Same, किलीमंजारो प्रदेश, तंजा़निया का पंचांग सोम 20 जून 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EAT में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 20 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 20 जून क्यों?
पूर्णिमा: Same में हर तारीख़20 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 20 जून
- 04:57–05:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:34 से
- 06:34–08:03अमृत चौघड़िया
- 09:32–11:01शुभ चौघड़िया
- 12:30–12:54अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:04–16:58लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:58–18:27अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:27 के बाद
-
22:13–23:55अमृत कालमूल में
- 23:00–00:30 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:01–03:32 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:32–05:03 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:57–05:46 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:34–08:03अमृतशुभ
- 08:03–09:32कालअशुभ
- 09:32–11:01शुभ
- 11:01–12:30रोगअशुभ
- 12:30–13:59उद्वेगअशुभ
- 13:59–15:29चरसामान्य
- 15:29–16:58लाभशुभ
- 16:58–18:27अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:27–19:58चरसामान्य
- 19:58–21:29रोगअशुभ
- 21:29–23:00कालअशुभ
- 23:00–00:30 मंगललाभशुभ
- 00:30–02:01 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:01–03:32 मंगलशुभ
- 03:32–05:03 मंगलअमृतशुभ
- 05:03–06:34 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 20 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:45, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:34–08:03
- काल, अशुभ, 08:03–09:32
- शुभ, 09:32–11:01
- रोग, अशुभ, 11:01–12:30
- उद्वेग, अशुभ, 12:30–13:59
- चर, सामान्य, 13:59–15:29
- लाभ, शुभ, 15:29–16:58
- अमृत, शुभ, 16:58–18:27
- चर, सामान्य, 18:27–19:58
- रोग, अशुभ, 19:58–21:29
- काल, अशुभ, 21:29–23:00
- लाभ, शुभ, 23:00–00:30 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:30–02:01 मंगल
- शुभ, 02:01–03:32 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:32–05:03 मंगल
- चर, सामान्य, 05:03–06:34 मंगल
- राहु काल, 08:03–09:32, अशुभ
- यमगण्ड, 11:01–12:30, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:07–12:54, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:54–13:42, अशुभ
- गुलिक काल, 13:59–15:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:17–16:04, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:57–05:46 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Same में पूर्णिमा सोम 20 जून को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 20 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 19 जून को 13:01 से सोम 20 जून को 14:02 तक है, इसलिए वह केवल सोम 20 जून के सूर्योदय (06:34) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 20 जून को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 176.4° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। चतुर्दशी उससे पहले 13:01 रवि पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 14:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 5 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 20 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:57–05:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:57–05:45।
रवि 19 जून की रात सूर्यास्त 18:27 रवि से सूर्योदय 06:34 तक थी, 12 घं 7 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 20 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:07–12:54
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:07–12:54।
सोम 20 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:54–13:42
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:54–13:42 और 15:17–16:04।
सोम 20 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 15:17–16:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:54–13:42 और 15:17–16:04।
यहाँ दिन, 06:34 से 18:27, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:54–13:42 और 15:17–16:04।
सोम 20 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:34–08:03 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:34 से 18:27, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:27 से 06:34 मंगल, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 20 जून को राहुकाल कब है? 08:03–09:32
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:03–09:32।
सोम 20 जून को यमगंड कब है? 11:01–12:30
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:01–12:30।
सोम 20 जून को गुलिक काल कब है? 13:59–15:29
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:59–15:29।
यहाँ दिन 06:34 से 18:27 तक है, 11 घं 53 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 20 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 18:27, 11 घं 53 मि का दिन।
सोम 20 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:27
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 18:27, 11 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 20 जून को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 241.6° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 05:00 मंगल को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
सोम 20 जून को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 306.8° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 65.2° + 241.6° = 306.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 06:05 मंगल को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 20 जून को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 176.4° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 01:35 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 14:02 तक है।
सोम 20 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:34 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 20 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 5 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
सोम 20 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।
सोम 20 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 71.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 20 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:35
चंद्रमा यहाँ 18:35 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:35 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।