Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया का पंचांग मंगल 30 जनवरी 1900
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
1970 से पहले के समय UTC+3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
त्योहार
मौनी अमावस्या
मौनी अमावस्या मंगल 30 जनवरी को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 30 जनवरी क्यों?
मौनी अमावस्या: Sevan में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या मंगल 30 जनवरी को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। मंगल 30 जनवरी क्यों?
अमावस्या: Sevan में हर तारीख़30 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 जनवरी
- 05:20–06:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:12 से
- 10:58–12:13लाभ चौघड़िया
- 11:53–12:13अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:13–13:29अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:44–15:59शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:15 के बाद
- 18:59–20:44लाभ चौघड़िया
- 22:28–22:49शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:45–00:13 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:13–01:57 बुधअमृत चौघड़िया
-
03:11–04:36 बुधअमृत कालश्रवण में
- 05:19–06:15 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:12–08:27रोगअशुभ
- 08:27–09:42उद्वेगअशुभ
- 09:42–10:58चरसामान्य
- 10:58–12:13लाभशुभ
- 12:13–13:29अमृतगुलिक काल में
- 13:29–14:44कालअशुभ
- 14:44–15:59शुभराहु काल में
- 15:59–17:15रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:15–18:59कालअशुभ
- 18:59–20:44लाभशुभ
- 20:44–22:28उद्वेगअशुभ
- 22:28–00:13 बुधशुभ
- 00:13–01:57 बुधअमृतशुभ
- 01:57–03:42 बुधचरसामान्य
- 03:42–05:26 बुधरोगअशुभ
- 05:26–07:11 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 30 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:20–06:16, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:12–08:27
- उद्वेग, अशुभ, 08:27–09:42
- चर, सामान्य, 09:42–10:58
- लाभ, शुभ, 10:58–12:13
- अमृत, शुभ, 12:13–13:29
- काल, अशुभ, 13:29–14:44
- शुभ, 14:44–15:59
- रोग, अशुभ, 15:59–17:15
- काल, अशुभ, 17:15–18:59
- लाभ, शुभ, 18:59–20:44
- उद्वेग, अशुभ, 20:44–22:28
- शुभ, 22:28–00:13 बुध
- अमृत, शुभ, 00:13–01:57 बुध
- चर, सामान्य, 01:57–03:42 बुध
- रोग, अशुभ, 03:42–05:26 बुध
- काल, अशुभ, 05:26–07:11 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:12–09:53, अशुभ
- यमगण्ड, 09:42–10:58, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:53–12:33, शुभ
- गुलिक काल, 12:13–13:29, अशुभ
- राहु काल, 14:44–15:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:49–23:45, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:19–06:15 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Sevan में मौनी अमावस्या मंगल 30 जनवरी को क्यों है?
मौनी अमावस्या मंगल 30 जनवरी को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
मौनी अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 30 जनवरी को 07:47 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 31 जनवरी को 04:20 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 30 जनवरी। मौनी अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Sevan में अमावस्या मंगल 30 जनवरी को क्यों है?
अमावस्या मंगल 30 जनवरी को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 30 जनवरी को 07:47 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और बुध 31 जनवरी को 04:20 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: मंगल 30 जनवरी। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 30 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 347.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:12। त्रयोदशी उससे पहले 10:51 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 15 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 07:49 को शुरू हुई और 04:22 बुध को समाप्त, 07:12 और 07:11 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को चतुर्दशी है और बुधवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 30 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:20–06:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:20–06:16।
सोम 29 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:13 सोम से सूर्योदय 07:12 तक थी, 13 घं 59 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 30 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:53–12:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:53–12:33।
मंगल 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:12–09:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:12–09:53, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:45।
मंगल 30 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 22:49–23:45
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:12–09:53, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:49–23:45।
यहाँ दिन, 07:12 से 17:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:12–09:53 और 22:49–23:45।
मंगल 30 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:12–08:27 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:12 से 17:15, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:15 से 07:11 बुध, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 30 जनवरी को राहुकाल कब है? 14:44–15:59
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:44–15:59।
मंगल 30 जनवरी को यमगंड कब है? 09:42–10:58
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:42–10:58।
मंगल 30 जनवरी को गुलिक काल कब है? 12:13–13:29
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:13–13:29।
यहाँ दिन 07:12 से 17:15 तक है, 10 घं 3 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 30 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 17:15, 10 घं 3 मि का दिन।
मंगल 30 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 17:15, 10 घं 3 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 3 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 275° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 15:10 को निकलेगा, श्रवण में।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 562.4° थे, एक चक्कर और 202.4°: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 287.4° + 275° = 562.4°, एक पूरा चक्कर और 202.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 23:33 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 347.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 21:23 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:49 तक है।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:12, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:12 से 07:11 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 1 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 13 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 31 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
मंगल 30 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 1956 · शक 1821
विक्रम संवत 1956 10 अप्रैल 1899 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 1899, 09:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 289.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1956 गिनता है; शक संवत 1821।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 30 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:02 बुध
चंद्रमा यहाँ 07:02 बुध पर उदय होता है।
मंगल 30 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 07:02 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 07:02 बुध पर उदय होगा।