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साटली, अज़रबैजान का पंचांग शनि 1 जुलाई 2034

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

पूर्णिमा

शुक्ल पक्ष · 21:44 तक

फिर प्रतिपदा · 22:28 रवि तक

व्रत

पूर्णिमा

पूर्णिमा शनि 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। शनि 1 जुलाई क्यों?

पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:09 05:21 20:18अगला सूर्योदय 05:22 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:21–07:13कालअशुभ
  • 07:13–09:05शुभ
  • 09:05–10:58रोगअशुभ
  • 10:58–12:50उद्वेगअशुभ
  • 12:50–14:42चरसामान्य
  • 14:42–16:34लाभयमगण्ड में
  • 16:34–18:26अमृतशुभ
  • 18:26–20:18कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:18–21:26लाभशुभ
  • 21:26–22:34उद्वेगअशुभ
  • 22:34–23:42शुभ
  • 23:42–00:50 रविअमृतशुभ
  • 00:50–01:58 रविचरसामान्य
  • 01:58–03:06 रविरोगअशुभ
  • 03:06–04:14 रविकालअशुभ
  • 04:14–05:22 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:45, शुभ
  • काल, अशुभ, 05:21–07:13
  • शुभ, 07:13–09:05
  • रोग, अशुभ, 09:05–10:58
  • उद्वेग, अशुभ, 10:58–12:50
  • चर, सामान्य, 12:50–14:42
  • लाभ, शुभ, 14:42–16:34
  • अमृत, शुभ, 16:34–18:26
  • काल, अशुभ, 18:26–20:18
  • लाभ, शुभ, 20:18–21:26
  • उद्वेग, अशुभ, 21:26–22:34
  • शुभ, 22:34–23:42
  • अमृत, शुभ, 23:42–00:50 रवि
  • चर, सामान्य, 00:50–01:58 रवि
  • रोग, अशुभ, 01:58–03:06 रवि
  • काल, अशुभ, 03:06–04:14 रवि
  • लाभ, शुभ, 04:14–05:22 रवि
  • गुलिक काल, 05:21–07:13, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 05:21–06:21, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 06:21–07:21, अशुभ
  • राहु काल, 09:05–10:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:20–13:20, शुभ
  • यमगण्ड, 14:42–16:34, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:45 रवि

हर मान कैसे निकलता है

साटली में पूर्णिमा शनि 1 जुलाई को क्यों है?

पूर्णिमा शनि 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।

पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 शनि 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:21
पूर्णिमा 04:00 05:00 06:00 07:00 शनि 1 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 05:21
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा शुक्र 30 जून को 20:35 से शनि 1 जुलाई को 21:44 तक है, इसलिए वह केवल शनि 1 जुलाई के सूर्योदय (05:21) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

पूर्णिमा: साटली में हर तारीख़

शनि 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 172.2° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।

सूर्य अमावस्या 0° 172.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 172.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:21। चतुर्दशी उससे पहले 20:35 शुक्र पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 21:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 16 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:45।

सूर्यास्त 20:18 शुक्र सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:18 शुक्र सूर्योदय 05:21 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 30 जून की रात सूर्यास्त 20:18 शुक्र से सूर्योदय 05:21 तक थी, 9 घं 3 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:20–13:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:20–13:20।

शनि 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:21–06:21

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:21–06:21 और 06:21–07:21।

शनि 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:21–07:21

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:21–06:21 और 06:21–07:21।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 05:21 से 20:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:21–06:21 और 06:21–07:21।

शनि 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:21–07:13 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:21 से 20:18, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:18 से 05:22 रवि, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 09:05–10:58

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:05–10:58।

शनि 1 जुलाई को यमगंड कब है? 14:42–16:34

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:42–16:34।

शनि 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 05:21–07:13

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:21–07:13।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 05:21 से 20:18 तक है, 14 घं 57 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 57 मि का दिन।

शनि 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 57 मि का दिन।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:49
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:49
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मूल

सूर्योदय पर चंद्रमा 247.1° पर था: मूल, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 247.1° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मूल चंद्रमा 247.1° अगला: पूर्वाषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 246°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:19 को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।

शनि 1 जुलाई को कौन सा योग है? ब्रह्म

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 322.1° थे: ब्रह्म।

सूर्य 75.0° + चंद्रमा 247.1° = 322.1° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 75.0° + चंद्रमा 247.1° = 322.1° ब्रह्म 320°00′–333°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 75° + 247.1° = 322.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 01:25 रवि को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।

शनि 1 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 172.2° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 172.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 172.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पूर्णिमा 168°–180° विष्टि 168°–174° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 09:13 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 21:44 तक।

शनि 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:21, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:21 से 05:22 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)

16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 14:25 शुक्र से 15 जुलाई 22:15 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 23:17 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।

अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 1 जुलाई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰
अमान्त आषाढ़ (अधिक) पूर्णिमान्त आषाढ़ (अधिक) कृष्ण शुक्ल शनि 1 जुलाई पूर्णिमा 2 जून अमावस्या 16 जून पूर्णिमा 1 जुल॰ अमावस्या 15 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ (अधिक) है।

शनि 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956

विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 1 जुलाई सूर्य 75.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2034 14:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 1 जुलाई सूर्य 75.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 14:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 99.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:49

चंद्रमा यहाँ 19:49 पर उदय होता है।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:49
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:22 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रोदय 19:49
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा 19:49 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।