य, 15:23–16:34
  • रोग, अशुभ, 16:34–18:23
  • काल, अशुभ, 18:23–20:11
  • लाभ, शुभ, 20:11–22:00
  • उद्वेग, अशुभ, 22:00–23:49
  • शुभ, 23:49–01:37 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:37–03:26 शनि
  • चर, सामान्य, 03:26–05:14 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:14–07:03 शनि
  • गुलिक काल, 08:14–09:25, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:56–09:35, अशुभ
  • राहु काल, 10:37–11:48, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:29–12:07, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:07–12:45, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:11–15:23, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–06:05 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 30 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 95.7° आगे था: शुक्ल अष्टमी।

सूर्य अमावस्या 0° 95.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 95.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:02। सप्तमी उससे पहले 09:27 गुरु पर समाप्त हुई। अष्टमी 07:37 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 22 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नवमी क्षय क्यों है?

नवमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन नवमी नहीं होता।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी शुक्र 30 नवंबर सुबह शनि 1 दिसंबर सुबह Sevan UTC+3 07:37 05:26 07:02 अष्टमी 07:03 दशमी नवमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
अष्टमी नवमी नवमी दशमी शुक्र 30 नवंबर सुबह शनि 1 दिसंबर सुबह Sevan UTC+3 07:37 05:26 07:02 अष्टमी 07:03 दशमी नवमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 07:37 को शुरू हुई और 05:26 शनि को समाप्त, 07:02 और 07:03 शनि के सूर्योदयों के बीच। शुक्रवार को अष्टमी है और शनिवार को दशमी: नवमी यहाँ क्षय तिथि है।

शुक्र 30 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:06–06:04

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:06–06:04।

सूर्यास्त 16:34 गुरु सूर्योदय 07:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 29 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:34 गुरु सूर्योदय 07:02 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 29 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 29 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:34 गुरु से सूर्योदय 07:02 तक थी, 14 घं 28 मि। इसे 57 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 30 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:29–12:07

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:29–12:07।

शुक्र 30 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:56–09:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:56–09:35 और 12:07–12:45।

शुक्र 30 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:07–12:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:56–09:35 और 12:07–12:45।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 07:02 से 16:34, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 38 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:56–09:35 और 12:07–12:45।

शुक्र 30 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:02–08:14 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:02 से 16:34, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:34 से 07:03 शनि, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 30 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:37–11:48

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:37–11:48।

शुक्र 30 नवंबर को यमगंड कब है? 14:11–15:23

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:11–15:23।

शुक्र 30 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:14–09:25

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:14–09:25।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 07:02 से 16:34 तक है, 9 घं 32 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 30 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:02

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 16:34, 9 घं 32 मि का दिन।

शुक्र 30 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:34

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:02, सूर्यास्त 16:34, 9 घं 32 मि का दिन।

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:58 शनि चंद्रोदय 12:29
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:58 शनि चंद्रोदय 12:29
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद

सूर्योदय पर चंद्रमा 320.7° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.7° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्व भाद्रपद चंद्रमा 320.7° अगला: उत्तर भाद्रपद पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 320° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:20 शनि को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 545.7° थे, एक चक्कर और 185.7°: हर्षण।

सूर्य 225.0° + चंद्रमा 320.7° = 545.7° एक चक्कर + 185.7° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 225.0° + चंद्रमा 320.7° = 545.7° एक चक्कर + 185.7° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 225° + 320.7° = 545.7°, एक पूरा चक्कर और 185.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 08:27 को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 95.7° थी: अष्टमी का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 95.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° बव 90°–96° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 95.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण अष्टमी 84°–96° बव 90°–96° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 20:35 गुरु पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 90° हुई; बव 07:37 तक है।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:02, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:02 से 07:03 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 22 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 22 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल शुक्र 30 नवंबर पूर्णिमा 7 नव॰ अमावस्या 22 नव॰ पूर्णिमा 6 दिस॰ अमावस्या 22 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल शुक्र 30 नवंबर पूर्णिमा 7 नव॰ अमावस्या 22 नव॰ पूर्णिमा 6 दिस॰ अमावस्या 22 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

शुक्र 30 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1957 · शक 1822

विक्रम संवत 1957 30 मार्च 1900 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1900 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 30 नवंबर सूर्य 225.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1900 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 30 नवंबर सूर्य 225.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1900, 23:30 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 237.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1957 गिनता है; शक संवत 1822।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 30 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:29

चंद्रमा यहाँ 12:29 पर उदय होता है।

शुक्र 30 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:58 शनि

सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:58 शनि चंद्रोदय 12:29
सूर्योदय 07:02 सूर्यास्त 16:34 सूर्योदय 07:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 00:58 शनि चंद्रोदय 12:29
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:29 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:58 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:29 पर उदय हुआ; वह फिर 00:58 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।