tithika
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साटली, अज़रबैजान का पंचांग बुध 1 अगस्त 2035

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

द्वादशी

कृष्ण पक्ष · 07:21 तक

फिर त्रयोदशी · 03:55 गुरु तक

यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं कारण जानें

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
20:00⁠–⁠21:57
प्रदोष काल 20:00⁠–⁠21:57

प्रदोष व्रत बुध 1 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 1 अगस्त क्यों?

प्रदोष व्रत: साटली में हर तारीख़

व्रत

मासिक शिवरात्रि

निशीथ पूजा मुहूर्त
00:33⁠–⁠01:12 गुरु
निशीथ काल 00:33⁠–⁠01:12 गुरु

मासिक शिवरात्रि बुध 1 अगस्त को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है। बुध 1 अगस्त क्यों?

मासिक शिवरात्रि: साटली में हर तारीख़

व्रत का पारण

कामिका एकादशी

पारण बुध 1 अगस्त, 05:44⁠–⁠07:21
कामिका एकादशी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:26 05:44 20:00अगला सूर्योदय 05:45 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:44–07:31लाभशुभ
  • 07:31–09:18अमृतयमगण्ड में
  • 09:18–11:05कालअशुभ
  • 11:05–12:52शुभगुलिक काल में
  • 12:52–14:39रोगअशुभ
  • 14:39–16:26उद्वेगअशुभ
  • 16:26–18:13चरसामान्य
  • 18:13–20:00लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:00–21:13उद्वेगअशुभ
  • 21:13–22:26शुभ
  • 22:26–23:39अमृतशुभ
  • 23:39–00:52 गुरुचरसामान्य
  • 00:52–02:06 गुरुरोगअशुभ
  • 02:06–03:19 गुरुकालअशुभ
  • 03:19–04:32 गुरुलाभशुभ
  • 04:32–05:45 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:26–05:05, शुभ
  • लाभ, शुभ, 05:44–07:31
  • अमृत, शुभ, 07:31–09:18
  • काल, अशुभ, 09:18–11:05
  • शुभ, 11:05–12:52
  • रोग, अशुभ, 12:52–14:39
  • उद्वेग, अशुभ, 14:39–16:26
  • चर, सामान्य, 16:26–18:13
  • लाभ, शुभ, 18:13–20:00
  • उद्वेग, अशुभ, 20:00–21:13
  • शुभ, 21:13–22:26
  • अमृत, शुभ, 22:26–23:39
  • चर, सामान्य, 23:39–00:52 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:52–02:06 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:06–03:19 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:19–04:32 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:32–05:45 गुरु
  • यमगण्ड, 07:31–09:18, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:05–12:52, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:23–13:21, अशुभ
  • राहु काल, 12:52–14:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:27–05:06 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

साटली में प्रदोष व्रत बुध 1 अगस्त को क्यों है?

प्रदोष व्रत बुध 1 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 31 जुलाई प्रदोष काल 20:01–21:58
द्वादशी 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 मंगल 31 जुलाई प्रदोष काल 20:01–21:58
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 1 अगस्त को 07:21 से गुरु 2 अगस्त को 03:55 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (20:00–21:57) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: साटली में हर तारीख़

साटली में मासिक शिवरात्रि बुध 1 अगस्त को क्यों है?

मासिक शिवरात्रि बुध 1 अगस्त को है: चतुर्दशी किसी भी रात निशीथ काल को नहीं छूती, और पहला दिन लिया जाता है।

त्रयोदशी 03:55 23:00 00:00 01:00 02:00 03:00 बुध 1 अगस्त स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:33–01:12 गुरु चतुर्दशी 03:55 गुरु से
त्रयोदशी 03:55 23:00 01:00 बुध 1 अगस्त स्मार्त · वैष्णव निशीथ काल 00:33–01:12 गुरु चतुर्दशी 03:55 गुरु से
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: निशीथ काल। गहरी पट्टी: रात।

शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 2 अगस्त को 03:55 से शुक्र 3 अगस्त को 00:29 तक है, दोनों रात के निशीथ काल के बीच, किसी को नहीं छूती। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 1 अगस्त। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।

मासिक शिवरात्रि: साटली में हर तारीख़

बुध 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 323.1° आगे था: कृष्ण द्वादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 323.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:44। एकादशी उससे पहले 10:37 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 07:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 20 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

त्रयोदशी क्षय क्यों है?

