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साटली, अज़रबैजान का पंचांग मंगल 1 जुलाई 2031

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

एकादशी

शुक्ल पक्ष · 12:24 तक

फिर द्वादशी · 09:42 बुध तक

व्रत

देवशयनी एकादशी

पारण समय
05:21⁠–⁠09:42 बुध
बुध 2 जुलाई
व्रत आरंभ
05:21

देवशयनी एकादशी मंगल 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 1 जुलाई क्यों?

देवशयनी एकादशी: साटली में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:09 05:21 20:18अगला सूर्योदय 05:21 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:21–07:13रोगअशुभ
  • 07:13–09:05उद्वेगअशुभ
  • 09:05–10:58चरसामान्य
  • 10:58–12:50लाभशुभ
  • 12:50–14:42अमृतगुलिक काल में
  • 14:42–16:34कालअशुभ
  • 16:34–18:26शुभराहु काल में
  • 18:26–20:18रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 20:18–21:26कालअशुभ
  • 21:26–22:34लाभशुभ
  • 22:34–23:42उद्वेगअशुभ
  • 23:42–00:50 बुधशुभ
  • 00:50–01:58 बुधअमृतशुभ
  • 01:58–03:06 बुधचरसामान्य
  • 03:06–04:14 बुधरोगअशुभ
  • 04:14–05:21 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 1 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:45, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:21–07:13
  • उद्वेग, अशुभ, 07:13–09:05
  • चर, सामान्य, 09:05–10:58
  • लाभ, शुभ, 10:58–12:50
  • अमृत, शुभ, 12:50–14:42
  • काल, अशुभ, 14:42–16:34
  • शुभ, 16:34–18:26
  • रोग, अशुभ, 18:26–20:18
  • काल, अशुभ, 20:18–21:26
  • लाभ, शुभ, 21:26–22:34
  • उद्वेग, अशुभ, 22:34–23:42
  • शुभ, 23:42–00:50 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:50–01:58 बुध
  • चर, सामान्य, 01:58–03:06 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:06–04:14 बुध
  • काल, अशुभ, 04:14–05:21 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:20–09:20, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:05–10:58, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:20–13:20, शुभ
  • गुलिक काल, 12:50–14:42, अशुभ
  • राहु काल, 16:34–18:26, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:56–00:32 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:45 बुध

हर मान कैसे निकलता है

साटली में देवशयनी एकादशी मंगल 1 जुलाई को क्यों है?

देवशयनी एकादशी मंगल 1 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

दशमी 05:20 02:00 03:00 04:00 05:00 06:00 07:00 सोम 30 जून अरुणोदय 03:44–05:20
दशमी 05:20 02:00 04:00 06:00 सोम 30 जून अरुणोदय 03:44–05:20
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 1 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:21: मंगल 1 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:26 सोम पर, उससे (03:45–05:21) पहले, समाप्त हुई।

देवशयनी एकादशी: साटली में हर तारीख़

मंगल 1 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल एकादशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 128.1° आगे था: शुक्ल एकादशी।

सूर्य अमावस्या 0° 128.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 128.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 120°–132° ग्यारहवीं है, शुक्ल एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:21। दशमी उससे पहले 14:26 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 12:24 को समाप्त होगी, जब बढ़त 132° होगी। बढ़त 20 जून की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 1 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:45।

सूर्यास्त 20:18 सोम सूर्योदय 05:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 जून का दिन 14 1
सूर्यास्त 20:18 सोम सूर्योदय 05:21 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 30 जून का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 30 जून की रात सूर्यास्त 20:18 सोम से सूर्योदय 05:21 तक थी, 9 घं 3 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 1 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:20–13:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:20–13:20।

मंगल 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:20–09:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:20–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:56–00:32 बुध।

मंगल 1 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:56–00:32 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:20–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:56–00:32 बुध।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:21 से 20:18, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:20–09:20 और 23:56–00:32 बुध।

मंगल 1 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:21–07:13 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:21 से 20:18, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 20:18 से 05:21 बुध, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 1 जुलाई को राहुकाल कब है? 16:34–18:26

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:34–18:26।

मंगल 1 जुलाई को यमगंड कब है? 09:05–10:58

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:05–10:58।

मंगल 1 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:50–14:42

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:50–14:42।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:21 से 20:18 तक है, 14 घं 57 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 1 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:21

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 57 मि का दिन।

मंगल 1 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:18

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 20:18, 14 घं 57 मि का दिन।

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:47 बुध चंद्रोदय 16:42
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:47 बुध चंद्रोदय 16:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 57 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 202.9° पर था: विशाखा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 202.9° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 202.9° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 22:54 को निकलेगा, अनुराधा में।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 277.7° थे: सिद्ध।

सूर्य 74.8° + चंद्रमा 202.9° = 277.7° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 74.8° + चंद्रमा 202.9° = 277.7° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 74.8° + 202.9° = 277.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 09:06 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 128.1° थी: एकादशी का दूसरा आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 128.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 128.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण एकादशी 120°–132° विष्टि 126°–132° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 01:30 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 126° हुई; विष्टि 12:24 तक है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:21, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:21 से 05:21 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़

यह मास 20 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।

1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
1 2 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 17 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 19 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 1 जुलाई पूर्णिमा 5 जून अमावस्या 20 जून पूर्णिमा 4 जुल॰ अमावस्या 19 जुल॰
अमान्त आषाढ़ पूर्णिमान्त आषाढ़ कृष्ण शुक्ल मंगल 1 जुलाई पूर्णिमा 5 जून अमावस्या 20 जून पूर्णिमा 4 जुल॰ अमावस्या 19 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 जून की अमावस्या ने, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आषाढ़ है।

मंगल 1 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953

विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 07:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 जुलाई सूर्य 74.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 07:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 1 जुलाई सूर्य 74.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 07:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 96.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 1 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:42

चंद्रमा यहाँ 16:42 पर उदय होता है।

मंगल 1 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:47 बुध

सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:47 बुध चंद्रोदय 16:42
सूर्योदय 05:21 सूर्यास्त 20:18 सूर्योदय 05:21 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:47 बुध चंद्रोदय 16:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:47 बुध पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:42 पर उदय हुआ; वह फिर 02:47 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।