Şefaatlı, योज़्गट प्रांत, तुर्की का पंचांग गुरु 16 मई 2019
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+3 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 16 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 16 मई क्यों?
प्रदोष व्रत: Şefaatlı में हर तारीख़व्रत का पारण
मोहिनी एकादशी
16 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 16 मई
- 04:09–04:47ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:26 से
- 05:26–07:14शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:08–13:06अभिजीत मुहूर्त
- 12:37–14:25लाभ चौघड़िया
- 14:25–16:12अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:00–19:48शुभ चौघड़िया
-
19:45–21:15अमृत कालचित्रा में
- सूर्यास्त 19:48 के बाद
- 19:48–21:00अमृत चौघड़िया
- 00:37–01:49 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:01–04:13 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:13–05:25 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:08–04:47 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:26–07:14शुभयमगण्ड में
- 07:14–09:01रोगअशुभ
- 09:01–10:49उद्वेगअशुभ
- 10:49–12:37चरसामान्य
- 12:37–14:25लाभशुभ
- 14:25–16:12अमृतराहु काल में
- 16:12–18:00कालअशुभ
- 18:00–19:48शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:48–21:00अमृतशुभ
- 21:00–22:12चरसामान्य
- 22:12–23:24रोगअशुभ
- 23:24–00:37 शुक्रकालअशुभ
- 00:37–01:49 शुक्रलाभशुभ
- 01:49–03:01 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:01–04:13 शुक्रशुभ
- 04:13–05:25 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 16 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:47, शुभ
- शुभ, 05:26–07:14
- रोग, अशुभ, 07:14–09:01
- उद्वेग, अशुभ, 09:01–10:49
- चर, सामान्य, 10:49–12:37
- लाभ, शुभ, 12:37–14:25
- अमृत, शुभ, 14:25–16:12
- काल, अशुभ, 16:12–18:00
- शुभ, 18:00–19:48
- अमृत, शुभ, 19:48–21:00
- चर, सामान्य, 21:00–22:12
- रोग, अशुभ, 22:12–23:24
- काल, अशुभ, 23:24–00:37 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:37–01:49 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:49–03:01 शुक्र
- शुभ, 03:01–04:13 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:13–05:25 शुक्र
- यमगण्ड, 05:26–07:14, अशुभ
- गुलिक काल, 09:01–10:49, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:13–11:11, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:08–13:06, शुभ
- राहु काल, 14:25–16:12, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:58–16:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:47 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Şefaatlı में प्रदोष व्रत गुरु 16 मई को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 16 मई को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 16 मई को 05:45 से शुक्र 17 मई को 03:34 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (19:48–21:43) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 16 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 143.8° आगे था: शुक्ल द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 132°–144° बारहवीं है, शुक्ल द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:26। एकादशी उससे पहले 08:05 बुध पर समाप्त हुई। द्वादशी 05:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 144° होगी। बढ़त 5 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
त्रयोदशी क्षय क्यों है?
त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 05:45 को शुरू हुई और 03:34 शुक्र को समाप्त, 05:26 और 05:25 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को द्वादशी है और शुक्रवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 16 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:47
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:47।
बुध 15 मई की रात सूर्यास्त 19:47 बुध से सूर्योदय 05:26 तक थी, 9 घं 39 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 16 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:08–13:06
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:08–13:06।
गुरु 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:13–11:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:13–11:11 और 15:58–16:56।
गुरु 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:58–16:56
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:13–11:11 और 15:58–16:56।
यहाँ दिन, 05:26 से 19:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:13–11:11 और 15:58–16:56।
गुरु 16 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:26–07:14 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:26 से 19:48, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:48 से 05:25 शुक्र, 1 घं 12 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 16 मई को राहुकाल कब है? 14:25–16:12
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:25–16:12।
गुरु 16 मई को यमगंड कब है? 05:26–07:14
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:26–07:14।
गुरु 16 मई को गुलिक काल कब है? 09:01–10:49
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:01–10:49।
यहाँ दिन 05:26 से 19:48 तक है, 14 घं 22 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 16 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:26
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 19:48, 14 घं 22 मि का दिन।
गुरु 16 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 19:48, 14 घं 22 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 22 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 16 मई को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 174.7° पर था: चित्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 173°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:46 शुक्र को निकलेगा, स्वाती में।
गुरु 16 मई को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 205.5° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 30.8° + 174.7° = 205.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 17:50 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
गुरु 16 मई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 143.8° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:54 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 138° हुई; बालव 05:45 तक है।
गुरु 16 मई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:26, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:26 से 05:25 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 5 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 3 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
गुरु 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष वैशाख का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 मई की अमावस्या ने, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में वैशाख है।
गुरु 16 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2076 · शक 1941
विक्रम संवत 2076 5 अप्रैल 2019 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 5 अप्रैल 2019, 11:50 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 39.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2076 गिनता है; शक संवत 1941।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 16 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 17:05
चंद्रमा यहाँ 17:05 पर उदय होता है।
गुरु 16 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 04:44 शुक्र
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 04:44 शुक्र पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 17:05 पर उदय हुआ; वह फिर 04:44 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।