Same, किलीमंजारो प्रदेश, तंजा़निया का पंचांग गुरु 12 जुलाई 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EAT में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 12 जुलाई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। गुरु 12 जुलाई क्यों?
अमावस्या: Same में हर तारीख़12 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 12 जुलाई
- 05:01–05:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:37 से
- 06:37–08:07शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
11:23–11:59अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · आर्द्रा में
- 12:11–12:58अभिजीत मुहूर्त
- 12:34–14:04लाभ चौघड़िया
- 14:04–15:33अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:02–18:31शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:31 के बाद
- 18:31–20:02अमृत चौघड़िया
- 00:34–02:05 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:36–05:07 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:07–06:37 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:01–05:49 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:37–08:07शुभयमगण्ड में
- 08:07–09:36रोगअशुभ
- 09:36–11:05उद्वेगअशुभ
- 11:05–12:34चरसामान्य
- 12:34–14:04लाभशुभ
- 14:04–15:33अमृतराहु काल में
- 15:33–17:02कालअशुभ
- 17:02–18:31शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:31–20:02अमृतशुभ
- 20:02–21:33चरसामान्य
- 21:33–23:04रोगअशुभ
- 23:04–00:34 शुक्रकालअशुभ
- 00:34–02:05 शुक्रलाभशुभ
- 02:05–03:36 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:36–05:07 शुक्रशुभ
- 05:07–06:37 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 12 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:49, शुभ
- शुभ, 06:37–08:07
- रोग, अशुभ, 08:07–09:36
- उद्वेग, अशुभ, 09:36–11:05
- चर, सामान्य, 11:05–12:34
- लाभ, शुभ, 12:34–14:04
- अमृत, शुभ, 14:04–15:33
- काल, अशुभ, 15:33–17:02
- शुभ, 17:02–18:31
- अमृत, शुभ, 18:31–20:02
- चर, सामान्य, 20:02–21:33
- रोग, अशुभ, 21:33–23:04
- काल, अशुभ, 23:04–00:34 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:34–02:05 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:05–03:36 शुक्र
- शुभ, 03:36–05:07 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:07–06:37 शुक्र
- यमगण्ड, 06:37–08:07, अशुभ
- गुलिक काल, 09:36–11:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:35–11:23, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:11–12:58, शुभ
- राहु काल, 14:04–15:33, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:21–16:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:49 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Same में अमावस्या गुरु 12 जुलाई को क्यों है?
अमावस्या गुरु 12 जुलाई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या गुरु 12 जुलाई को 09:31 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और शुक्र 13 जुलाई को 05:47 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: गुरु 12 जुलाई। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 12 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.3° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:37। त्रयोदशी उससे पहले 13:04 बुध पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 09:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 28 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 09:31 को शुरू हुई और 05:47 शुक्र को समाप्त, 06:37 और 06:37 शुक्र के सूर्योदयों के बीच। गुरुवार को चतुर्दशी है और शुक्रवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
गुरु 12 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:49।
बुध 11 जुलाई की रात सूर्यास्त 18:31 बुध से सूर्योदय 06:37 तक थी, 12 घं 6 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 12 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:11–12:58
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:11–12:58।
गुरु 12 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 10:35–11:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:35–11:23 और 15:21–16:09।
गुरु 12 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 15:21–16:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:35–11:23 और 15:21–16:09।
यहाँ दिन, 06:37 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:35–11:23 और 15:21–16:09।
गुरु 12 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:37–08:07 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:37 से 18:31, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:31 से 06:37 शुक्र, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 12 जुलाई को राहुकाल कब है? 14:04–15:33
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:04–15:33।
गुरु 12 जुलाई को यमगंड कब है? 06:37–08:07
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:37–08:07।
गुरु 12 जुलाई को गुलिक काल कब है? 09:36–11:05
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:36–11:05।
यहाँ दिन 06:37 से 18:31 तक है, 11 घं 54 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 12 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 18:31, 11 घं 54 मि का दिन।
गुरु 12 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:37, सूर्यास्त 18:31, 11 घं 54 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 54 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 71.9° पर था: आर्द्रा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 70° पर उसके पद 2 में आया। वह 19:24 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 157.6° थे: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 85.7° + 71.9° = 157.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 10:13 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.3° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 23:20 बुध पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 09:31 तक है।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:37, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:37 से 06:37 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 13 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 13 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 13 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
गुरु 12 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 16:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 112.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 12 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:56
चंद्रमा यहाँ 17:56 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 17:56 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।