Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग सोम 18 जून 1900
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
18 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 जून
- 03:17–03:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:28 से
- 04:28–06:21अमृत चौघड़िया
- 08:14–10:07शुभ चौघड़िया
- 12:00–12:30अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:32–17:39लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:39–19:32अमृत चौघड़िया
-
18:42–20:12अमृत कालशतभिषा में
- सूर्यास्त 19:32 के बाद
- 22:53–00:00 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:07–02:14 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:14–03:21 मंगलअमृत चौघड़िया
- 03:17–03:53 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:28–06:21अमृतशुभ
- 06:21–08:14कालअशुभ
- 08:14–10:07शुभ
- 10:07–12:00रोगअशुभ
- 12:00–13:53उद्वेगअशुभ
- 13:53–15:46चरसामान्य
- 15:46–17:39लाभशुभ
- 17:39–19:32अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:32–20:39चरसामान्य
- 20:39–21:46रोगअशुभ
- 21:46–22:53कालअशुभ
- 22:53–00:00 मंगललाभशुभ
- 00:00–01:07 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:07–02:14 मंगलशुभ
- 02:14–03:21 मंगलअमृतशुभ
- 03:21–04:28 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 18 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53, शुभ
- अमृत, शुभ, 04:28–06:21
- काल, अशुभ, 06:21–08:14
- शुभ, 08:14–10:07
- रोग, अशुभ, 10:07–12:00
- उद्वेग, अशुभ, 12:00–13:53
- चर, सामान्य, 13:53–15:46
- लाभ, शुभ, 15:46–17:39
- अमृत, शुभ, 17:39–19:32
- चर, सामान्य, 19:32–20:39
- रोग, अशुभ, 20:39–21:46
- काल, अशुभ, 21:46–22:53
- लाभ, शुभ, 22:53–00:00 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:00–01:07 मंगल
- शुभ, 01:07–02:14 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:14–03:21 मंगल
- चर, सामान्य, 03:21–04:28 मंगल
- राहु काल, 06:21–08:14, अशुभ
- यमगण्ड, 10:07–12:00, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:30–12:30, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:30–13:31, अशुभ
- गुलिक काल, 13:53–15:46, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:31–16:32, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:17–03:53 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 18 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 243.7° आगे था: कृष्ण षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:28। पञ्चमी उससे पहले 21:50 रवि पर समाप्त हुई। षष्ठी 19:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 13 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 18 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:17–03:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:17–03:53।
रवि 17 जून की रात सूर्यास्त 19:32 रवि से सूर्योदय 04:28 तक थी, 8 घं 56 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 18 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:30–12:30
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:30–12:30।
सोम 18 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:30–13:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:31 और 15:31–16:32।
सोम 18 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:31–16:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:30–13:31 और 15:31–16:32।
यहाँ दिन, 04:28 से 19:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:30–13:31 और 15:31–16:32।
सोम 18 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:28–06:21 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:28 से 19:32, 1 घं 53 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:32 से 04:28 मंगल, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 18 जून को राहुकाल कब है? 06:21–08:14
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:21–08:14।
सोम 18 जून को यमगंड कब है? 10:07–12:00
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:07–12:00।
सोम 18 जून को गुलिक काल कब है? 13:53–15:46
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:53–15:46।
यहाँ दिन 04:28 से 19:32 तक है, 15 घं 4 मि। इसे 1 घं 53 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 18 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:28, सूर्यास्त 19:32, 15 घं 4 मि का दिन।
सोम 18 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:28, सूर्यास्त 19:32, 15 घं 4 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 18 जून को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 307.5° पर था: शतभिषा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 306°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:26 मंगल को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
सोम 18 जून को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 371.4° थे, एक चक्कर और 11.4°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 63.9° + 307.5° = 371.4°, एक पूरा चक्कर और 11.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 07:31 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
सोम 18 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 243.7° थी: षष्ठी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 08:39 तक है, जब बढ़त 246° होगी; वणिज 19:29 तक।
सोम 18 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:28, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:28 से 04:28 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 18 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 28 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 27 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
सोम 18 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 27 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
सोम 18 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 1957 · शक 1822
विक्रम संवत 1957 30 मार्च 1900 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1900, 23:30 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 76.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1957 गिनता है; शक संवत 1822।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 18 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:05
चंद्रमा यहाँ 23:05 पर उदय होता है।
सोम 18 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:10
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:10 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:05 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:10 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:05 पर उदय होगा।