tithika
English

Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग शनि 31 मार्च 1900

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 19:57 तक

फिर द्वितीया · 16:47 रवि तक

त्योहार

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना

घटस्थापना मुहूर्त
05:46⁠–⁠08:17
प्रातःकाल 05:46⁠–⁠08:17

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना शनि 31 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। शनि 31 मार्च क्यों?

चैत्र नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

त्योहार

नव संवत्सर

नव संवत्सर शनि 31 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 1957 आरंभ होता है। शनि 31 मार्च क्यों?

नव संवत्सर: Sevan में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:15 05:46 18:22अगला सूर्योदय 05:44 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:46–07:21कालअशुभ
  • 07:21–08:55शुभ
  • 08:55–10:30रोगअशुभ
  • 10:30–12:04उद्वेगअशुभ
  • 12:04–13:39चरसामान्य
  • 13:39–15:13लाभयमगण्ड में
  • 15:13–16:48अमृतशुभ
  • 16:48–18:22कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:22–19:48लाभशुभ
  • 19:48–21:13उद्वेगअशुभ
  • 21:13–22:38शुभ
  • 22:38–00:03 रविअमृतशुभ
  • 00:03–01:29 रविचरसामान्य
  • 01:29–02:54 रविरोगअशुभ
  • 02:54–04:19 रविकालअशुभ
  • 04:19–05:44 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 31 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:15–05:00, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:46–07:21
  • शुभ, 07:21–08:55
  • रोग, अशुभ, 08:55–10:30
  • उद्वेग, अशुभ, 10:30–12:04
  • चर, सामान्य, 12:04–13:39
  • लाभ, शुभ, 13:39–15:13
  • अमृत, शुभ, 15:13–16:48
  • काल, अशुभ, 16:48–18:22
  • लाभ, शुभ, 18:22–19:48
  • उद्वेग, अशुभ, 19:48–21:13
  • शुभ, 21:13–22:38
  • अमृत, शुभ, 22:38–00:03 रवि
  • चर, सामान्य, 00:03–01:29 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:29–02:54 रवि
  • काल, अशुभ, 02:54–04:19 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:19–05:44 रवि
  • गुलिक काल, 05:46–07:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:46–06:36, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:36–07:27, अशुभ
  • राहु काल, 08:55–10:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:39–12:29, शुभ
  • यमगण्ड, 13:39–15:13, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:13–04:59 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Sevan में चैत्र नवरात्रि शनि 31 मार्च को क्यों है?

चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना शनि 31 मार्च को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

प्रतिपदा 05:46 04:00 06:00 08:00 10:00 शनि 31 मार्च स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 05:46–08:17
प्रतिपदा 05:46 04:00 06:00 08:00 10:00 शनि 31 मार्च स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 05:46–08:17
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा शुक्र 30 मार्च को 23:28 से शनि 31 मार्च को 19:55 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रातःकाल (05:44–08:15) उसके भीतर है। चैत्र नवरात्रि · घटस्थापना का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

चैत्र नवरात्रि: Sevan में हर तारीख़

Sevan में नव संवत्सर शनि 31 मार्च को क्यों है?

नव संवत्सर शनि 31 मार्च को है: उस दिन विक्रम संवत् 1957 आरंभ होता है।

अमावस्या 03:15 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 30 मार्च सूर्योदय 05:48 चतुर्दशी 03:15 तक
अमावस्या 03:15 04:00 05:00 06:00 07:00 शुक्र 30 मार्च सूर्योदय 05:48 चतुर्दशी 03:15 तक
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विक्रम संवत् 1957 उस दिन आरंभ होता है जिस दिन सूर्योदय पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हो: शनि 31 मार्च, 05:44 पर। प्रतिपदा 19:55 तक है।

नव संवत्सर: Sevan में हर तारीख़

शनि 31 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 3.7° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 3.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:46। अमावस्या उससे पहले 23:30 शुक्र पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 19:57 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 30 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 31 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:15–05:00

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:15–05:00।

सूर्यास्त 18:21 शुक्र सूर्योदय 05:46 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:21 शुक्र सूर्योदय 05:46 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 30 मार्च की रात सूर्यास्त 18:21 शुक्र से सूर्योदय 05:46 तक थी, 11 घं 25 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 31 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:39–12:29

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:39–12:29।

शनि 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 05:46–06:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:46–06:36 और 06:36–07:27।

शनि 31 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 06:36–07:27

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:46–06:36 और 06:36–07:27।

सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:46 से 18:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:46–06:36 और 06:36–07:27।

शनि 31 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:46–07:21 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:46 से 18:22, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:22 से 05:44 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 31 मार्च को राहुकाल कब है? 08:55–10:30

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:55–10:30।

शनि 31 मार्च को यमगंड कब है? 13:39–15:13

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:39–15:13।

शनि 31 मार्च को गुलिक काल कब है? 05:46–07:21

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:46–07:21।

सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:46 से 18:22 तक है, 12 घं 36 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 31 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 05:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 36 मि का दिन।

शनि 31 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 18:22, 12 घं 36 मि का दिन।

सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:23
सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:23
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 31 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? रेवती

सूर्योदय पर चंद्रमा 351.2° पर था: रेवती, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 351.2° अगला: अश्विनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° रेवती चंद्रमा 351.2° अगला: अश्विनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 350° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:51 को निकलेगा, अश्विनी में।

शनि 31 मार्च को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 698.7° थे, एक चक्कर और 338.7°: इन्द्र।

सूर्य 347.5° + चंद्रमा 351.2° = 698.7° एक चक्कर + 338.7° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 347.5° + चंद्रमा 351.2° = 698.7° एक चक्कर + 338.7° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 347.5° + 351.2° = 698.7°, एक पूरा चक्कर और 338.7°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 17:46 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

शनि 31 मार्च को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 3.7° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 3.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 3.7° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 09:41 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 19:57 तक।

शनि 31 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:46, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:46 से 05:44 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 30 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 12 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

शनि 31 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।

अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 31 मार्च पूर्णिमा 16 मार्च अमावस्या 30 मार्च पूर्णिमा 15 अप्रैल अमावस्या 29 अप्रैल
अमान्त पूर्णिमान्त चैत्र चैत्र कृष्ण शुक्ल शनि 31 मार्च पूर्णिमा 16 मार्च अमावस्या 30 मार्च पूर्णिमा 15 अप्रैल अमावस्या 29 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।

शनि 31 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 1957 · शक 1822

विक्रम संवत 1957 30 मार्च 1900 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1900 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 31 मार्च सूर्य 347.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 1900 23:30 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 31 मार्च सूर्य 347.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 1900, 23:30 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 0.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1957 गिनता है; शक संवत 1822।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 31 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:23

चंद्रमा यहाँ 19:23 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:23
सूर्योदय 05:46 सूर्यास्त 18:22 सूर्योदय 05:44 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:23
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:23 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।