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साटली, अज़रबैजान का पंचांग रवि 23 दिसंबर 2029

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में

सूर्योदय और सूर्यास्त

06:07 08:05 17:25अगला सूर्योदय 08:05 सोम

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 08:05–09:15उद्वेगअशुभ
  • 09:15–10:25चरसामान्य
  • 10:25–11:35लाभशुभ
  • 11:35–12:45अमृतशुभ
  • 12:45–13:55कालअशुभ
  • 13:55–15:05शुभ
  • 15:05–16:15रोगअशुभ
  • 16:15–17:25उद्वेगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:25–19:15शुभ
  • 19:15–21:05अमृतशुभ
  • 21:05–22:55चरसामान्य
  • 22:55–00:45 सोमरोगअशुभ
  • 00:45–02:35 सोमकालअशुभ
  • 02:35–04:25 सोमलाभशुभ
  • 04:25–06:15 सोमउद्वेगअशुभ
  • 06:15–08:05 सोमशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, रवि 23 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 06:07–07:06, शुभ
  • उद्वेग, अशुभ, 08:05–09:15
  • चर, सामान्य, 09:15–10:25
  • लाभ, शुभ, 10:25–11:35
  • अमृत, शुभ, 11:35–12:45
  • काल, अशुभ, 12:45–13:55
  • शुभ, 13:55–15:05
  • रोग, अशुभ, 15:05–16:15
  • उद्वेग, अशुभ, 16:15–17:25
  • शुभ, 17:25–19:15
  • अमृत, शुभ, 19:15–21:05
  • चर, सामान्य, 21:05–22:55
  • रोग, अशुभ, 22:55–00:45 सोम
  • काल, अशुभ, 00:45–02:35 सोम
  • लाभ, शुभ, 02:35–04:25 सोम
  • उद्वेग, अशुभ, 04:25–06:15 सोम
  • शुभ, 06:15–08:05 सोम
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:26–13:04, शुभ
  • यमगण्ड, 12:45–13:55, अशुभ
  • गुलिक काल, 15:05–16:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 16:11–16:48, अशुभ
  • राहु काल, 16:15–17:25, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 06:08–07:07 सोम

हर मान कैसे निकलता है

रवि 23 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 205.5° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 205.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 205.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 08:05। द्वितीया उससे पहले 05:00 पर समाप्त हुई। तृतीया 05:25 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 21 दिसंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

रवि 23 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 06:07–07:06

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 06:07–07:06।

सूर्यास्त 17:25 शनि सूर्योदय 08:05 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 22 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:25 शनि सूर्योदय 08:05 रवि समय, ऊँचाई नहीं शनि 22 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शनिवार का दिन धुँधला

शनि 22 दिसंबर की रात सूर्यास्त 17:25 शनि से सूर्योदय 08:05 तक थी, 14 घं 40 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

रवि 23 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:26–13:04

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:26–13:04।

रवि 23 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:11–16:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:11–16:48।

सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 14 1
सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 14

यहाँ दिन, 08:05 से 17:25, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:11–16:48।

रवि 23 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

08:05–09:15 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं उद्वेग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 08:05 से 17:25, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:25 से 08:05 सोम, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

रवि 23 दिसंबर को राहुकाल कब है? 16:15–17:25

राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:15–17:25।

रवि 23 दिसंबर को यमगंड कब है? 12:45–13:55

यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:45–13:55।

रवि 23 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 15:05–16:15

गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:05–16:15।

सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 5, गुलिक काल 7

यहाँ दिन 08:05 से 17:25 तक है, 9 घं 20 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

रवि 23 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 08:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:05, सूर्यास्त 17:25, 9 घं 20 मि का दिन।

रवि 23 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:25

यहाँ दिन: सूर्योदय 08:05, सूर्यास्त 17:25, 9 घं 20 मि का दिन।

सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:37 चंद्रोदय 20:00
सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:37 चंद्रोदय 20:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु

सूर्योदय पर चंद्रमा 92.8° पर था: पुनर्वसु, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.8° अगला: पुष्य पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुनर्वसु चंद्रमा 92.8° अगला: पुष्य पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:02 को निकलेगा, पुष्य में।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 340.1° थे: इन्द्र।

सूर्य 247.3° + चंद्रमा 92.8° = 340.1° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 247.3° + चंद्रमा 92.8° = 340.1° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 247.3° + 92.8° = 340.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 19:25 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 205.5° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 205.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 205.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:16 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 05:25 सोम तक।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार

यह दिन रविवार को सूर्योदय, 08:05, पर शुरू हुआ: रविवार।

रविवार सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
रविवार सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं 00:00 सोम अब भी रविवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 08:05 से 08:05 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 5 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 23 दिसंबर अमावस्या 5 दिस॰ पूर्णिमा 21 दिस॰ अमावस्या 4 जन॰ पूर्णिमा 19 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल रवि 23 दिसंबर अमावस्या 5 दिस॰ पूर्णिमा 21 दिस॰ अमावस्या 4 जन॰ पूर्णिमा 19 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जनवरी की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।

रवि 23 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951

विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 08:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 23 दिसंबर सूर्य 247.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 15 मार्च 2029 08:19 · सूर्य मीन में सूर्योदय, रवि 23 दिसंबर सूर्य 247.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 08:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 276.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

रवि 23 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:00

चंद्रमा यहाँ 20:00 पर उदय होता है।

रवि 23 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:37

सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:37 चंद्रोदय 20:00
सूर्योदय 08:05 सूर्यास्त 17:25 सूर्योदय 08:05 सोम समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:37 चंद्रोदय 20:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:37 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:00 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:37 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:00 पर उदय होगा।