tithika
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Şefaatlı, योज़्गट प्रांत, तुर्की का पंचांग शनि 26 दिसंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 17:35 तक

फिर चतुर्थी · 14:43 रवि तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:20

संकष्टी चतुर्थी शनि 26 दिसंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। शनि 26 दिसंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Şefaatlı में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:02 07:59 17:23अगला सूर्योदय 07:59 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:59–09:10कालअशुभ
  • 09:10–10:20शुभ
  • 10:20–11:30रोगअशुभ
  • 11:30–12:41उद्वेगअशुभ
  • 12:41–13:51चरसामान्य
  • 13:51–15:02लाभयमगण्ड में
  • 15:02–16:12अमृतशुभ
  • 16:12–17:23कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:23–19:12लाभशुभ
  • 19:12–21:02उद्वेगअशुभ
  • 21:02–22:51शुभ
  • 22:51–00:41 रविअमृतशुभ
  • 00:41–02:31 रविचरसामान्य
  • 02:31–04:20 रविरोगअशुभ
  • 04:20–06:10 रविकालअशुभ
  • 06:10–07:59 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 26 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:02–07:01, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:59–09:10
  • शुभ, 09:10–10:20
  • रोग, अशुभ, 10:20–11:30
  • उद्वेग, अशुभ, 11:30–12:41
  • चर, सामान्य, 12:41–13:51
  • लाभ, शुभ, 13:51–15:02
  • अमृत, शुभ, 15:02–16:12
  • काल, अशुभ, 16:12–17:23
  • लाभ, शुभ, 17:23–19:12
  • उद्वेग, अशुभ, 19:12–21:02
  • शुभ, 21:02–22:51
  • अमृत, शुभ, 22:51–00:41 रवि
  • चर, सामान्य, 00:41–02:31 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:31–04:20 रवि
  • काल, अशुभ, 04:20–06:10 रवि
  • लाभ, शुभ, 06:10–07:59 रवि
  • गुलिक काल, 07:59–09:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:59–08:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:37–09:14, अशुभ
  • राहु काल, 10:20–11:30, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:00, शुभ
  • यमगण्ड, 13:51–15:02, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:03–07:01 रवि

हर मान कैसे निकलता है

Şefaatlı में संकष्टी चतुर्थी शनि 26 दिसंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी शनि 26 दिसंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शनि 26 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:20
चतुर्थी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शनि 26 दिसंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। गहरी पट्टी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी शनि 26 दिसंबर को 17:35 से रवि 27 दिसंबर को 14:43 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल शनि 26 दिसंबर को है, 20:20 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Şefaatlı में हर तारीख़

शनि 26 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 210.5° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 210.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:59। द्वितीया उससे पहले 20:56 शुक्र पर समाप्त हुई। तृतीया 17:35 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 24 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शनि 26 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:02–07:01

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:02–07:01।

सूर्यास्त 17:22 शुक्र सूर्योदय 07:59 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 25 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:22 शुक्र सूर्योदय 07:59 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 25 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 25 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:22 शुक्र से सूर्योदय 07:59 तक थी, 14 घं 37 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 26 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:00

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:00।

शनि 26 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:59–08:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:59–08:37 और 08:37–09:14।

शनि 26 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:37–09:14

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:59–08:37 और 08:37–09:14।

सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:59 से 17:23, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:59–08:37 और 08:37–09:14।

शनि 26 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:59–09:10 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:59 से 17:23, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:23 से 07:59 रवि, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 26 दिसंबर को राहुकाल कब है? 10:20–11:30

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:20–11:30।

शनि 26 दिसंबर को यमगंड कब है? 13:51–15:02

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:51–15:02।

शनि 26 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 07:59–09:10

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:59–09:10।

सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:59 से 17:23 तक है, 9 घं 24 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 26 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:59, सूर्यास्त 17:23, 9 घं 24 मि का दिन।

शनि 26 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:59, सूर्यास्त 17:23, 9 घं 24 मि का दिन।

सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:06 चंद्रोदय 20:20
सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:06 चंद्रोदय 20:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 24 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 36 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 100.6° पर था: पुष्य, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 100.6° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 100.6° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 100° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:43 को निकलेगा, अश्लेशा में।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा योग है? वैधृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 350.8° थे: वैधृति।

सूर्य 250.2° + चंद्रमा 100.6° = 350.8° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 250.2° + चंद्रमा 100.6° = 350.8° वैधृति 346°40′–360°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 250.2° + 100.6° = 350.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 21:52 को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 210.5° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 210.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 210.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° विष्टि 210°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 07:12 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 17:35 तक है।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:59, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:59 से 07:59 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 9 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 7 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल शनि 26 दिसंबर अमावस्या 9 दिस॰ पूर्णिमा 24 दिस॰ अमावस्या 7 जन॰ पूर्णिमा 22 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल शनि 26 दिसंबर अमावस्या 9 दिस॰ पूर्णिमा 24 दिस॰ अमावस्या 7 जन॰ पूर्णिमा 22 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

शनि 26 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 26 दिसंबर सूर्य 250.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 04:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 26 दिसंबर सूर्य 250.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 04:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 276° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 26 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:20

चंद्रमा यहाँ 20:20 पर उदय होता है।

शनि 26 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:06

सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:06 चंद्रोदय 20:20
सूर्योदय 07:59 सूर्यास्त 17:23 सूर्योदय 07:59 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:06 चंद्रोदय 20:20
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:20 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:20 पर उदय होगा।