त्रयोदशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन त्रयोदशी नहीं होता।

द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी बुध 1 अगस्त सुबह गुरु 2 अगस्त सुबह साटली UTC+4 07:21 03:55 05:44 द्वादशी 05:45 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
द्वादशी त्रयोदशी त्रयोदशी चतुर्दशी बुध 1 अगस्त सुबह गुरु 2 अगस्त सुबह साटली UTC+4 07:21 03:55 05:44 द्वादशी 05:45 चतुर्दशी त्रयोदशी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। त्रयोदशी 07:21 को शुरू हुई और 03:55 गुरु को समाप्त, 05:44 और 05:45 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वादशी है और गुरुवार को चतुर्दशी: त्रयोदशी यहाँ क्षय तिथि है।

बुध 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:26–05:05

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:26–05:05।

सूर्यास्त 20:01 मंगल सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 31 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:01 मंगल सूर्योदय 05:44 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 31 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:01 मंगल से सूर्योदय 05:44 तक थी, 9 घं 43 मि। इसे 38 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:23–13:21

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:23–13:21।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:44 से 20:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 57 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:23–13:21: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:44–07:31 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:44 से 20:00, 1 घं 47 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:00 से 05:45 गुरु, 1 घं 13 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:52–14:39

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:52–14:39।

बुध 1 अगस्त को यमगंड कब है? 07:31–09:18

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:31–09:18।

बुध 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 11:05–12:52

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:05–12:52।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 05:44 से 20:00 तक है, 14 घं 16 मि। इसे 1 घं 47 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 20:00, 14 घं 16 मि का दिन।

बुध 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 20:00, 14 घं 16 मि का दिन।

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 04:06 गुरु
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 04:06 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 67.4° पर था: आर्द्रा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 67.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 67.4° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 01:58 गुरु को निकलेगा, पुनर्वसु में।

बुध 1 अगस्त को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 171.7° थे: व्याघात।

सूर्य 104.3° + चंद्रमा 67.4° = 171.7° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 104.3° + चंद्रमा 67.4° = 171.7° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 104.3° + 67.4° = 171.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 08:09 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

बुध 1 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 323.1° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 323.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 323.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल द्वादशी 312°–324° तैतिल 318°–324° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 21:01 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 07:21 तक है।

बुध 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:44, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:44 से 05:45 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 5 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 3 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

बुध 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।

अमान्त श्रावण पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 1 अगस्त अमावस्या 5 जुल॰ पूर्णिमा 20 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰
अमान्त पूर्णिमान्त श्रावण आषाढ़ कृष्ण शुक्ल बुध 1 अगस्त अमावस्या 5 जुल॰ पूर्णिमा 20 जुल॰ अमावस्या 3 अग॰ पूर्णिमा 19 अग॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।

बुध 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2092 · शक 1957

विक्रम संवत 2092 8 अप्रैल 2035 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 14:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 1 अगस्त सूर्य 104.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2035 14:57 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 1 अगस्त सूर्य 104.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2035, 14:57 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 110.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2092 गिनता है; शक संवत 1957।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:06 गुरु

चंद्रमा यहाँ 04:06 गुरु पर उदय होता है।

बुध 1 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:50

सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 04:06 गुरु
सूर्योदय 05:44 सूर्यास्त 20:00 सूर्योदय 05:45 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:50 चंद्रोदय 04:06 गुरु
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:06 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:06 गुरु पर उदय होगा।