साटली, अज़रबैजान का पंचांग सोम 22 अगस्त 2033
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत सोम 22 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 22 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: साटली में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 22 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 22 अगस्त क्यों?
मासिक शिवरात्रि: साटली में हर तारीख़22 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 22 अगस्त
- 04:40–05:22ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:04 से
- 06:04–07:45अमृत चौघड़िया
- 09:26–11:07शुभ चौघड़िया
- 12:48–13:15अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 16:51–17:51लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 17:51–19:32अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:32 के बाद
- 23:30–00:49 मंगललाभ चौघड़िया
-
01:59–03:41 मंगलअमृत कालपुष्य में
- 02:08–03:27 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:27–04:46 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:41–05:23 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:04–07:45अमृतशुभ
- 07:45–09:26कालअशुभ
- 09:26–11:07शुभ
- 11:07–12:48रोगअशुभ
- 12:48–14:29उद्वेगअशुभ
- 14:29–16:10चरसामान्य
- 16:10–17:51लाभशुभ
- 17:51–19:32अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:32–20:52चरसामान्य
- 20:52–22:11रोगअशुभ
- 22:11–23:30कालअशुभ
- 23:30–00:49 मंगललाभशुभ
- 00:49–02:08 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:08–03:27 मंगलशुभ
- 03:27–04:46 मंगलअमृतशुभ
- 04:46–06:05 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 22 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:40–05:22, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:04–07:45
- काल, अशुभ, 07:45–09:26
- शुभ, 09:26–11:07
- रोग, अशुभ, 11:07–12:48
- उद्वेग, अशुभ, 12:48–14:29
- चर, सामान्य, 14:29–16:10
- लाभ, शुभ, 16:10–17:51
- अमृत, शुभ, 17:51–19:32
- चर, सामान्य, 19:32–20:52
- रोग, अशुभ, 20:52–22:11
- काल, अशुभ, 22:11–23:30
- लाभ, शुभ, 23:30–00:49 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:49–02:08 मंगल
- शुभ, 02:08–03:27 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:27–04:46 मंगल
- चर, सामान्य, 04:46–06:05 मंगल
- राहु काल, 07:45–09:26, अशुभ
- यमगण्ड, 11:07–12:48, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:15, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:15–14:09, अशुभ
- गुलिक काल, 14:29–16:10, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:57–16:51, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:23 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
साटली में प्रदोष व्रत सोम 22 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत सोम 22 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी रवि 21 अगस्त को 22:40 से सोम 22 अगस्त को 23:13 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:32–21:39) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
साटली में मासिक शिवरात्रि सोम 22 अगस्त को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 22 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 22 अगस्त को 23:13 से बुध 24 अगस्त को 00:13 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (00:28 मंगल–01:10 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 22 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.6° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:04। द्वादशी उससे पहले 22:40 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 23:13 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 10 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 22 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:40–05:22
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:40–05:22।
रवि 21 अगस्त की रात सूर्यास्त 19:34 रवि से सूर्योदय 06:04 तक थी, 10 घं 30 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 22 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:15
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:15।
सोम 22 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 13:15–14:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:15–14:09 और 15:57–16:51।
सोम 22 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 15:57–16:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:15–14:09 और 15:57–16:51।
यहाँ दिन, 06:04 से 19:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:15–14:09 और 15:57–16:51।
सोम 22 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:04–07:45 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:04 से 19:32, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:32 से 06:05 मंगल, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 22 अगस्त को राहुकाल कब है? 07:45–09:26
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:45–09:26।
सोम 22 अगस्त को यमगंड कब है? 11:07–12:48
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:07–12:48।
सोम 22 अगस्त को गुलिक काल कब है? 14:29–16:10
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:29–16:10।
यहाँ दिन 06:04 से 19:32 तक है, 13 घं 28 मि। इसे 1 घं 41 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 22 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 19:32, 13 घं 28 मि का दिन।
सोम 22 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 19:32, 13 घं 28 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 28 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 22 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 92.6° पर था: पुनर्वसु, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:23 को निकलेगा, पुष्य में।
सोम 22 अगस्त को कौन सा योग है? व्यतीपात
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 217.6° थे: व्यतीपात।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 125° + 92.6° = 217.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 213°20′–226°40′ सत्रहवाँ है, व्यतीपात। यह 21:59 को समाप्त होता है, फिर वरीयान्।
सोम 22 अगस्त को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 327.6° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 10:53 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 23:13 तक।
सोम 22 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:04, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:04 से 06:05 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 22 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 26 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
सोम 22 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
सोम 22 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955
विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 21:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 139° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 22 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:33 मंगल
चंद्रमा यहाँ 04:33 मंगल पर उदय होता है।
सोम 22 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:49
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:49 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:33 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:49 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:33 मंगल पर उदय होगा।