Şefaatlı, योज़्गट प्रांत, तुर्की का पंचांग शनि 3 जनवरी 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा शनि 3 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 3 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: Şefaatlı में हर तारीख़3 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 3 जनवरी
- 06:04–07:03ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 08:01 से
- 09:17–10:23शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:26–13:04अभिजीत मुहूर्त
- 13:56–15:07लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 15:07–16:18अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:29 के बाद
- 17:29–19:18लाभ चौघड़िया
- 21:07–22:56शुभ चौघड़िया
- 22:56–00:45 रविअमृत चौघड़िया
- 06:12–08:01 रविलाभ चौघड़िया
- 06:05–07:03 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 08:01–09:12कालअशुभ
- 09:12–10:23शुभ
- 10:23–11:34रोगअशुभ
- 11:34–12:45उद्वेगअशुभ
- 12:45–13:56चरसामान्य
- 13:56–15:07लाभयमगण्ड में
- 15:07–16:18अमृतशुभ
- 16:18–17:29कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:29–19:18लाभशुभ
- 19:18–21:07उद्वेगअशुभ
- 21:07–22:56शुभ
- 22:56–00:45 रविअमृतशुभ
- 00:45–02:34 रविचरसामान्य
- 02:34–04:23 रविरोगअशुभ
- 04:23–06:12 रविकालअशुभ
- 06:12–08:01 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 3 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 06:04–07:03, शुभ
- काल, अशुभ, 08:01–09:12
- शुभ, 09:12–10:23
- रोग, अशुभ, 10:23–11:34
- उद्वेग, अशुभ, 11:34–12:45
- चर, सामान्य, 12:45–13:56
- लाभ, शुभ, 13:56–15:07
- अमृत, शुभ, 15:07–16:18
- काल, अशुभ, 16:18–17:29
- लाभ, शुभ, 17:29–19:18
- उद्वेग, अशुभ, 19:18–21:07
- शुभ, 21:07–22:56
- अमृत, शुभ, 22:56–00:45 रवि
- चर, सामान्य, 00:45–02:34 रवि
- रोग, अशुभ, 02:34–04:23 रवि
- काल, अशुभ, 04:23–06:12 रवि
- लाभ, शुभ, 06:12–08:01 रवि
- गुलिक काल, 08:01–09:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:01–08:39, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:39–09:17, अशुभ
- राहु काल, 10:23–11:34, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:26–13:04, शुभ
- यमगण्ड, 13:56–15:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:05–07:03 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Şefaatlı में पूर्णिमा शनि 3 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा शनि 3 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 2 जनवरी को 16:23 से शनि 3 जनवरी को 13:02 तक है, इसलिए वह केवल शनि 3 जनवरी के सूर्योदय (08:01) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 3 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 177.1° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:01। चतुर्दशी उससे पहले 16:23 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 13:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 20 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शनि 3 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:04–07:03
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:04–07:03।
शुक्र 2 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:28 शुक्र से सूर्योदय 08:01 तक थी, 14 घं 33 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 3 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:26–13:04
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:26–13:04।
शनि 3 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:01–08:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 08:01–08:39 और 08:39–09:17।
शनि 3 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 08:39–09:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 08:01–08:39 और 08:39–09:17।
यहाँ दिन, 08:01 से 17:29, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 08:01–08:39 और 08:39–09:17।
शनि 3 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
08:01–09:12 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 08:01 से 17:29, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:29 से 08:01 रवि, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 3 जनवरी को राहुकाल कब है? 10:23–11:34
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:23–11:34।
शनि 3 जनवरी को यमगंड कब है? 13:56–15:07
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:56–15:07।
शनि 3 जनवरी को गुलिक काल कब है? 08:01–09:12
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 08:01–09:12।
यहाँ दिन 08:01 से 17:29 तक है, 9 घं 28 मि। इसे 1 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 3 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 08:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:01, सूर्यास्त 17:29, 9 घं 28 मि का दिन।
शनि 3 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 08:01, सूर्यास्त 17:29, 9 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 75.7° पर था: आर्द्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:58 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
शनि 3 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 334.3° थे: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 258.6° + 75.7° = 334.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 02:45 रवि को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
शनि 3 जनवरी को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 177.1° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 02:41 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 13:02 तक है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 08:01, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:01 से 08:01 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 3 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 20 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 18 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
शनि 3 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 13:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 273.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 3 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:21
चंद्रमा यहाँ 17:21 पर उदय होता है।
शनि 3 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:15
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:15 पर अस्त हुआ; वह फिर 17:21 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय दिन में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:15 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 17:21 पर उदय होगा।